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कलेक्टर से बोले छात्र, शिक्षक पढ़ाने के बजाये करते गली- गलौच, घरेलू बाते

मंदसौर। अलावदाखेड़ी के माध्यमिक स्कूल में गुरुवार को जब कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव व जिला पंचायत सीईओ आदित्यसिंह पहुंचे तो छात्रों ने शिक्षक के खिलाफ शिकायतों की झंडी लगा दी। जब कलेक्टर ने छात्रों से पूछा कि क्या पढ़ाते है शिक्षक तो सभी छात्र एक साथ बोले कुछ नहीं पढ़ाते, सिर्फ गाली-गलौच और घर की बातें यहां बताते है। अभी तक किताबे नहीं खोली और कुछ नहीं पढ़ाया। एक दिन किताब खोली तो सीधे दसवा पाठ पढ़ाने लगे। इसके बाद कलेक्टर ने मौजूद शिक्षक अशोक सोनी से जब सवाल किए तो वह बगले झांकने लगे और जवाब नहीं दे पाए। कलेक्टर बोले की अपने रिकॉर्ड की डायरी बताओ। क्या पढ़ाया। तो कुछ नहीं मिला। इस पर कलेक्टर ने फटकार लगाते हुए सीधे सस्पेंड करने की बात कही। साथ ही जिला पंचायत सीईओ से कहा कि विभागीय जांच करवाकर इसे सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की जाए। इसके बाद स्कूल के रिकॉर्डसे लेकर अन्य सभी दस्तावेजों का परीक्षण किया। इसके बाद प्राथमिक स्कूल अलावदाखेड़ी पहुंचे। वहां इन्होंने छात्रों को किताब पढ़वाकर देखा तो कुछ छात्रों ने तो ठीक से पढ़ा लेकिन कुछ पढऩे में अटकते रहें। इसी बीच जब मध्यान्ह भोजन यहां आया तो उन्होंने लगे हाथ मध्यान्ह भोजन भी चेक कर लिया। तो गुणवत्ताविहीन भोजन मिला। इस पर उन्होंने इसकी भी जांच के आदेश दिए।यहां मौजूद आंगनवाड़ी के बच्चों से पूछा कि नाश्ते में क्या खाया तो जवाब मिला कि गुड-चना। कलेक्टर-सीईओ प्रतिभा पर्व के तहत यहां निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान डीपीसी अनिल भट्ट भी मौजूद थे।

पहले भी चार साल तक रहे सस्पेंड
जिला पंचायत सीईओ आदित्य सिंह ने बताया कि प्रतिभा पर्व के तहत स्कूलों में निरीक्षणके लिए गए थे। फतेहगढ़ के स्कूल में निरीक्षण किया। वहां सबकुछ ठीक मिला। अलावदाखेड़ी में गए। वहां शिक्षक की पहले से शिकायत थी जो सही पाईगई। शिक्षक की कार्यशैली ही ऐसी है। पूर्व में चार साल तक सस्पेंड थे। कुछ माह पहले ही बहाल हुए थे। शिकायत पर सस्पेंड किया हैऔर सीआर पता कर आगे की कार्रवाई करेंगे।

सस्पेंड विकल्प नहीं
कलेक्टर ने बताया कि प्रतिभा पर्व के तहत निरीक्षण के लिए आए थे। शिक्षक की पहले से शिकायत थी। शिक्षक कार्य ठीक नहीं पाया। बच्चों ने शिकायत की। वह सही पाईगई। इसी लिए सस्पेंड करने के निर्देश दिए, लेकिन सस्पेंड विकल्प नहीं। सात दिनों में सीआर सहित अन्य जांच करवाकर सेवा से पृथक करने की कार्रवाईके लिए सीईओ को कहा है। मध्यान्ह भोजन एक ही जगह बन रहा है जो अनुचित है। स्थानीय स्तर पर बनेगा तो गुणवत्ता सही होगी। इसलिए स्व सहायता समूह के माध्यम से भोजन बनवाने के निर्देश दिए है।

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