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कलेक्‍टर ने चलाया अशासकिय स्‍कूलों पर डंडा

आगामी शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह ने जिले की सभी अशासकीय शालाओं के प्राचार्यो व संस्था प्रमुखों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए है। कलेक्टर सिंह ने सभी अशासकीय शालाओं के प्राचार्यो व संस्था प्रमुखों को इन सभी दिशा-निर्देशों का कडाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत आदि प्राप्त होने पर संबंधित अशासकीय शालाओं के प्राचायो व संस्था प्रमुखों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा अन्यथा की स्थिति में उनकी मान्यता समाप्ति के लिए मान्यता नियम 11 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा है कि जिला शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों एवं पालको, पुस्तक विक्रेताओं की शिकायत के मद्देनजर कोई भी विद्यालय, वर्तमान शैक्षणिक सत्र की समाप्ति के पूर्व अगली कक्षाओं का अध्यापन प्रारंभ न करें।

पुस्तक-
आगामी सत्र में स्कूल में प्रचलित होने वाली पाठ्यपुस्तकों का अनुमोदन पालक शिक्षक संघ से कराकर 25 फरवरी तक सूची जिला शिक्षा कार्यालय को प्रेषित की जाएं तथा कम से कम पांच पुस्तक विक्रेताओं की सूची उपलब्ध कराकर उनकी पावती भी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी जाएं। चूंकि पाठ्यपुस्तकों में परिवर्तन नहीं हुआ है, अत: पुस्तकें परिवर्तित न की जाएं। किसी एक ही दुकान से किसी एक स्कूल की पुस्तकें विक्रय न हों। पालकों को विद्यालय में प्रचलित होने वाली पुस्तकों तथा यह पुस्तकें जिन दुकानों में उपलब्ध है, उनकी सूची देकर पालकों से पावती लेकर कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएं। जिसे निरीक्षण के समय निरीक्षणकर्ता अधिकारी के समक्ष प्रस्तुुत की जा सके। पुस्तकों की सूची, दुकानों की सूची स्कूल के सूचना पटल पर एवं अन्य विशेष सूचना पटल पर लगाकर प्रदर्शित की जाएं।

शुल्क-
कलेक्टर सिंह ने कहा है कि पालक शिक्षक संघ (पीटीए) की बैठक करते समय उसकी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की जाएं, जिसकी एक सीडी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा की जाए। शाला में निर्धारित शुल्क की जानकारी समस्त पालकों को देकर उसकी पावती कार्यालयीन अभिलेखों में सुरक्षित रखी जाए। निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त कोई अन्य शुल्क किसी भी स्थिति में न लिया जाएं।

टीसी-
टीसी देने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क वसूल न किया जाएं। टीसी के लिए पालक का आवेदन प्राप्त होने पर उसे तत्काल टीसी प्रदान की जाएं। जारी की गई टीसी में विद्यार्थी का आधार नंबर व समग्र आईडी नंबर अवश्य अंकित किया जाएं।

वाहन-
बच्चों के परिवहन के लिए जो वाहन संचालित है, उनमें आरटीओं के निर्धारित मापदंडों की पूर्ति अवश्य की जानी चाहिए। बस, जीप एवं ऑटो तथा वेन में वाहन क्रमांक, ड्रायवर का नाम एवं पता चालक के मोबाईल नंबर आदि संस्था में भी दर्ज होना चाहिए।

वेबसाइट-
शासन द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए संचालित शासन की योजनाओं की जानकारी एवं शाला से संबंधित जानकारी शाला के सूचना पटल एवं वेबसाईट पर उपलब्ध कराई जाएं। शाला में नवीनप्रवेशी छात्रों से आवेदन फार्म के साथ अथवा 15 दिवस में दस्तावेज प्राप्त किए जाएंं।

ड्रेस- ड्रेस एवं अन्य सामग्री क्रय किसी दुकान विशेष से करने के लिए छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को बाध्य नहीं किया जाए। संकुल शाला एवं वरिष्ठ कार्यालय द्वारा निजी शैक्षणिक संस्था से कोई भी जानकारी मांगे जाने पर तत्काल प्राथमिकता से समयावधि में जानकारी भेजी जाएं। विद्यालय की मान्यता के संबंध में पंजीयन, विभाग द्वारा जारी आदेश या प्रमाणीकरण की छायाप्रति शैक्षणिक संस्था के सूचनापटल पर अवश्य लगाई जाएं।

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