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कविताओं के माध्यम से दे रहे हैं मतदाता जागरूकता का संदेश

मंदसौर। विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता जागरूकता कार्यक्रम पुरे जिले में जोर – शोर से चल रहा है। इसी कड़ी में मतदाताओं को जागरुक करने के लिए कविताएं भी मतदाता जागरूकता का एक हिस्सा बन चुकी है। प्रक्रिया पर यह कविताः- सुनो सभी प्यारे अधिकारी। है चुनाव एक जिम्मेदारी। लोकतंत्र का यज्ञ है पावन। आहुति दो लगा के तनमन। प्रथम प्रशिक्षण का आदेश। आया है बन कर सन्देश। हम पर आई जिम्मेदारी। कर लो अब पूरी तैयारी। सभी प्रशिक्षण बहुत जरुरी। मत बनाओ तुम इनसे दूरी।

मास्टर ट्रेनर की सब बातें। ई वी एम से वो मुलाकातें। ध्यान से सुन लो कान लगा कर। नियम जान लो ध्यान लगा कर। दो दिन पहले तैयारी करलो।सामान संग साहस भी धर लो। मन निष्पक्ष और दृढ़ होगा। नहीं कोई कंटक फिर होगा। एक दिन पहले सामान मिलेगा ।समय सुनिश्चित नहीं टलेगा। समय पर अपने दल से मिलना। एक एक है सामान को गिनना। कंट्रोल ,बैलेट, व्ही व्ही पेट। पूरा मिलेगा तुमको सेट। निविदत्त ,डायरी और प्रपत्र। मतलेखा और सूचना पत्र। सभी लिफाफे गिनकर लेना। कम न हों निश्चित करलेना। पूरे दल का हो सहयोग। अहंकार का लगे न रोग। निर्धारित वाहन में जाना। सादा ही भोजन तुम खाना। कार्य बहुत है समय है कम। तान के लम्बी मत सोना तुम। बी एल ओ को पास बुलाओ। उसको सब बातें समझाओ।

सौ मीटर का लगा निशान। संकेतक बांधों श्रीमान। एजेंटों को पास बुलाओ। सारे नियम उन्हें समझाओ। कोटवार को गांव भिजाओ। गांव में डुंडी पिटवाओ। रात में कर सारी तैयारी।अब जल्दी सोने की बारी। सुबह पांच पर तुम जग जाओ। जल्दी से काम पर लग जाओ। अभ्यर्थियों की सूची चिपकाओ। ब्लैकबोर्ड पर नियम लगाओ। शुरू कर दो दिखावटी मतदान। एजेंटों को बाँटो सब ज्ञान। वोटें गिन कर उन्हें बताओ। मॉक पोल प्रपत्र भरवाओ। सी आर सी का रख्खो ध्यान। अब सीलिंग शुरू करो श्रीमान। हरी पर्ण मुद्रा चिपकाओ। क्लोज़ में स्पेशल टैग लगाओ। बाहर एड्रेस टैग लगाओ। फिर स्ट्रिप सील घुमाओ। 6.50 पर कर सारी तैयारी। अब असली मतदान की बारी।

चुस्त रहें सारे अधिकारी। मुश्किल हल होतीं हैं सारी। नंबर एक है नाम पुकारे। मार्क करे मतदाता सारे। नंबर दो वोटर रजिस्टर भरता। अमिट स्याही चिन्ह है सरता । नंबर तीन है मशीन प्रभारी।

उसके हाथ में किस्मत सारी। जब वो बैलेट बटन दबाये। तभी वोट हम सब दे पाए। दिन भर कठिन परिश्रम भाई। याद करें हम हर पल माई। रहें सदा हम सब निष्पक्ष। साधें न हम पक्ष विपक्ष। अंतिम निर्णय पीठासीन। ज्ञानी हो और बहुत जहीन। पूरे चुनाव का वो रक्षक। सारे दल का वो संरक्षक। पांच बजे हो दरबाजा बंद रोशनी देखो पड़ गई मंद। बल्ब और लाइट जलवा दो।

अंदर सब पर्ची बटवा दो। अंतिम वोट डलेगी ज्यों ही। क्लोज़ बटन दबेगी त्यों ही। सबको केरिंग बॉक्स में रख दो। अब सारे प्रपत्र तुम भर दो। पहले भरोगे तुम मतलेखा। फिर डायरी का करो अभिलेखा। सील करो चिन्हित प्रति मूल ।लेखा रजिस्टर न जाओ भूल। हर प्रपत्र को भरकर विधिवत। कार्य करो तुम सब विधि सम्मत। हँसी ख़ुशी तुम रात में आकर। घर जाओ तुम सामान जमा कर। यह चुनाव है यज्ञ समान। पूर्ण सहयोग सबका हो श्रीमान।

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