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कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कांग्रेस का चुनावी रोड मेप

मंदसौर। कांग्रेस के मप्र चुनाव अभियान समिति प्रमुख सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार सुबह सर्किट हाउस पर पत्रकारों से चर्चा में कांग्रेस के चुनावी रोड मेप के बारे में बताते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ चुनाव जीतने के लिए मैदान में है। टिकट वितरण में समर्थकों को नहीं, जीतने वालों को तवज्जो दी जाएगी। इसके लिए एक निष्पक्ष सर्वे भी हो रहा है। वहीं अगर कार्यकर्ता चाहें तो उज्जैन संभाग की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।

 

सिंधिया ने अपनी राय बताते हुए कहा कि मैं चाहता हूं कि इस बार 230 टिकटों में 30 प्रश टिकट ऐसे व्यक्तियों को दिए जाएं जिन्होंने कभी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा हो लेकिन जिला पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पालिका, सहकारी समितियों, दुग्ध संघ आदि का चुनाव लड़ा हो। इस बार कांग्रेस जितने वाले चेहरों को टिकट देगी। कोई भी नेता दम लगाकर टिकट अपने समर्थकों को तो दिला देता है, लेकिन नहीं जिता पाता है तो उसकी स्थिति कमजोर होती है। कांग्रेस के सारे नेताओं को बैठाकर उनकी राय लेकर एक निष्पक्ष सर्वे कराकर जीतने वाले योग्य चेहरों को मैदान में उतारा जाएगा। इसमें उनका फोकस युवाओं पर रहेगा।

 

जनता को 15 लाख नहीं दिए उलटे 15 लाख करोड़ निकाल लिए

सिंधिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 75 डॉलर प्रति बैरल है और देश में पेट्रोल 82 रुपए और डीजल 72 रुपए लीटर बिक रहा है। जबकि यूपीए के समय कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल था तो भी पेट्रोल 70 रुपए और डीजल 55 रुपए लीटर बिक रहा था। सरकार का यह अर्थशास्त्र समझ से परे है। सरकार ने एक्साइज टैक्स बढ़ाकर जनता की जेब से 15 लाख करोड़ रुपए निकाल लिए हैं। जबकि मोदी ने 15 लाख रुपए हर व्यक्ति के खाते में जमा कराने को कहा था। देश में सबसे ज्यादा वेट मप्र में वसूला जा रहा है और सरकार कर्जदार बनी हुई है।

 

सीएम चाहते हैं युवा पकोड़े तलें और बाबा मंत्री बने

सिंधिया ने कहा- प्रदेश में सीएम चाहते हैं कि युवा पकोड़े तलें और बाबा मंत्री बनें। पिछले चार साल में देश और प्रदेश में 14 साल में बेरोजगारों को नौकरियां नहीं दी गई हैं। आज युवा काम के लिए मारा-मारा फिर रहा है। प्रदेश में उद्योग-धंधे बंद होने की कगार पर आ गए। नया एक भी उद्योग नहीं लगा है। केवल इन्वेंस्टर्स मीट करके करोड़ों रुपए खर्च करके एमओयू साइन जरूर किए जा रहे हैं, पर वह कहां जा रहे हैं किसी को पता नहीं।

 

मोदी ने किया राफेल खरीदी में घोटाला

यूपीए सरकार ने फ्रांस से 126 राफेल विमान खरीदने का सौदा 61 हजार करोड़ रुपए में किया था। वहीं अभी मोदी अकेले फ्रांस जाकर 36 राफेल प्लेन खरीदने का सौदा 67 हजार करोड़ में खरीदने का अनुबंध करके आ गए हैं। यह भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है। मोदी सरकार केवल जुमलों की सरकार बन गई है। मप्र में भी घोटालों की कमी नहीं है।

 

कांग्रेस नेताओं ने सुधार किया, गुटबाजी खत्म की

15 सालों में जो कांग्रेस में स्थिति रही है, उसे कांग्रेस के सारे नेताओं ने सुधार कर गुटबाजी को खत्म कर लिया है। आज सारी कांग्रेस एक है और पूरी दमदारी से भाजपा को उखाड़ फेंकने की तैयारी कर चुकी है। उनसे पूछा गया कि मंदसौर में दौरे में कांग्रेस में उनके समर्थकों के अलावा किसी ने भी काम नहीं किया तो सिंधिया ने उत्तर में कहा- मुझे जावद से लेकर मंदसौर तक कहीं भी ऐसा नहीं दिखा। सभी कांग्रेसी एकजुट नजर आए। मुख्यमंत्री को जनआशीर्वाद की जगह क्षमावाणी यात्रा निकालनी चाहिए। 14 सालों में मप्र को गर्त में डालने का काम शिवराजसिंह सरकार ने किया है। देश में महिलाओं पर अत्याचार में मप्र का नाम अव्वल है। मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं। मंदसौर में जो मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्मकी घटना हुई है वह निर्भया कांड से कम नहीं है। लेकिन मप्र में बढ़ती घटनाओं के बाद भी सरकार को शर्म नहीं आ रही है। जबकि विश्व स्तर पर देश में महिलाओं पर अत्याचार को लेकर कहा जा रहा है कि भारत और खासकर मप्र में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

 

मैंने फूलों की माला नहीं पहनने का संकल्प लिया है

सिंधिया ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा- 6 जून 2017 को मंदसौर में किसानों पर हुए गोलीकांड के बाद से मैंने फूलों की माला तब तक नहीं पहनने का संकल्प लिया है जब तक कि हम भाजपा की सरकार को हटा नहीं देते हैं। अब कोई व्यक्ति मुझे फलों की माला पहना देता है कोई भिंडी की पहना देता है तो कोई नीबू-मिर्ची की माला पहना देता है। फूलों को छोड़ यह सब मैं स्वीकार करता हूं। भाजपा का काम है तंज कसना, वे जो चाहे तंस कसें, मुझे स्वीकार है।

 

20 लाख फर्जी वोटर के नाम हटे हैं

सिंधिया ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ईवीएम से मतदान होने या नहीं होने से बड़ा मुद्दा है, फर्जी वोटर लिस्ट का है। हमने चुनाव आयोग को तथ्यों के साथ अवगत करवाया था कि मप्र में लगभग 25 लाख वोटर फर्जी हैं। इस पर उन्होंने जांच किए बिना तथ्य को गलत करार दिया था। लेकिन 31 जुलाई को निर्वाचन आयोग ने जो सूची प्रकाशित की है, उसमें लगभग 20 लाख फर्जी वोटर्स के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। अब चुनाव आयोग ने हमारे आरोप को प्रमाणित कर दिया है।

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