Breaking News

कार्तिक पुर्णिमा पर पशुपतिनाथ के दरबार में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब

Hello MDS Android App

हजारों ने लगाई शिवना में डूबकी,लाखों ने किये भूतभावन के दर्शन

मंदसौर। सनातन धर्म की मान्यतानुसार कार्तिक पूर्णिमा पर नदियों में स्नान कर टांटियों के माध्यम से दीपदान किया जाता है। इसी के चलते 4 नवम्बर 2017 शनिवार को षहर के अंतिम छोर पर स्थित शिवना नदी के किनारें हजारों की संख्या में महिलाओं ने शिवना नदी में आस्था की डूबकी लगाकर दीपदान किया।

इस दौरान शिवना तट पर विराजित भगवान श्री पशुपतिनाथ के दर्शनों के लिए भी ग्रामीणों का प्रातः से ही आने का सिल सिला शुरू हो गया था। जो देर रात तक निरंतर जारी था। अनुमान के अनुसार जहॉ शिवना नदी में हजारों की संख्या में लोगोें ने आस्था की डूबकी लगाई वहीं एक लाख से अधिक भक्तों ने भगवान पशुपतिनाथ मंदिर पहुॅचकर भगवान की पूजा अर्चना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

मान्यता है, कि पूरे कार्तिक माह उपवास रखने वाली महिलाएं व युवतियां पुर्णिमा के दिन शिवना नदी में टांटियों का विसर्जन कर स्नान करती है। इसके चलते जिले ही नहीं अपितु आसपास के अंचल से बड़ी संख्या में कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं और युवतियों का पशुपतिनाथ मंदिर के समीप स्थित शिवना नदी के किनारे कार्तिक स्नान करने के लिये उमड़ पड़ी।

धार्मिक गतिविधियों से निवृत्त होने के बाद ग्रामीणों ने भगवान पशुपतिनाथ के 54वें मेले का भी जमकर आनंद लिए। कोई झूले-चकरी में झूला तो किसी ने मौत के कुएं का खेल देखा। इसी तरह महिलाओं ने और युवक-युवतियों ने अपने पसंद की वस्तुओं की मेले में जमकर खरीदारी भी की। मेले में ग्रामीणों की भीड़ का यह सिलसिला देर रात तक यूं ही जारी रहा। इससे सुस्त पड़े मेले में भी जान आ गई, वहीं व्यापारियों के चेहरे भी खिल उठे।

बाजारों में भी रही भीड़
कार्तिक पूर्णिमा पर पशुपतिनाथ मेले में हजारों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की भीड़ का असर षहर में भी देखा गया। षहर के एमपी बस स्टैंड, नेहरू बस स्टैंड, धानमंडी, सदर बाजार, सम्राट रोड, कालाखेत, घंटाघर, कालीदास मार्ग, दयामंदिर रोड, गांधी चौराहा, नयापुरा रोड सहित प्रमुख बाजारो में खासी भीड़ नजर आई। मेले में भीड़ के चलते यातायात महकमे को घंटाघर से पशुपतिनाथ मंदिर तक की यातायात व्यवस्था विशेशकर संभालनी पड़ी क्यों कि षहर से पशुपतिनाथ पहुंचने वाले इस एक मात्र प्रमुख मार्ग पर अत्यधिक भीड़ रही।

प्रशासन रहा मुश्तैद
पुलिस व प्रशानिक मशीनरी भी व्यवस्थाओं के मद्देनजर पूरी तरह मुश्तैद दिखी। नदी किनारे जहां तैराकों की तैनाती थी, तो वहीं पशुपतिनाथ गर्भगृह, मंदिर परिक्षेत्र सहित मेला प्रांगण में भी बड़ी संख्या में पुलिस जवान कमान संभाले हुए थे, ताकि कोई अप्रिय घटना यहां घटीत ना हो।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *