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कालाखेत होगा साठिया समाज के लोगों से मुक्त! मिलेंगे मकान

मंदसौर। कालाखेत के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में बनी करोड़ों की दुकानों में पिछले लगभग डेढ़ दशक से अवैध अतिक्रमण कर रह रहे साठिया समाज के लोगों को अब नगर पालिका हटाएगी। इन लोगों को गुराड़ियादिदा ट्रेंचिंग ग्राउंड के समीप मकान बनाकर दिए जाएंगे। सभी मकान पीएम आवास योजना के तहत बनेंगे। इसके लिए नगर पालिका ने तैयारी भी शुरू कर दी है। एक-दो दिन में नपा समाजजन से बातचीत भी करेगी।

शहर के मध्य स्थित कालाखेत शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की करोड़ों की दुकानों की छत, गलियारे एवं खुले परिसर में साठिया समाज के लगभग 100 परिवार रहते हैं। गंदगी फैलने एवं इन लोगों के रहन-सहन व अमर्यादित भाषा में दिनभर लड़ते रहने जैसी परेशानियों को लेकर व्यवसायी जिला प्रशासन, नपा व जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायत भी कर चुके हैं। ट्रेंचिंग ग्राउंड के समीप जाने से साठिया समाज के लोग कचरे से प्लास्टिक बीनने का कार्य कर गुजारा भी कर सकेंगे। इसी को देखते हुए नपा ने यह स्थान चिन्हित किया है।

कालाखेत में लगभग तीन दशक से साठिया समाज के लोग रहे हैं। इसी बीच मप्र शासन ने वर्ष 2000 में बालागंज स्कूल मैदान पर हॉकी स्टेडियम बनाने का निर्णय लिया। इस योजना में स्टेडियम के अलावा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण भी शामिल किया गया। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड ने निर्माण शुरू कर प्रथम चरण में कॉम्प्लेक्स की 145 में से 76 दुकानें बनाईं। वर्ष 2005-06 तक दुकानों का निर्माण पूर्ण होने के बाद साठिया समाजजन ने इन दुकानों की छतों व आसपास परिसर को अपना आशियाना बना लिया। इससे पहले भी ये लोग यहीं रहते थे। दुकान निर्माण के बाद इनकी छतों, गलियारों व आसपास साठिया समाज के करीब 100 परिवारों के लोग रह रहे हैं। इस कारण गंदगी व अन्य दिक्कतों के चलते बन चुकी 76 में से 30 दुकानें अब तक प्रारंभ नहीं हो पाई हैं। जिन दुकानों में लोग व्यवसाय कर रहे हैं, वे भी इसी समस्या के कारण परेशान हैं। साठियों को यहां से किसी दूसरे अन्य स्थानों पर भेजने के लिए व्यवसायियों ने अनेकं बार जिला प्रशासन से लेकर नगर पालिका व अन्य जनप्रतिनिधियों से मांग भी की है। दुकानदारों का कहना है कि ये लोग दिनभर लड़ते रहते हैं, अमर्यादित भाषा का उपयोग करते हैं, गंदगी भी यहीं करते हैं। इस कारण ग्राहक भी आने में कतराते हैं। एक व्यवसायी इसी समस्या को लेकर कोर्ट में भी जा चुका है। नगर पालिका ने करीब छह साल पहले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के बीच खाली परिसर को वाहन पार्किंग स्थल के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हो पाया है।

कई बार प्रयास किए, पर साठियों ने नहीं छोड़ा कालाखेत

कॉम्प्लेक्स की दुकानों में व्यवसायियों को लाने के लिए एवं व्यवसाय कर रहे दुकानदारों की शिकायतों को लेकर नगर पालिका व पुलिस प्रशासन ने कई बार साठियों को हटाने के लिए प्रयास भी किए। दो बार अलग-अलग क्षेत्रों में भी नपा व पुलिस इन्हें छोड़कर भी आई, लेकिन रोजगार नहीं होने के कारण ये लोग धीरे-धीरे वापस कालाखेत में आ गए।

आमदनी का जरिया, कचरे से बीनेंगे प्लास्टिक

अब नपा कालाखेत के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स एवं आसपास क्षेत्र को मुक्त करवाने के लिए योजना बनाई है। साठिया समाजजन कचरे से प्लास्टिक बीनने का काम करते हैं। इसी को देखते नपा इन्हें ट्रेंचिंग ग्राउंड पर भेज रही है। शहरभर का कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड पर जाता है, यहां कचरे से ये लोग प्लास्टिक बीनकर कुछ कमाई भी कर लेंगे, काम मिल जाएगा तो ये लोग वापस कालाखेत नहीं आएंगे। नपा ट्रेंचिंग ग्राउंड पर साठिया समाज के करीब 100 परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत मकान बनाकर देगी।

सीतामऊ फाटक भेजा था, वहां से वापस आ गए

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों को साठियों से मुक्त कराने के लिए वर्ष 2015 में नगर पालिका ने पुलिस के साथ मिलकर इन लोगों को हटाकर, पुलिस के वाहनों से सीतामऊ फाटक रेल पटरी के निकट छोड़ा गया था। कुछ दिन बाद नपा और पुलिस का ध्यान हटते ही वापस कालाखेत में आ गए और फिर अब तक नहीं हटे।

एक महिला को वृद्धाश्रम भेजकर हो गई कार्रवाई पूरी

सितंबर 2017 में नगर पालिका सीएमओ सविता प्रधान ने साठियों को हटाने के लिए कार्रवाई भी की थी। सीएमओ ने अमले के साथ पहुंचकर एक वृद्धा की झोपड़ी तोड़कर उसे सामान सहित वृद्धाश्रम भेज दिया। इसके बाद कार्रवाई थम गई। अभी भी कई लोगों की झोपड़ियां यहां बनी हुई हैं।

मैं आठ सालों यहां व्यवसाय कर रहा हूं। साठिया समाजजन दिनभर लड़ते रहते हैं। अमर्यादित भाषा का उपयोग करते हैं। शाम को यहां से आम लोगों का निकलना भी दूभर है। इन्हें यहां से कहीं दूसरे स्थान पर भेजने के लिए व्यापारियों ने सांसद, विधायक, नगर पालिका, कलेक्टर, एसपी सभी से मांग की है। एक व्यापारी ने कोर्ट में भी वाद दायर किया है। सीएम हेल्प लाइन में भी शिकायत की है। -पुरुषोत्तम खेमानी, व्यवसायी

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की करोड़ों की दुकानों का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन, नपा व जनप्रतिनिधियों के साथ ही सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की गई है, लेकिन यह क्षेत्र अवैध अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो रहा है। व्यापार-व्यवसाय भी प्रभावित होता है। -गोपाल कुमावत, व्यवसायी

मकान बनाकर देंगे

-साठिया समाज के लोगों को गुराडिय़ादिदा ट्रेंचिंग ग्राउंड पर भेजा जाएगा। वहां पीाएम आवास योजना के तहत 100 मकान बनाकर इन परिवारों को दिए जाएंगे। इसके लिए प्लानिंग हो गई है। एक-दो दिन में साठिया समाजजन से भी चर्चा की जाएगी। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरे से प्लास्टिक बीनने आदि का कार्य कर ये लोग अपना गुजर-बसर भी कर सकेंगे। घर व रोजगार दोनों मिल जाएंगे तो फिर ये लोग वापस लौटकर कालाखेत नहीं आएंगे।-प्रहलाद बंधवार, नपाध्यक्ष, मंदसौर

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