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काला भाटा बांध की तरह चम्बल पेयजल योजना भी भष्ट्राचार की भेंट चढ़ गई

पार्षद दीपिका खीची ने निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच की कि मांग

मन्दसौर। अमृत योजना में 55 करोड़ 25 लाख 95 हजार 426 रूपये की चम्बल पेयजल योजना से शहर की जनता को निराशा ही हाथ लगी। 53 किलोमीटर की लाईन डालने का कार्य आज तक पूरा नहीं किया गया है। ठेकेदार द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। इसके बावजूद भी ठेकेदार को अगर भुगतान किया जाता है तो आडिट भी जांच की श्रेणी में आता है।

उक्त बात पार्षद दीपिका तरूण खीची ने कही। आपने कहा कि नगरपालिका अध्यक्ष, इंजीनियर, ठेकेदार की अदुरदर्शिता का परिणाम शहर की जनता को पानी की किल्लत से झेलना पड़ेगा। जनता द्वारा जलकर पूरे महिने का देने के बावजूद उसको मात्र 15 दिन ही पानी मिलता है। जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। श्रीमती खीची ने कहा कि भाजपा की परिषद् द्वारा पूर्व में अदूरदर्शिता दिखाते हुए काला भाटा बांध बनाया गया था जिसको बनाते वक्त कहा गया था कि शहरवासियों को आगामी 30 वर्षों की पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। लेकिन वर्तमान में उस काला भाटा बांध क्षेत्र में युवा क्रिकेट खेलते नजर आते है।

पार्षद श्रीमती खीची ने प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से मांग की है कि चम्बल पेयजल योजना की निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये एवं नगरवासियों को जल्द से जल्द चम्बल का पानी मिले ऐसे प्रयास किये जाये। श्रीमती खीची ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेक्षण ब्यूरों में होगी तो दूध का दूध व पानी का पानी हो जायेगा।

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