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किसानों की कर्जमाफी में अब रोड़ा बनी आचार संहिता

मंदसौर. किसानों की कर्जमाफी में अब आचार संहिता रोड़ा बन गई है। जिले में किसानों का करोड़ों का कर्ज करीब पौने दो लाख किसानों का माफ होना था।सोसायटियों के कर्जदाता किसानों को प्रक्रिया पूरी होने के बाद आचार संहिता लगने से पूर्व कर्जमाफी के प्रमाण पत्र तो बांट दिए, लेकिन सोसायटियों के उनके खातों में राशि नहीं पहुंची।

बैंक के कर्जदाता किसानों के खातों में तो राशि भी जमा नहीं हुई और प्रमाण पत्र भी नहीं मिले है। अब आचार संहिता लग चुकी है। जब से चुनाव बाद कर्जमाफी के मेसेज किसानों को मिलना शुरु हुए तो इस पर असंमजस्य गहरा गया है। विभागों का कहना है कि जिन्हें प्रमाण पत्र मिल गए है और अप्रुव हुई सूचियों में जिनके नाम आ चुकी है, उनकी संस्थाओं में उनके कर्ज की राशि शासन से सीधे जमा होगी। जो अब चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद होगी और जो किसान बचे है। उनकी प्रक्रिया भी चूनाव बाद पूरी होगी।

किसानों को कर्जमाफी के ऐसे आ रहे मैसेज
कर्जमाफी के पात्र किसानों को पहले तो मोबाईल पर कर्जमाफी के मेसेज आ रहे थे। इसमें उनके कर्ज की राशि उनके बैंक व सोसायटी में जमा करने की बात उसने आ रही थी। और इसके लिए शुभकामनाएं भी लिखी थी, लेकिन रविवार को दोपहर से ही लोकसभा चुनाव के बाद कर्जमाफी करने की बात अगले मेसेज में आई। इसमें आचार संहिता का हवाला देकर अभी नहीं होने का संदेश किसानों को मिला।ऐसे में किसान असंमजस्य में है कि सही मायनों में उसका कर्जमाफ हुआ भी या नहीं।रविवार से आना शुरु हुए मेसेज के बाद गांवों में किसानों की चौपाल पर सबसे अधिक चर्चा इसी बात पर हो रही है।

तीन माह और करना पड़ेगा इंतजार
राज्य शासन की महत्वकांक्षी जय किसान कर्जमाफी योजना में जिले के 1 लाख 32 हजार किसान है। इसमें से अप्रुव होकर आई सूची में 78 हजार ही पात्रता में शामिल हुए है। इनसें से भी 47 हजार को ही प्रमाण पत्र अब तक बंटे है। इसी तरह बैंकों में करीब 44 हजार किसान कर्जमाफी के दायरें में है लेकिन अप्रुव होकर आई सूची में 2200 के ही नाम शामिल है। इन किसानों का करीब 200 करोड़ से अधिक का कर्जमाफ होना है। जो बैंक से लेकर सोसायटियों के खातों में शासन से राशि आना है, लेकिन अभी आई नहीं। इसी कारण किसानों को मेसेज आना शुरु हो गए कि चुनाव के बाद कर्जमाफ होगा। जो अप्रुव सूची में आने से वंचित रह गई, उनके भी कर्जमाफ चुनाव बाद ही होंगे। ऐसे में अब किसानों को अपना कर्जमाफ करवाने के लिए तीन माह और इंतजार करना पड़ेगा।

सीधे खाते में आएगी राशि
जिले में बैंकों के 44 हजार किसान कर्जमाफी की श्रेणी में है। प्रमाण पत्र इन्हें नहीं वितरित किए गए है। जिन किसानों का कर्जमाफ होना है। उनकी सूची अभी अप्रूव होकर आई है। इसमें करीब 2200 से अधिक किसानों के नाम शामिल है। राशि सीधे खाते में आएगी। अभी आई नहीं है। शासन से सीधे राशि सूची में अप्रूव हुए किसान के नाम पर बैंक के खाते में जमा होगी। -जीपी गुप्ता, लीड बैंक मैनेजर

शासन अपेक्स को देगा और यहां से सोसायटियों के खातें में आएगी राशि
पोर्टल पर जानकारी डालने के साथ प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अभी करीब 47 हजार किसानों को कर्जमाफी के प्रमाण पत्र बांटे है। 78 हजार किसानों के नाम सूचियों में अप्रूव हुए है। किसान 1 लाख 32 हजार के करीब है। करीब 200 करोड़ का इनका कर्ज है। शासन से अपेक्स बैंक और वहां से सोसायटियों के खातें में राशि आना है। अभी आईनहीं है। अब आचार संहिता लग चुकी है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी। -एसके भारद्वाज, महाप्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक

चुनाव बाद होगा
कर्जमाफी को लेकर सभी विभागों की प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी है। जो राशि किसानों व संस्थाओं के खातों में आना है। वह अब चुनाव बाद आएगी और जो वंचित रह गए है।उन्हें प्रमाण पत्र और उनकी प्रक्रिया भी चुनाव बाद ही की जाएगी।-डॉ. एएस राठौर, उपसंचालक, कृषि

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