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किसानों की कर्ज माफी को कांग्रेस ने मजाक बना दिया – विधायक श्री सिसौदिया

अनुपुरक बजट पर लिखित व्यक्तव्य में कहा विधायक श्री सिसौदिया ने

मंदसौर। प्रदेश के किसानों की कर्ज माफी योजना को प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने मजाक बना दिया है पहले 15 जनवरी से सारे विधायकों और मंत्रियों के साथ सरकार इस योजना को लेकर मैदान में उतरने की बात कर रही है दूसरी तरफ कर्ज माफी की सूची को 26 जनवरी को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में चस्पा करने के निर्देश दिए गए है जबकि किसानों ने कर्ज बैंको और सोसायटीयों से लिया है ऐसे में ग्राम सभा में इन सूचियों को प्रदर्शित किए जाने का कोई औचित्य ही नही है ।

यह बात वरिष्ठ विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने प्रदेश सरकार के द्वारा 22 हजार करोड़  रूपये के द्वितीय अनुपुरक बजट पर लिखित व्यक्तव्य के माध्यम से कहीं । श्री सिसौदिया ने कहा कि कर्ज माफी की योजना को लेकर प्रदेश सरकार ने अनुपुरक बजट में 5 हजार करोड़ रूपये की आवश्यकता बताई है दूसरी और इस पूरी योजना को ही कांग्रेस मजाक बना रही है । पहले 31 मार्च 2018 तक के किसानों को योजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए बाद में पत्र जारी कर 31 दिसम्बर 2018 तक सम्मिलित करने के लिए कहा । सरकार पत्र-पत्र खेल रही है लेकिन कर्ज माफी की योजना को अमलीजामा नही पहना रही है । 26 जनवरी को ग्राम सभाओं में कर्ज माफी की सूचियों को प्रदर्शित करने और 22 फरवरी से राशि खातों में जमा करने की बात हो रही है श्री सिसौदिया ने कहा कि सरकार जिस तरह से  केवल बाते कर रही है उससे लगता है न नो मन तेल रहेगा और न राधा नाचेगी । कर्ज माफी के नाम पर सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार ने कर्ज माफी को सम्मिलित करवाया । जिसमें उन्होने 2 लाख तक की कर्ज माफी पात्रतानुसार शब्द जोड़ा है जबकि वचन पत्र में कही भी इस शब्द का उल्लेख नही किया गया है ।

श्री सिसौदिया ने द्वितीय अनुपुरक बजट के अन्य प्रावधानों में पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार ने हेडपंप के संधारण हेतु 25 करोड़ रू. की भारी भरकम राशि मांगी गई है लेकिन स्थाई नल-जल योजना की कोई योजना नही बताई जा रही इसके अलावा अमृत योजना में 132 839 लाख रू. के अतिरिक्त व्यय की मांग की गई है लेकिन इस योजना की धीमी गति पर भी कोई जवाब सरकार के पास नही है । श्री सिसौदिया ने कहा कि विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था के लिए 30 करोड़ रू. की मांग की गई है जबकि कई विद्यालयों में शौचालय और पेयजल की समस्या है । सरकार एक तरफ प्रचार-प्रसार से दूर रहने के दावे कर रही है लेकिन दूसरी तरफ प्रचार-प्रसार के लिए 62.87 करोड़ रू. का प्रावधान बजट में किया जा रहा है । नर्मदा-क्षिप्रा लिंक योजना के लिए 10 करोड़ रू. की मंाग की गई है जबकि अभी हाल ही में बड़ी लापरवाही सामने आई है नर्मदा का पानी क्षिप्रा में समुचित रूप से भेजा ही नही गया । हालाकि इस मामलें में कमीश्नर और कलेक्टर परकार्यवाही की गई है लेकिन अभी भी लगता नही कि मकर संक्राति पर क्षिप्रा के जल से स्नान कर जनता पुण्य लाभ ले पाएगी ।

मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना का कोई उल्लेख नही किया सरकार ने

वरिष्ठ विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव में संशोधन की मांग करत ेहुए विधानसभा के प्रमुख सचिव को पत्र सौपा । जिसमें उन्होने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान  सरकार ने मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना लागू की थी लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण में इस योजना का कोई उल्लेख नही किया गया है जबकि पूरे प्रदेश में करीब ढाई करोड़ लोगों ने इस योजना में अपना पंजीयन कराया है । अभिभाषण में कृषि उपज के वाजिब मूल्य की बात कहीं गई है लेकिन यह नही कहा जा  रहा कि कौन-सी फसल का कितना वाजिब मूल्य होगा । इसके अलावा प्याज और लहसून का भावांतर तथा सोयाबीन पर 500 रू. प्रति क्ंविटल मिलेगा की नही मिलेगा इसका भी कोई उल्लेख नही किया गया है । श्री सिसोदिया ने कहा कि टू-लेन, फोर-लेन सड़क निर्माण और मार्ग संधारण की बात सरकार ने की है लेकिन हाईवे पर हो रही सैकड़ों मौतो का कोई जीक्र नही किया गया है और ना ही सुधार की कोई बात कहीं गई है । श्री सिसोदिया ने कहा कि अभिभाषण में असत्य तथ्यों को सरकार ने पढ़वाया अभिभाषण में कहा गया है कि लोकतंत्र की जड़े मजबुत हुई है चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से सम्पन्न हुए, नई सरकार जनादेश पर खरी उतरेगी जबकि जब प्रदेश में चुनाव हुए तब वर्तमान सरकार कही भी अस्तित्व में थी ही नही प्रदेश में अत्यधिक मतदान हुआ है तो उसके पीछे चुनाव आयोग द्वारा लगातार किए गए प्रचार-प्रसार नुक्कड़ नाटक, रैली, स्लोगन इत्यादि का योगदान है इसका भी कोई उल्लेख सरकार ने नही करवाया है । श्री सिसौदिया ने कहा कि अभिभाषण में वर्ष 2003-04 से पूर्व सकल कर्ज 34 हजार 672 करोड़ रू. बताया गया जो 2018-19 में अनुमानित 1 लाख 87 हजार 636 करोड़ हो गया जबकि 2003-04 से पूर्व कांग्रेस की सरकार  में कोई हितग्राही मूलक योजना थी ही नही पशुधन संवर्धन, संरक्षण, गौशाला तथा गौचर भूमि विकास की बात सरकार ने कही लेकिन पूर्व की कांग्रेस सरकार ने गौचर भूमि को शून्य पर ला दिया था और पट्टे की राजनीति की थी । श्री सिसौदिया ने कहा कि उर्जा के क्षेत्र में शिवराज सरकार ने सौर उर्जा, पवन उर्जा के क्षेत्र में नवाचार कर उल्लेखनीय काम किए है । सरकार पांच वर्षो में 65 लाख हेक्टेयर सिंचाई बढ़ाने की बात कर रही है जबकि शिवराज सरकार 40 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई करवा रही थी । स्वास्थ्य सुविधाओं की बात भी अभिभाषण में कही गई है लेकिन प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को लेकर कोई बात नही की गई है । इसके अलावा स्वच्छता अभियान की भी बात सरकार ने कही जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छता अभियान को पहले ही लागू कर चुके है ।

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