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किसानों में डोडाचूरा और मार्फिन नीति को लेकर छाया आक्रोश

मंदसौर। केंद्र सरकार द्वारा घोषित नई अफीम नीति को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों से 2016-17 में औसत आधार पर अफीम तुलवाई गई थी परंतु नई नीति में पट्टे मार्फिन के प्रतिशत के आधार पर दिए जाएंगे। किसानों का कहना है कि यह उनके साथ अन्याय है और हजारों किसान पट्टों से वंचित हो जाएंगे। जिन किसानों ने अच्छी औसत के आधार पर अफीम विभाग को दी उनके पट्टे कम मार्फिन आधार पर काट दिए गए हैं, जो न्यायसंगत नहीं है। इसके विरोध में किसान 25 अक्टूबर को नीमच में नारकोटिक्स उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे।

अफीम काश्तकार संगठन के अमृतराम पाटीदार, योगेंद्र जोशी, खूबचंद शर्मा, रामेश्वर आर्य, तुलसीराम माली, गोपाल पाटीदार, देवेंद्र जोशी, रमेश शर्मा आदि ने बताया कि शासन ने अभी तक डोडाचूरा क्रय करने के लिए कोई नीति नहीं बनाई है। प्रशासन भी असमंजस में हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार को औसत आधार पर डोडाचूरा का भुगतान करना होगा। मार्फिन 5.9 को आधार मानकर किसानों को नए लाइसेंस जारी किए गए हैं। इससे वर्तमान में लगभग 15 हजार किसान पट्टे से वंचित रहने की आशंका है। सांसद सुधीर गुप्ता और अन्य जनप्रतिनिधि भी अफीम किसानों की बात केंद्र में पहुंचा नहीं पा रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश है। इसके विरोध में 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजे नारकोटिक्स उपायुक्त कार्यालय के गांधावादी तरीके से धरना देकर नारकोटिक्स कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

नीति किसान विरोधी

पिपलियामंडी। केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई नई अफीम नीति किसान विरोधी है। कांग्रेस नेता अनिल शर्मा व भूपेंद्र महावर ने कहा कि किसान विरोधी नीति से लगभग 5 हजार किसान पट्टे कटने से चिंतित है।

ये हैं प्रमुख मांगें

– वर्ष 2013-14 में प्राकृतिक आपदा से कटे पट्टे फिर से शून्य औसत पर दिए जाए।

– डोडाचूरा नीति घोषित कर शासन डोडाचूरा क्रय करें

– घटिया पट्टों को तत्काल जारी करें

– मार्फिन की मात्रा को घटाया जाए और वर्तमान में काटे गए समस्त पट्टे जारी किए जाएं।

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