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किसानों यूरिया खाद के लिए हो रहे परेशान

मंदसौर । जिले में इस बार किसानों के लिए यूरिया खाद फसलों को देना मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। पिछले कई दिनों से किसान यूरिया के लिए सोसायटियों से लेकर सरकारी गोदामों पर किसान यूरिया के लिए लाईनों में ही लगा हुआ है। इस बार जिले में लक्ष्य से ५ हजार टन अधिक यूरिया बंटा है। बावजूद इसके अब भी मांग बनी हुई है।लगातार यूरिया की किल्लत गहराई हुई है। विभाग भी इसे दूर नहीं कर पा रहा है और प्रशानिक तंत्र भी यूरिया को लेकर हो रही इस फजीहत से किसानों को निजात नहीं दे पा रहा है। सुबह से लेकर रात तक किसान यूरिया के लिए इधर-उधर भटक रहा है।

गुरुवार को मिले दो-दो कट्टें
मंदसौर में स्थिति सरकारी गोदाम पर गुरुवार को भी यूरिया के लिए जिले के विभिन्न गांवों से आए किसानों की लंबी लाईन लगी। यहां किसानों को दो-दो कट्टे यूरिया के दिए गए। सोसायटियों में यूरिया नहीं मिलने के कारण यहां पहुंचे किसानों को यूरिया दिया गया लेकिन उन्हें लाईनों में लगकर लंबा इंतजार करना पड़ा। यही हाल यहां हर दिन का है। कभी एक तो कभी दो कट्टे यूरिया मिल रहा हैतो कईबार खाली निराश जाना पड़ रहा है। टनों से जिले में मांग के अनुसार लगातार यूरिया मंगवाया जा रहा है जो यहां से जिले की विभिन्न सोसायटियेंा में भेजा जा रहा है, लेकिन जो यहां पहुंच रहे है उन्हें यहां से दिया जा रहा है।

सोसायटियों के लिए प्राथमिकता खातेधारक
जिले में करीब 104 सोसायटियां है, जहां यूरिया भेजा जा रहा है, लेकिन उनके लिए पहली प्राथमिकता उनके खातेधारक है। खातेधारक को ही सोसायटियां यूरिया दे रही है। ऐसे में जो अन्य किसान है वह जिले में पहुंच रहे है तो परेशान हो रहे है। लगातार यूरिया की मांग बनी हुई है।विभाग ने जिले के लिए इस बार १४ हजार टन का लक्ष्य रखा था लेकिन इस बार मांग बढ़ी तो इस बार लक्ष्य से ५ हजार टन से भी अधिक यूरिया अब तक बंट चुका हैऔर अब भी मांग बनी हुई है।

20 हजार टन बांटा फिर भी मांग जारी
पिछले साल यूरिया 14 हजार टन ही किसानों ने लिया था। ऐसे में इस बार विभाग ने लक्ष्य ही कम रखा। इसी कारण जिले में लक्ष्य के अनुरुप यूरिया आया लेकिन मांग बढ़ गई। और खाद नहीं मिलने के कारण किल्लत बढ़ी फिर आनन-फानन में विभाग ने खाद की जुगाड़ की। ऐसे में अब तक विभाग के माध्यम से १७ हजार ५०० टन यूरिया जिले में भिजवाया तो सोसायटियों के पास भी करीब डेढ़ हजार यूरिया था। इस तरह २० हजार टन यूरिया जिले में इस बार बंट गया और अभी भी मांग बनी हुई है।

ढाई हजार टन की और मांग की है
2600 टन यूरिया और आया है और ढाई हजार टन यूरिया की और मांग की है। इसके अलावा 600 टन किसान यूरिया निजी को भी जिले के लिए आया है। अब तक विभाग के माध्यम से साढ़े 17 हजार टन यूरिया व सोसायटियों का मिलाकर कुल 20 हजार टन यूरिया बंट चुका है। जनवरी-फरवरी तक यह दौर चलेगा लेकिन अब पूर्ति हो रही है। -एएन पांडेय, डीएमओ, मंदसौर

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