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केंद्र सरकार के “नीति आयोग” ने साफ़ कह दिया है की किसानों की आमदनी 2022 तक दुगनी नहीं हो सकती–गुर्जर

मन्दसौर। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष महेंद्रसिंह गुर्जर ने कहा कि भाजपा ने हमेशा किसानों को छल्लने का ही काम किया है। देश की उन्नति में किसानों का विशेष योगदान होने के बाद भी केंद्र की सरकार ने किसानों को केवल सपने बताने का ही काम किया हैं। श्री गुर्जर ने कहा कि देश की विकास दर में किसानों का पसीना लग रहा है। केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार ने पहले “स्वामीनाथन रिपोर्ट “का जुमला दिया और अब ये “दुगनी आमदनी” का भी जुमला ही निकला। भाजपा सरकार ने किसानों की आय को दुगुना करने और खेती को लाभ का धंधा बनाने का वादा किया था।
किसानों को एक सीडी ही समझते हैं, जिसका प्रयोग “सत्ता” हथियाने के लिए करते हैं! वक़्त आ गया है की किसान अपनी वोट संगठित करे और इस सीडी का प्रयोग गांव/किसान के हित के लिए करे।
अगर किसान की आमदानी दुगनी करनी है तो कृषि विकास रेट प्रतिवर्ष 10.5% होनी चाहिए। (2014 से 2016 तक कृषि विकास रेट थी .5%)। 2016-17 में कृषि विकास रेट 4.3% है।

श्री गुर्जर ने कहा कि रिपोर्ट ये भी कहती है की

(1) अगर आने वाले टाइम में किसान खेती पर ही आश्रित रहा तो 50 % किसान गरीबी रेखा के नीचे होगा।
(2) किसानों की असल आमदनी 2014 से 2016 घट ही रही है बड़ नहीं रही।
(3) किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए उत्पादन बढ़ाना पड़ेगा, फसल का भाव बढ़ाना होगा, पशुपालन को प्रोत्साहित करना पड़ेगा, क्रॉप इंटेंसिटी बढ़ानी होगी, खेती से किसानों को हटाना होगा (दूसरा रोज़गार बनाना होगा)।
वैसे तो इस पर ध्यान कम ही है। अगर ये सब कर भी दिया सरकार ने, तो भी किसान की आमदनी में बढ़ोतरी 2027 से पहले संभव ही नहीं है।

श्री गुर्जर ने किसानों के हित में केंद्र सरकार से तीन सूत्रीय मांग की है

(1) किसान की उपज का मूल्य दो गुना। उपज का मूल्य भी प्रतिवर्ष महगाई दर के साथ – साथ बड़े।
(2) किसान का पूरा कर्जा माफ
(3) फसल का 100% बीमा हो।

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