Breaking News

केशव स्मारक समिति कि दो दिवसीय व्याख्यामाला

सत्य और तथ्य वाले समाचार समाज के सामने प्रस्तुत करेगा वहीं पत्रकार सर्वमान्य होगा मिडिया ने ही कश्मीर के उन चेहरों को उजागर किया है जो पत्थर फिंकवा रहे है – श्री परमार

 

मंदसौर निप्र। सत्य के साथ तथ्य वाले समाचारो को जनता व समाज के समाने प्रस्तुत करेगा वहीं मिडिया संस्थान या पत्रकार सर्वमान्य होगा। पत्रकारिता पहले भी मिशन थी अब भी मिशन ही है और आगे भी मिशन ही रहेगी। ये उद्गार दैनिक स्वदेश इंदौर के संपादक शक्तिसिंह जी परमार ने केशव स्मारक समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय व्याख्यान माला के तहत् प्रथम दिन सरोकार व बाजार के बीच पत्रकारिता धर्म पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रबुद्धजनों की संबोधित करते हुए प्रकट कि है। नपा सभा भवन में आयोजित इस व्याख्यानमाला की अध्यक्षता नगर के सुप्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ अशोक जी सोलंकी ने की। इस अवसर पर केशव स्मारक समिति के अध्यक्ष प्रवीण मिण्डा भी मंचासिन थे।
श्री परमार ने कहा कि पत्रकारिता व पत्रकारों के दायित्व भी समय के मान से बदले है। समय के साथ सभी को बदलना ही पड़ेगा। वर्तमान समय में पाठकों का जनमानस भी देखना पड़ेगा और पत्रकारिता धर्म भी निभाना पड़ेगा अगर इसमें चुक हुई तो वह देश व समाज के लिये घातक है। लोकमान्य तिलक पत्रकारिता के पथप्रदर्शक है। सत्य व तथ्य को उन्होने आमजन के सामने प्रस्तुत किया। उनके मूल्य आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे है। आजादी के पूर्व पत्रकारिता मिशन थी और बाजार गौण था आजादी के बाद पत्रकारिता का मिशन बदलने लगा और पत्रकारिता के साथ व्यवसाय जुड़ने लगा जिसके दुष्परिणाम भी सामने आने लगे है। स्पेक्ट्रम घोटाले जैसे में मिडिया ने दलाल की भूमिका भी निभाई थी जो सर्वविदित् है। ऐसे में भी मिडिया संस्थानों द्वारा पत्रकारिता धर्म को निभाया है। कुछ पत्रकार नेताओं की वेशभूषा को प्रमुखता देते है। ऐसी खबरों से आमजन में निराशा का भाव जाता है। जबकि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर लोकसभा की चैखट को नमन करने वाली खबर को भी प्रमुखता से आमजन के सामने प्रस्तुत कर अपने धर्म का निर्वहन किया है। वहीं मिडिया ने कश्मीर में भाड़े के लोगों द्वारा पत्थर फिंकवाने वाले उन चेहरों को भी उजागर करने मंे कही कोताही नहीं बरती जिनके बच्चे विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। आमजन को भी मिडिया द्वारा परोसी गई सकारात्मक खबरों के प्रति उत्साह जताना चाहिए वहीं नकारात्मक खबरों के लिये विरोध भी प्रकट करना चाहिए। श्री परमार ने कहा कि दो चेहरे वालों को मिडिया द्वारा महत्व दिया जाता है तो यह मिडिया का सरोकार नहीें कारोबार होता है। मिडिया समाज व राष्ट्र का प्रहरी है जो जगाने का कार्य करता है।
श्री परमार ने कहा कि पढने की आदत डालेगे तो ही सलाह दे सकेगे। वर्तमान में सबसे बड़ा दायित्व मिडिया का हैै वे ईमानदारी बरते अगर मिडिया दायित्वों से विमुख हुआ है तो उसे भुगतना पड़ेगा। तीन तलाक के मामले में सकारात्मक भूमिका अदा की है और मिडिया के माध्यम से ही तीन तलाक से पिड़ित महिलाएॅ सामने आई है। योग को घर घर तक पहुॅचाने में मिडिया की भूमिका रही है जिसके परिणाम हम सबके सामने है। इतिहास में गड़बढ़ी करने वालों को विरोध होना चाहिए। सोशल मिडिया का अच्छा बताते हुए आपने कहा कि इसका दुर्पयोग भी होने लगा है। जनता तय करेगी वह क्या देखना और पढ़ना पसंद करेगी। मिडिया भी वहीं बतायेगा।
प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत केशन स्मारक समिति के श्री चावला एवं प्रवीण मिण्डा आदि ने किया। व्यक्तिगत गीत प्रांजल शर्मा प्रस्तुत किया। समारोह में बड़ी संख्या में नगर के प्रबुद्धजनों के साथ मातृशक्ति उपस्थित थी।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts