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क्या इन्द्रदेवता ने मन्दसौर के सभी धर्मों को पास लाने के लिए की अल्प वर्षा?

Brajesh Arya वर्षा की कामना को लेकर 3 अगस्त 2018, रात्रि 8.30 बजें नगपालिका सभाग्रह में एक बैठक का आयोजन श्री हरी कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में रखा गया। विषय बहुत गंभीर था, मन्दसौर शहर में पिछले 15 दिनों से बादल तो आ रहे है पर बारिश नहीं हो रही है। किसानों की फसल दाव पर लगी है। व्यापारियों के चहरे उतरे हुए है। चारों तरफ बस व्याकुलता फेली हुई है कि बारिश कब पुनः प्रारम्भ होगी। इसी चिंता को लेकर भाई नरेन्द्र अग्रवाल ने चिंता करतें हुए हरी कथा अयोजन समिति के माध्यम से सभी धर्मों की एक बैठक का अयोजन किया गया, जिसमें मन्दसौर में निवासरत सभी धर्मों के बंधुओं को आमंत्रित किया गया। यह एक अनुठी पहल है। भाई नरेन्द्र अग्रवाल ने विषय की भुमिका बताते हुए सभी से आग्रह किया कि इन्द्रदेवता हमारे पुरे क्षेत्र से नाराज है बाकि जगह तो अछी वर्षा हो रही है पर हमारे क्षेत्र में नहीं हो रही है इसलिए अब हम सभी धर्म के बंधु मिलकर एक साथ 05 अगस्त 2018, रविवार को सुबह 9 बजे विश्वपति शिवालय गांधी चौराहा से प्रारम्भ होकर पशुपतिनाथ मंदिर तक सभी धर्मां के स्थान जो रास्तें में आयेगें जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा जाकर सभी धर्मों के माध्यम से ईश्वर को मनाने हेतु बारिश की कामना की जायेगी। इसका समापन पशुपतिनाथ मंदिर में 10ः30 बजे किया जायेगा। इसके पश्चात सभी धर्मों के बंधुओं से अपील की गई है कि उज्जैयनी के रूप में मन्दसौर से बाहर निकलकर कंडों पर खाना बनाये व इन्द्रदेवता को प्रसन्न करे। ताकि जल्द से जल्द बारिश हो सके।

 

इस बैठक में सभी समाज प्रमुख, कर्मचारी संगठन, व्यापारिक संगठन, एवं सामाजिक संगठनों के जागरूक बंधुओं ने उपस्थित होकर अपनी सहमती इस पुनित कार्य हेतु प्रदान की।

 

मन्दसौर शहर वैसे भी पिछले लम्बे समय से धार्मिक भावनाओं को लेकर देश विदेश में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। यहॉ पर धर्म को लेकर आमना समना थोड़े दिनों मे होता ही रहता है और इसका परिणाम यह हुआ है कि धर्मों की आपस में खिंचातान और प्रतियोगिता सी आये दिन त्यौहारों, रैलियों व आयोजनों के माध्यम से चलती ही रहती है और इसमें घी डालनें का काम कुछ नासमझ छोटी मानसिकता और छोटी बुद्धि के लोग अपनी राजनितिक और एक अलग पहचान बनाने के उभरते हुए नए कलाकार कर ही लेतें ताकि उनको शहर में एक नई पहचान मिल सके। कुल मिलाकर यह है कि मन्दसौर शहर धर्म के हिसाब से एक संवेदनशील नगर की कुछ लोगों की चाह के कारण अपनी अनचाही पहचान बना चुका है। और इसके आगे बढने की और ज्यादा सम्भावना है क्योंकि चुनाव सिर पर है और चुनावों में धर्म के नाम पर राजनितिक पार्टिया और लोग अपनी रोटिया जरूर सेकते है।

 

इन सभी उपरोक्त धार्मिक भेदभाव और संघर्ष को दूर करने हेतु संभवतः इन्द्रदेवता ने यह सौचा होगा की बारिश को इस समुचे क्षेत्र से दुर रखा जाये ताकि सभी धर्मों को पास लाकर एकता का माहोल बनाया जा सके। बारिश की कमी से हमेशा ही नुकसान होता है पर मन्दसौर में सभी धर्माें को पास लाने का काम इस बारिश की कमी ने करा है। अर्थात बारिश की कमी हमारे क्षेत्र में धार्मिक सदभावना लाने का कार्य कर रही। बैठक की आयोजन समिति धन्यवाद की पात्र है जिन्होने सभी धर्मो को एक छत के नीचे व एक मंच पर बीठाकर एक मिसाल पेश की है हेलो मन्दसौर उनको दिल से सलाम करता है और उपर वाले से कामना करता है कि हमारे शहर को इस आयोजन के पश्चात बारिश की ऐसी बहार दे कि यह आयोजत बैठक सालों साल मिसाल के रूप में याद रखी जाये……..

 

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