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क्या मंदसौर नगरपालिका को मिलेगा कांग्रेस का कोई कार्यवाहक अध्यक्ष?

मंदसौर. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि नपा में कार्यवाहक अध्यक्ष सरकार कांग्रेस के किसी पार्षद को बनाएगी। ऐसे में कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए घमासान मचा हुआ है। पार्षद सक्रियता तो कोई वरिष्ठता तो कोई पार्षदों के समर्थन से तो कोई वर्ग विशेष की बात कर अपनी दावेदारी रख रहा है। अलग-अलग गुटों से जुड़े होने के कारण कोई महाराज से तो कोई राजा साहब से तो कोई बाबा साहब से लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से सीधे संपर्क कर जोरआजमाईश में लगे है। जिले के कांग्रेस नेताओं से लेकर भोपाल में बैठे नेताओं तक संपर्क कर अध्यक्ष की कुर्सी भले ही अल्प समय के लिए लेकिन हासिल करने के लिए पार्षद कोई कसर नहीं छोड़ रहे है।

न कोई बैठक और न कोई क्राईट एरिया अब तक हुआ तय
17 जनवरी को नपाध्यक्ष की हत्या के बाद से खाली हुई कुर्सी के बाद एक्ट टटोले गए तो यही बात सामने आई की राज्य शासन उपचुनाव होने तक किसी को नियुक्त कर सकता है। ऐसे में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण कांग्रेस पार्षद के अध्यक्ष बनने के कयास लगाए जा रहे। लेकिन अब तक इसे लेकर पार्टी ने स्थानीय स्तर पर अपने पार्षदों को लेकर कोई बैठक नहीं की और न कोई क्राईट एरिया तय किया कि महिला को बनाना है या पुरुष का या फिर किसी वर्ग के चेहरे को यह कमान देना है। सब अपने स्तर से भोपाल में लॉबिंग करने में लगे हुए है।

नेता प्रतिपक्ष अब तक तय नहीं कर पाई कांग्रेस और अब जुटा रहे समर्थन
नगर सरकार के इस कार्यकाल में विपक्ष में रही कांग्रेस अब तक अपना नेता ही नहीं चुन पाई और बिना नेता प्रतिपक्ष के ही अब तक नपा की कार्रवाई चल रही है। न ही नेता प्रतिपक्ष के लिए कांग्रेस ने पार्षदों से कोई राय मशवरा या बैठक की। 3 साल से अधिक का कार्यकाल बीतने के बाद नेता प्रतिपक्ष तो पार्टी नहीं चुन पाई, लेकिन अब अध्यक्ष बनने के लिए पार्टी स्तर पर पार्षदों का सहमति पत्र देकर अध्यक्ष बनने की दौड़ में लगे हुए है।

नपाध्यक्ष के लिए इन नेताओं की रहेगी अहम भूमिका
नपा में कांग्रेस के 17 पार्षद है। इनमें से 6 नाम अध्यक्ष की दावेदारी में दौड़ में चल रहे है। जो भोपाल में बैठे अपने नेताओं से संपर्क में है। इसके चलते यह कयास लगाए जा रहे है कि जिस नेता की चलेगी। उसके समर्थन का नाम अध्यक्ष के लिए सरकार तय कर देगी। इसमें मंदसौर नपाध्यक्ष के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्गिविजयसिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिधिंया, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन की अहम भूमिका होगी। इन्हीं नामों के भरोसे कांग्रेस पार्षद अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने में लगे हुए है।

बेटे के पास विभाग इसलिए पिता से मिल रहे पार्षद
वर्तमान में नगरीय प्रशासन विभाग पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे जयवर्धनसिंह के पास है। ऐसे में निकाय में अध्यक्ष बनने के लिए मंत्री के पिता पूर्व मुख्यमंत्री से मिलने में कांग्रेस पार्षद लगे हुए है। इधर जो पर्यवेक्षक मनोहर बैरागी भी आए थे, उनकें कार्यवाहक अध्यक्ष के लिए कुछ पार्षदों ने दावेदारी रखी। लेकिन कुछ पार्षदों का कहना है कि वह लोकसभा चुनाव के लिए आए थे और नपाध्यक्ष के लिए चर्चा करेंगे। इसकी सूचना महज 10 मिनट पहले मिली।

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