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क्या विधानसभा चुनाव 2018 मे बागी पड़ेंगे भाजपा पर भारी?

टिकट की मारा-मारी के बाद अब बागियों ने भाजपा और कांग्रेस के लिए 30 से ज्यादा सीटों पर मुश्किल खड़ी कर दी है। पर्चा भरने की आखिरी तारीख के बाद टिकट न मिलने से नाराज नेता सामने आ गए हैं। उन्होंने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा से पांच बार सांसद और दो बार विधायक रहे कुर्मी वर्ग के नेता डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने एक साथ दो सीटों दमोह और पथरिया से नामांकन भरके शिवराज सरकार के वित्तमंत्री जयंत मलैया के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। इसकी जानकारी लगते ही डैमेज कंट्रोल के लिए प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत उनसे मिलने जा रहे हैं। यही हाल कांग्रेस का भी है। झाबुआ में कांग्रेस ने सांसद कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया को उम्मीदवार बनाया है। विधायक जेवियर मेड़ा उनके रास्ते में आ गए हैं। उन्होंने अपना पर्चा दाखिल कर दिक्कत पैदा कर दी है।

झाबुआ व अलीराजपुर क्षेत्र में कांतिलाल भूरिया के विरोध में कई जगह कांग्रेसियों ने प्रदर्शन भी किए। मेड़ा का कहना है कि आदिवासियों के लिए कांतिलाल भूरिया ने कुछ नहीं किया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2013 के चुनाव में 33 ऐसी सीटें थीं, जिनमें दो फीसदी वोटों के अंतर से हार-जीत हो गई थी।

इन सीटों पर विद्रोह – बसपा-सपाक्स में गए और लिया टिकट

– विजयपुर में भाजपा नेता आैर पूर्व विधायक बाबूलाल मेवरा टिकट न मिलने से नाराज होकर पार्टी से नाता तोड़कर बसपा में शामिल हो गए हैं। वे विजयपुर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

– लहार में भाजपा नेता अंबरीश शर्मा उर्फ गुडडू ने भाजपा से बगावत कर दी। शर्मा ने बसपा का दामन थाम लिया है। बसपा ने उन्हें लहार विस सीट से टिकट भी दे दिया है।

– करैरा से भाजपा के रमेश खटीक को लगातार दूसरी बार टिकट नहीं मिला तो उन्होंने बगावत कर दी। भाजपा ने यहां पर पूर्व विधायक ओमप्रकाश खटीक के बेटे को टिकट दिया तो रमेश खटीक सपाक्स से मैदान में आ गए।

बागीयों का यहां भी विरोध है जारी 

– नीमच में कांग्रेस की जिला कार्यवाहक अध्यक्ष मधु बंसल ने टिकट नहीं होने पर निर्दलीय का परचा भरा। इसी सीट से भाजपा से टिकट ना मिलने पर पूर्व विधायक खुमानसिंह शिवाजी के पुत्र जनपद सदस्य सज्जनसिंह चौहान ने नामांकन भरा। सपाक्स से भूपेंद्र गौड़ ने नामांकन भरा।

– जावद में कांग्रेस नेता समंदर पटेल ने टिकट न मिलने पर नामांकन भरा।

– मल्हारगढ़ में कांग्रेस से 2008 व 2013 के प्रत्याशी रहे श्यामलाल जोकचंद ने वंचित रहने पर नामांकन भरा, उन्होंने कहा नाम वापसी तक टिकट बदलाव की पूरी उम्मीद। इसी तरह कांग्रेस से गिरीशकुमार ने भी फार्म भरा।

– गरोठ में टिकट कटने पर विधायक चंदरसिंह सिसौदिया ने भाजपा से नामांकन पत्र भरा। भाजपा के वरिष्ठ नेता अमरलाल मीणा ने भी नामांकन भरा। कांग्रेस से जिपं सदस्य त्रिलोक पाटीदार, पूर्व जनपद अध्यक्ष रीना तूफानसिंह सिसौदिया ने भी परचा भरा।

– सुवासरा में कांग्रेस के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष ओमसिंह भाटी ने पार्टी के फैसले के विरोध में नामांकन भरा। बीजेपी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश काला ने भी नामांकन भरा।

– मनासा में कांग्रेस के पूर्व विधायक विजेंद्रसिंह मालाहेड़ा व कांग्रेस नेता व जिला उपाध्यक्ष मंगेश सिंघई ने नामांकन भरा।

– पुष्पराजगढ़ सीट से भाजपा के पूर्व विधायक सुदामा सिंह ने पर्चा भरा। यहां से कांग्रेस के जिला पंचायत उपाध्यक्ष रामसिंह बागी हो गए हैं।

– अनूपपुर में कोल प्राधिकरण के सदस्य बिसाहूलाल रौतेल भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में आ गए हैं।

– कोतमा में विधायक मनोज अग्रवाल टिकट कटने से नाराज हैं और मोर्चा खोल दिया है। यहीं से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी राजेश सोनी भी मैदान में आ गए हैं।

– सिंहावल से पूर्व प्रत्याशी विश्वामित्र पाठक मैदान में हैं। उनके बेटे व सिंगरौली जिला पंचायत अध्यक्ष अजय पाठक ने पद से इस्तीफा दे दिया है।

– नागोद सीट से सतना जिला पंचायत उपाध्यक्ष रश्मि सिंह पटेल ने इस्तीफा देकर नामांकन भरा है।

– मुड़वारा से कटनी जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष शुक्ला ने भाजपा प्रत्याशी के विरोध में पर्चा भरा।

– पनागर से भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र त्रिपाठी व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भारत सिंह यादव मैदान में कूद गए हैं।

– जबलपुर उत्तर से राज्यमंत्री शरद जैन के विरोध में भाजपा के वरिष्ठ नेता धीरज पटेरिया ने पर्चा भरा है।

– सागर सीट से भाजपा नेता मुकेश जैन ढाना मैदान में हैं।

– सतना से भाजपा के वरिष्ठ नेता रामोराम गुप्ता सपाक्स से प्रत्याशी बने हैं।

– रतलाम ग्रामीण से टिकट न मिलने पर भाजपा जिला मंत्री डॉ. पूनम सोलंकी ने बगावत करते हुए पर्चा दाखिल किया।

– सैलाना में टिकट कटने से नाराज विधायक संगीता चारेल ने पर्चा भर दिया।

– जावरा में भाजपा से दो व कांग्रेस से तीन दावेदारों ने बगावती तेवर दिखाए। भाजपा से पिपलौदा नगर परिषद अध्यक्ष श्याम बिहारी पटेल, मंडी संचालक प्रतिनिधि विश्वजीतसिंह आंबा व कांग्रेस से हमीरसिंह राठौर, पूर्व नपाध्यक्ष यूसुफ कड़पा व जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ ने नामांकन दाखिल किया है।

भाजपा ने बड़नगर से प्रत्याशी बदला
भाजपा ने ऐन नामांकन से पहले बड़नगर (उज्जैन) से प्रत्याशी बदल दिया है। सूची में पहले जितेंद्र पंडया को प्रत्याशी बनाया गया था, लेकिन भारी विरोध को देखते हुए संगठन ने इस सीट से संजय शर्मा को प्रत्याशी घोषित कर दिया। संगठन ने आनन-फानन में उज्जैन से संगठन मंत्री प्रदीप जोशी को सूचना दी। इसके बाद बी फॉर्म संजय को दिया गया।


बागी इसलिए खतरा : पिछली बार 2% वोटों के मार्जिन से 33 सीटों पर हार-जीत

विधायक कुशवाह भाजपा छोड़ सपा गए
टिकट कटने से नाराज भिंड से भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने सपा से पर्चा भर दिया। श्योपुर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बृजराज चौहान ने टिकट न मिलने पर निर्दलीय नामांकन फार्म भर दिया।

दिग्गजों को जिम्मेदारी : भाजपा-कांग्रेस बागियों को मनाने में जुटी 

भाजपा की पूर्व महापौर समीक्षा भी बागी हुईं
ग्वालियर में भाजपा की पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने ग्वालियर दक्षिण से निर्दलीय रूप में पर्चा भरा। यहीं से कांग्रेस से भगवान सिंह ने नामांकन भरा, जबकि प्रवीण पाठक अधिकृत प्रत्याशी हैं।

टिकट कटा तो कांग्रेस के गुर्जर गए बसपा में
ग्वालियर ग्रामीण सीट से टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस के साहब सिंह गुर्जर बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। उधर, सीहोर से ऊषा सक्सेना ने भाजपा की जगह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में फार्म भरा।

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