Breaking News

क्या वीर सावरकर सेतु पर जाने का रास्ता होगा चौड़ा?

मंदसौर। लक्कड़पीठा ओवरब्रिज (वीर सावरकर सेतु) को शुक्ला चौक से जोड़ने में बाधा बन रहे मकानों को हटाने के लिए नपा मकान मालिकों को पूर्ण रूप से संतुष्ट अभी भी नहीं कर पाई है। तीन दिन पहले सीएमओ सविता प्रधान ने मौके पर जाकर मकान मालिकों से चर्चा की। अब सीएमओ का दावा है कि रास्ते के बीचो-बीच बाधा बन रहे कच्चे मकान के मालिकों से बात हो गई है। मकान छोड़ने के लिए 15 नवंबर तक का समय मांगा है। जबकि इसी परिवार की बेवा महिला का कहना है कि मेरी कोई बात ही नहीं हुई है। आज तक कहीं जमीन भी नहीं दिखाई। मैं अपना मकान खाली नहीं करूंगी।

लक्कड़पीठा ओवरब्रिज से धानमंडी होकर नयापुरा रोड से रास्ता जोड़ने में दौलतराम ग्वाला का मकान एवं राठौर परिवार की दुकानें बाधा बन रही हैं। नगर पालिका का दावा है कि ग्वाला परिवार के तीन भाइयों को 403 वर्गफीट जमीन के बदले मोतियाखाई के निकट इतनी ही जमीन दी जा रही है इस पर परिवार राजी है। नपा का कहना है कि 15 नवंबर तक रास्ता खुल जाएगा। यहां दौलतराम ग्वाला के पुत्र गोपाल ग्वाला, रघु ग्वाला एवं स्व.तुलसीराम ग्वाला का परिवार रह रहा है। गोपाल ग्वाला का कहना है कि नपा ने जमीन दिखाई है, 15 दिन में हम मकान खाली कर देंगे। इसी परिवार की बसंतीबाई पति स्व. तुलसीराम ग्वाला को नपा ने अब तक जमीन नहीं दिखाई है। राठौर परिवार अब तक अपनी दुकान व मकान हटाने को तैयार नहीं हुआ है।

रजिस्ट्री के बाद निर्माण के लिए मिलेंगे ढाई लाख

रास्ते में बाधा बन रहे मकान मालिकों को नपा द्वारा मोतियाखाई के निकट 403 वर्ग फीट जमीन दी गई है। उपयंत्री राजेश उपाध्याय ने बताया कि ग्वाला को जमीन की रजिस्ट्री एवं अन्य कार्रवाई के बाद मकान निर्माण के लिए ढाई लाख रुपए भी दिलाए जाएंगे।

करोड़ों के पुल का नहीं हो रहा उपयोग

लक्कड़पीठा ओवरब्रिज का धानमंडी से रास्ता खुलने में हो रही लेटलतीफी के कारण करोड़ों का पुल आवागमन के बजाय पार्किंग स्थल बना हुआ है। धानमंडी में आने वाले वाहन पर ही खड़े हो रहे हैं। पुल सालों बाद भी उपयोग नहीं आ रहा है।

धानमंडी में मेरा मकान है, उसे नपा रास्ता खोलने के लिए हटा रही है। मुझे तो नपा ने जमीन दिखाई ही नहीं है। मकान के बदले मिलने वाली जमीन मेरे जेठजी को दिखाई गई है। लेकिन उन्होंने मुझे नहीं बताया। मेरे पति नहीं हैं, दो बच्चों के साथ 8 माह से किराये से रह रही हूं। मेरा मकान तोड़ने से पहले मुझे जमीन चाहिए। अगर जमीन नहीं दिखाई तो मैं अपना मकान नहीं छोड़ंगी। – बसंतीबाई स्व.तुलसीराम ग्वाला, मकान मालिक

-हमारी जमीन जितनी जमीन नपा दे रही है, नपाध्यक्ष आए थे, उनसे बात हो गई है। हम 8 दिन में घर खाली कर देंगे। तीनों भाइयों का मकान खाली कर रहे हैं। -गोपाल ग्वाला, मकान मालिक

– बाधा बन रहे मकान मालिकों से पहले ही सहमति बन गई थी लिखित में भी दिया गया था तीन दिन पहले कहा गया है। रास्ते के बीच में बने कच्चे मकान के मालिकों ने कहा है कि वे 15 नवंबर तक घर खाली कर देंगे। इसके बाद रास्ता खोल दिया जाएगा। पूरे परिवार को जगह दिखाई है महिला गलत बोल रही है। उनके कहने पर ही 15 दिन का समय दिया है। – सविता प्रधान, सीएमओ।

– दौलतराम ग्वाला परिवार को मोतियाखाई के निकट जमीन दी गई है। जल्द ही परिवार द्वारा मकान खाली कर दिया जाएगा। इसके बाद रास्ता खुल जाएगा। परिवार की महिला से चर्चा की जाएगी। जमीन की रजिस्ट्री के बाद निर्माण के लिए ढाई लाख भी स्वीकृत कराएंगे। – प्रहलाद बंधवार, नपाध्यक्ष

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts