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खूब चला राजनीतिक ड्रामा : स्टेडियम कमेटी चुनाव

मंदसौर। शहर के नूतन स्कूल हॉल में मंदसौर जिला स्टेडियम निर्माण एवं प्रबंध समिति के चुनाव के लिए शुक्रवार की सुबह दो घंटे तक राजनीतिक ड्रामा चलता रहा। यहां 13 साल बाद स्टेडियम कमेटी के चुनाव के लिए सुबह 9 बजे से ही गहमा-गहमी शुरु होने लगी थी। इस गैरराजनीतिक संस्था के लिए वह सब कुछ हुआ जो राजनीति में होता है। नामांकन पत्र के दाखिले से लेकर चुनाव स्थगन तक आरोप-प्रत्यारोप, विरोध, बहस, नारेबाजी खूब हुई। यहां एक और प्रत्यक्ष तौर पर पूर्वमंत्री नरेंद्र नाहटा व उनके समर्थक जो सभी कांग्रेसी थे। वहीं दूसरी और भारतीय जनता पार्टी समर्थित सदस्य थे। यहां पूर्व मंत्री नाहटा के समर्थको द्वारा कार्यकारिणी सदस्यों के लिए प्रस्तुत किए जा रहे नामांकन पत्र को लेकर निर्वाचन अधिकारी पारस कुन्हारा ने आपत्ति की कि प्रस्तुत नामांकन प्रपत्र पुराने है, जबकि चुनाव नए प्रपत्र पर होने है। इसको लेकर नाहटा व निर्वाचन अधिकारी कुन्हारा के बीच थोड़ी बहस भी हुई। हालांकि नामांकन- पत्र स्वीकार कर लिया गया। दूसरी बार नाहटा ने मतदाता सूची में पांच पदेन सदस्यों को शामिल करने और उन्हें मतदान का अधिकार देने पर आपत्ति की। निर्वाचन अधिकारी कुन्हारा ने कमेटी के बायलॉज में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश नहीं होने पर अधिकारियों से परामर्श लेने की बात कहकर चुनाव 20 मईतक के लिए स्थगित कर दिया। इस बात को लेकर भी नाहटा व भाजपा समर्थितो की और से विरोध दर्जहुआ। कुछ समय के लिए तो हालात ऐसे बन गए कि कभी भी दोनो पक्ष विवाद करेंगे। निर्वाचन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस भी पहुंची। हालांकि पुलिस की दखल की नौबत नहीं आई।

अधिकारी तक नहीं पहुंची चुनाव स्थगन आदेश की कॉपी

स्टेडियम कमेटी के चुनाव को लेकर मप्र शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग मंत्रालय को कमेटी के सदस्य राजेश पारिख व हितेंद्र भाटी ने अपील की थी। अपील में रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल, स्टेडियम कमेटी के अध्यक्ष एवं नाहटा को प्रतिप्रार्थीबनाया गया था। इस पर 4 मईको उपसचिव वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग ने 23 मईतक चुनाव स्थगन करने के आदेश दिए। आदेश में कहा गया कि रजिस्ट्रार फर्म एंड संस्थाओं ने 10 मार्च2017 को आदेश दिया था कि पहले संस्था के पूर्व सदस्यों की सदस्यता का नवीनीकरण करें। बाद में वर्ष-2004 की स्थिति में दर्शित सदस्यों में से कार्यकारिणी के निर्वाचन कराना सुनिश्चित करें। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी संस्था में नवीन सदस्यता प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत आवेदनों का निराकरण पंजीकृत नियमावली के प्रावधानों के अनुसार निर्वाचन दिनांक से एक माह के भीतर आवश्यक रुप से करें। इस आदेश के विरोध में राजेश व हितेंद्र ने कईतर्कदिए। उन्होंने कहा कि वर्ष-2014 में 653 सदस्यों की सदस्यता का निर्धारण कैसे होगा और नई सदस्यता दी जाएगी अथवा नहीं। इस संबंध में फैसला आने से पहले यदि चुनाव होते है तो नवीन सदस्यों के अधिकारों की क्षति होगी। इस पर उपसचिव वीके बरोनिया ने 23 मईतक चुनाव स्थगित करने और इसी दिन सुनवाई का समय निश्चित करना सुनिश्चित किया। इस आदेश की कॉपी निर्वाचन अधिकारी कुन्हारा को शुक्रवार की सुबह तक नहीं मिली। हालांकि इससे पहले ही चुनाव 20 मई तक के लिए स्थगित किए जा चुके थे।

नपाध्यक्ष ने कहा मत देने का है अधिकार

नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कहा कि पदेन सदस्यो को मत देने का अधिकार है। पदेन सदस्य में कलेक्टर, ईईपीडब्ल्यूडी, जिला शिक्षा अधिकारी, पदेन नपाध्यक्ष एवं डॉ जेके जैन है। बॉयलाज में ऐसा कहीं भी प्रावधान नहीं है कि पदेन सदस्य वोट नहीं दे सकते। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष विनोद शर्माने कहा कि नाहटा के दबाव में प्रशासन ने चुनाव स्थगित किए है। यदि पदेन सदस्यों के वोट देने पर आपत्ति थी तो उनके पांचो का मतदान अलग से कराते। इस बीच निर्वाचन अधिकारी के बीच पर्याप्त समय था कि वे इस संबंध में उचित मार्गदर्शन ले लेते।

शाम को पूर्व मंत्री नाहटा ने लगाए कईआरोप

शाम 4 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय में पूर्वमंत्री नरेंद्र नाहटा ने जिला कंाग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातडिय़ा व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ शेख के साथ पत्रकारवार्ता की। इसमें उन्होंने शासन व भाजपा सरकार पर कईआरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 13 साल तक स्टेडियम कमेटी के चुनाव क्यों नहीं हुए। इतने वर्षोतक संस्था की मीटिंग क्यों नहीं बुलाई गई। वर्ष 2003 से 2017 के बीच राज्य सरकार, विधायक निधि व अन्य मद से संस्था को कितनी राशि दी गई। यदि राशि नहीं मिली तो स्टेडियम में लाखो रुपए खर्चकैसे किए गए। स्टेडियम में केवल एक साल में सारे कार्यहुए है। 13 साल तक प्रतीक्षा क्यों की गई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में निर्माण कार्यो को लेकर कईगंभीर शिकायतें सरकार को की गई और शासन के ही नुमाइंदें अनियमितताओं की जांच कर रहे है। हाल ही में जांच टीम भी आई। गैर राजनीतिक संस्था में भाजपा ने जमकर राजनीति की। ऐसे प्रयास किए जा रहे हैकि संस्था में विरोधियों को प्रवेश ही नहीं मिले ताकि अनियमितता पर पर्दाडाला जा सकें। चुनाव नहीं होने देना जांच पर पर्दाडालने का प्रयास है।

यह थी आमने-सामने की पैनल

नाहटा पैनल में अनिल संचेती, ओमसिंह भाटी, उमाशंकर मेहता, सुरेंद्रसिंह सिसौदिया, मदनलाल मसानिया, सुरेंद्र नाहटा, नंदकिशोर अग्रवाल, बलवंतसिंह चौहान, अशोक जैन, उमाशंकर कविश्वर थे। वहीं भाजपा समर्थित पैनल की और से राजेंद्र अग्रवाल, रविंद्र रांका, राजदीप परवाल, हिम्मत डांगी, युवराजसिंह, मनीष बग्गा, मनोज जैन, किरण राव व लोकेश पालीवाल ने कार्यकारिणी के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित होने तक दोनो पैनल की और से किसी ने भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया।

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