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खेल शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिये आवश्यक : उड़ान संस्था द्वारा आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में ग्रामीण बालिकाओं ने दिखाएं करतब

मन्दसौर। किशोरी बालिका कार्यक्रम के तहत क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया। जिसमें बालिकाओं ने भी चौके-छक्के मारकर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया। बालिकाओं ने अपना हुनर बताते हुए यह भी बताया कि हम बालिकाएं चुल्हा चौके तक सीमित नहीं है अगर हमें भी मौका मिले तो हम भी किसी से कम नहीं है।

उड़ान संस्था द्वारा आयोजित एक दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता ग्राम चिरमोलिया के माध्यमिक स्कूल के मैदान में रखी गई थी जिसका उद्घाटन ग्राम के सरपंच भेरूलाल पाटीदार द्वारा किया गया। बालिकाओं की टीमों को बधाई दी गई।

कार्यक्रम में विजेता व उपविजेता टीम को सरपंच व बाल संरक्षण अधिकारी राघवेन्द्र शर्मा, स्कूल के अध्यापक अंजली शर्मा, प्रीति व्यास, निर्भया शुक्ला ने बच्चों को शील्ड प्रदान की गई।

सरपंच श्री पाटीदार ने कहा कि बच्चों को खेल के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिये। लड़कियां भी लड़कों से कम नहीं है, बाबा साहब ने कहा है कि शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पिये वो गुर्राये। लड़कियां बाबा साहेब के इस कथन को अपने जीवन में अपनाकर आगे बड़े। स्कूल के अध्यापक अंजली शर्मा ने कहा कि आज हमारे स्कूल में हर प्रकार की सुविधा है। प्रायवेट स्कूल से भी ज्यादा सुविधा जैसे मध्यान्ह भोजन, स्कूल ड्रेस, साईकल, किताबे आदि सामान मिलता है पर कई बार कई बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते है।

प्रीति व्यास ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून बना है जिसके तहत हर बच्चे को शिक्षा मिलनी चाहिये। कोई भी व्यक्ति बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रख सकता हैं  राघवेन्द्र शर्मा ने कहा कि किसी भी बच्चे केसाथ किसी भी प्रकार का शोषण होता है तो आप लोगों के लिये चाईल्ड हेल्प लाईन नं. 1098 है जिस पर आप सूचना देते है तो तुरन्त कार्यवाही होगी। आपने कहा कि बाल विवाह नहीं होना चाहिये व अपने आसपास होता है तो उसकी सूचना भी देना चाहिये। अगर किसी का बाल विवाह हुआ है तो उसे शून्य किया जा सकता है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी बताई गई।

कार्यक्रम में क्रांति खोड़े, कुलदीप घावरी, लालीबाई धामनिया, रेखा चौहान, दुर्गा चौहान, राहुल चौहान, जितेन्द्र चौहान, अशोक चौहान, राजू चौहान, खानकी बाई, धर्मु चौहान, लाला चौहान आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में आभार ललिता लुहारिया ने माना।

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