गणतंत्र दिवस के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे आप

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गणतंत्र दिवस का दिन हर भारतीय के लिए बेहद खास होता है। इसे हर भारतीय बेहद उत्साह व उमंग के साथ सेलिब्रेट करता है। यूं तो आप सालों से गणतंत्र दिवस को मनाते आ रहे होंगे लेकिन फिर भी इसके बारे में ऐसी बहुत सी बातें होती हैं, जिसके बारे में अधिकतर लोग अनजान ही हैं। तो चलिए इस गणतंत्र दिवस हम आपको इन्हीं कुछ रोचक बातों से रूबरू करवाते हैं−

-भारत को स्वतंत्रता मिलने से पहले 26 जनवरी को पूर्ण स्वराज डे के रूप में मनाया जाता था। दरअसल, इस दिन ही भारत ने निश्चय किया था कि वह पूर्ण रूप से स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए हर कीमत चुकाने के लिए तैयार है।
-चूंकि भारत को स्वतंत्रता 15 अगस्त के दिन मिली थी, लेकिन भारत के लीडर चाहते थे कि इतिहास में इस खास दिन को याद रखा जाए, इसलिए इसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया हालांकि देश में पहला गणतंत्र दिवस स्वतंत्रता प्राप्ति के तीन साल बाद 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था। देश के पहले गणतंत्र दिवस में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो प्रथम को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।
-गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 में राजपथ पर की गई।
-आमतौर पर लोगों के लिए गणतंत्र दिवस का सेलिब्रेशन भले ही 26 जनवरी को समाप्त हो जाता हो लेकिन आधिकारिक रूप से इसका समापन तीन दिन बाद 29 जनवरी को बीटिंग रीट्रिट समारोह द्वारा होता है। इसका आयोजन विजय चौक पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना द्वारा किया जाता है। तथा इस दौरान एक ईसाई गीत abide With Me अवश्य प्ले किया जाता है। माना जाता है कि यह महात्मा गांधी के पसंदीदा गीतों में से एक है।
-बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है। इसे एक दिन में पढ़ पाना लगभग असंभव है। इसमें कुल 448 आर्टिकल हैं। साथ ही इसे हिन्दी के अतिरिक्त अंग्रेजी में भी हाथों से ही लिखा गया तथा इसकी हैंड रिटन ऑरिजिनल कॉपी पर 26 जनवरी 1950 को एसेंबली के करीबन 308 सदस्यों ने दस्तख्त भी किए थे। 26 जनवरी की महत्ता को बरकरार रखने के लिए ही इस दिन हमारे देश में संविधान प्रभावी हुआ।
-यह तो हम सभी जानते हैं कि भारत के राष्ट्रीय गान जन गण मन को पहले रबीन्द्रनाथ टैगोर ने बंगाली भाषा में लिखा था। लेकिन इसका पहला हिन्दी अनुवाद 1911 में आबिद अली द्वारा किया गया था तथा 24 जनवरी 1950 को इसे आधिकारिक तौर पर भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया। वहीं भारत के राष्ट्रगान को सबसे पहले 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कलकत्ता बैठक में गाया गया था।
-साल 1965 में गणतंत्र दिवस के ही दिन हिन्दी को भारत की राजकीय भाषा के रूप में चुना गया।

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