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गणपति चौक में पीडि़त मानवता के प्रति सेवा की मिसाल बनी बेमिसाल

मन्दसौर। जनकूपुरा क्षेत्र नगर का धार्मिक व सांस्कृतिक केन्द्र माना जाता है। मंदिरों के इस क्षेत्र में धार्मिक व सांस्कृतिक उत्सवों को भी धूमधाम से मनाने की परम्परा है। साथ ही जनकूपुरा की सेवा भावना भी बेमिसाल रहती है, यहां किसी भी दुखी पीडि़त की सेवा के लिये क्षेत्रवासी सदैव तत्पर रहते है। गुरूवार को एक ऐसा ही प्रसंग उपस्थित हुआ। एक मूक-बधिर व मंदबुद्धि व्यक्ति कीजिसकी उम्र लगभग 40 साल होगी वह नगर में भिक्षावृत्ति करता है व अपना पेट भरता है चूंकि वह सुन-बोल नहीं सकता और मंद बुद्धि भी हैं तो उसके कपड़े बेहद गंदे पुराने व दुर्गन्ध से भरे हो गये थे, बाल और दाड़ी भी बहुत बढ गये थे जिनमें जुएं हो गई थी, जब यह व्यक्ति गणपति चौक से गुजर रहा था तो यकायक इसी क्षेत्र के निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सुनील बंसल की नजर इस पर पड़ी वे गणपति चौक के ही रहवासी व व्यवसायी राजेश डोसी, राकेश सेन, औंकार टेलर, नाना टेक्सी, सलभ बन्सल, मंगलेश डोसी, ओम कबाड़ी, लोकेश गर्ग, प्रदीप बाकलीवाल, अर्जुन जाट, नितिन शिन्दे, भंवर महाराज हलवाई की मदद से इसे अन्नक्षेत्र भवन में ले गये, वहां सबने मिलकर उसे इशारों में समझाया व आश्वस्त किया कि वे सब उसके अच्छे के लिये कुछ करना  चाहते है। उसे नहलाने का उपक्रम शुरू किया पहले ता वह कुछ खतरा समझकर ना-नकुर करने लगा किन्तु जब उसे लग गया कि ये लोग उसकी मदद कर रहे है तो वह भी सहयोग करने लगा। उसकी दाड़ी बनाई गई, बालों की कटिंग की, साबुन व शैंपू से उसे नहलाकर नये चड्डी बनियान पहनाए गए, उसे भोजन कराया और उसे संकेतों समझाया गया कि वह साफ सुथरा रहे और रोज अन्नक्षेत्र में भोजन करे।

जनकूपुरा के इन सेवा भावी बन्धुओं ने बताया कि  इस व्यक्ति की इतनी गंदी हालत में देखा तो लगा यह बीमार हो जाएगा व इसके जीवन को खतरा हो सकता है तो मन से यह भावना जगी कि इसे इसकी इस दुर्गती से बाहर निकालना चाहिये और यह सेवा कार्य कर उसे मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया गया। वास्तव में पीडि़त मानवता के प्रति यह सेवा की मिसाल बेमिसाल है। यह जज़्बा बना रहना चाहिये।

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