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गणेश विसर्जन के दौरान हुए विवाद का हुआ पटाक्षेप, खुले गरोठ के बाजार : मुआवजे का भी हुआ सर्वे

विधायक एवं व्यापारी संघ के आश्वासन के बाद खुली दुकानें

गरोठ निप्र। गणेश विसर्जन के दौरान बहुसंख्यक एवं अल्पंसख्यकों के बीच हुए विवाद के कारण लगातार छः दिनों से गरोठ बंद था जो सातवे दिन विधायक चन्दरसिंह सिसौदिया एवं समाज संगठन , एवं व्यापारी संगठन के अध्यक्ष के कहने के बाद खुला।
मंगलवार को प्रातः नगर में अलाउंसमेंट्स किया गया कि सभी लोग प्रातः 10 बजे खाती पंचायत नहरे में पहुँचे वहां पर बैठक रखी गई है।गरोठ के कई लोग वहां पर पहुँचे और वहां पर विधायक चन्दर सिंह सिसोदिया एवं भाजपा नेता और वरिष्ठ जनों के साथ पहुँचे और सभी से निवेदन किया कि में भी आम नागरिक हूँ ,आप सभी ने मुझे जनप्रतिनिधि चुना है, आप के इस मामले को लेकर मैंने मुख्यमंत्री से भेट की और आप सभी को में पूर्ण रूप से विश्वास दिलाता हूँ कि जो भी पुलिस कारवाही हुई है और निर्दोष लोग को बाहर निकालूँगा। रहा सवाल जो भी धाराएं लगी है यह कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही काम होगा इसमें कुछ समय लगेगा , आप सभी लोग अपनी अपनी दुकानें खोलें और अपना व्यापार व्यवसाय रोज की तरह करे ,दुकाने बंद होने से अपना हमारा ही नुकसान है। इस मौके व्यापारी संघ अध्यक्ष बालकृष्ण दानगढ़ ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मामला नही है इस मामले में कोई राजनीती नही करे मुझे कोई पार्षद का चुनाव भी नही लड़ना है सभी अपनी दुकानें खोले।

विधायक ने खुलवाई दुकाने—-
अन्य वरिष्ठ जनों के कहने के बाद आगे रहकर विधायक की उपस्थिति में उन्होंने प्रातः 11.30 बजे अस्पताल चौराहे के यहां पर दुकानें खुलवाई, लेकिन थोड़ी देर बाद कुछ असंतुष्ट जनों द्वारा आश्वासन के बाद हंगामा किया गया।फिर विधायक के आने पर उन्हें समझाइश देकर दूकान खोलने का आग्रह किया।फिर कुछ दुकाने खुली शाम तक कुल मिलाकर सभी दुकाने खुलने लगी और सब्जी मंडी भी खुली बाजारो में चहल-पहल नजर आने लग गईं लोगो ने कुछ जरूररत अनुसार सामान की खरीदी की गई।

आश्वासन का किया विरोध—-
कुछ लोंगो का कहना था कि आश्वासन से तो पहले भी मिला था अपनी दुकानें खोल देते इतने दिन बंद नही रखते। कुछ व्यापारियों ने इस फैसले का विरोध भी किया । और उनकी तो बस मांग है कि रासुका हटायी जावे निर्दोष लोंगो को छोड़ा जावे ,नही तो गरोठ बंद ही रहेगा। लेकिन गरोठ खुल गया।

शांतिपूर्ण बंद रहा गरोठ—-
गरोठ बंद के दौरान नागरिकों एवं स्वयं सेवी संगठनों के द्वारा शांतिपूर्ण धरना ,मोन जुलुस ,मशाल रैली एवं बैठके आयोजित करना फिर भी इनकी मांग पूरी नही हो पाई है ,मामला वहीँ का वही अटका हुआ है ये अपनी मांग पर अड़े हुए थे।

यह था मामला—–
पुलिस प्रशासन द्वारा गणेश विसर्जन के दौरान गणेश जी की झांकी पर वर्गविशेष द्वारा पत्थर फेंके गए थे जिससे दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा रात्रि में तोड़फोड़, आगजनी की धटना की गई जिससे आर्थिक नुकसान हुआ था।इस घटना को लेकर वर्ग विशेष के लोगो ने थाने में पहुँचकर जिसने भी तोड़फोड़ की है उनके खिलाफ नामदर्ज रिपोर्ट की गई थी। पुलिस द्वारा दोनों ही पक्षो की रिपोर्ट पर 34 लोगो के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था अभी तक पुलिस ने 18 लोंगो की गिरफ्तारी हो चुकी थी, शेष की गिरफ्तारी की कार्यवाही चल रही है। और नुकसानी सर्वे भी पूरा हो गया है।सर्वे अनुसार उन्हें मुवावजा दिया जाएगा। मोके पर एसडीओपी भंवर सिंह सिसोदिया, एसड़ीएम आर.पी. वर्मा, टी आई. प्रतीक राय, सहित जनप्रतिनिधि गन कई नागरिक गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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