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ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस द्वारा रेवासदेवड़ा में आयोजित की श्रद्धांजली सभा

भाजपा सरकार की मंशा के अनुरूप पुलिस प्रशासन ने किया किसानों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार-सुश्री नटराजन
मन्दसौर। ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस, मंदसौर द्वारा ग्राम रेवास देवड़ा में श्रद्धांजली सभा का आयोजन विगत दिनों भाजपा सरकार द्वारा पुलिस गोली से मारे गये मासूम किसानों को श्रद्धांजली दी गई। इस अवसर पर विशेष रूप से राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन भी उपस्थित थी।
श्रद्धांजली सभा को संबोधित करते हुए सुश्री नटराजन ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने किसान के आंदोलन को बर्बरता से कुचलने का प्रयास किया। भाजपा के राज में पांच किसानों पर गोलियां चली और वे शहीद हुए, सात किसान गंभीर रूप से घायल हुए। एक किसान को पुलिस कस्टडी में लाठियों से पीट-पीट कर हत्या की गई उसके बाद उसके मृत शरीर को रेफर कर इंदौर भेजा गया वहां पर उसे अज्ञात शव बताया गया याने पुरी तरह फिल्मी घटना कारित करने की कोशिश की गई। मंदसौर जिले में पुलिस प्रशासन का ऐसा व्यवहार की कल्पना नहीं की जा सकती। युथ कांग्रेस के कार्यकर्ता ने इंदौर में देखा तो पता चला कि यह घनश्याम धाकड़ है, जब उन्होंने पहचान लिया तो पुलिस प्रशासन को उसकी जानकारी देना पड़ी। ऐसा झूठ, फरेब, भाजपा की सरकार ने किया। उसके बाद परिवार वालों का बताने का मौका आया तो रात भर भाजपा के नेता व प्रशासन ने शव की बोली लगाई। एक लाख, दो लाख, पांच लाख, दस लाख व एक करोड़ की बोली लगाई। पुलिस की बर्बरता से किसी का बेटा, किसी का पिता, किसी का भाई, किसी का पति चला गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक करोड़ की घोषणा की याने उन्होंने  स्वीकार किया कि उनकी गलती से ही गोली व लाठियों से किसानों की मौत हुई। पुरे क्षेत्र में जो हुआ वह अपने आप में चौकाने वाली घटनाए थी। मालखेड़ा के 90 वर्ष की महिला को मारा, 65 वर्ष की बीमार महिला जो चारपाई पर लेटी थी उसे भी मारा, उसके बेटे को मारा, उसका घर तोड़ दिया। शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस ने अपना रवैया अपनाया। न्यायिक जांच से घबराकर अब घबरा रहे है और घनश्याम धाकड़ के प्रत्यशदर्शीयों को डराया जा रहा है।  आपने कहा कि जो किसान आत्महत्या करने पर मजबूर होने जा रहे है, जिन किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा उनकी लड़ाई हमको लड़ना है। किसानों को अगर सही दाम मिल जाएगा तो वे खुद अपने माता-पिता को तीर्थ यात्रा करवायेंगे। आपने कहा कि देश आजाद हुआ उसके बाद सरकारी एवं प्रायवेट कर्मचारियों की तनख्वाह 150 प्रतिशत बड़ी लेकिन किसान की आय मात्र 19 प्रतिशत बड़ी।
आपने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सदैव किसानों का हित किया। किसानों के लिये कांग्रेस सदैव प्रयत्नशील रहे। कांग्रेस के सरदार भाई पटेल ने किसान सत्याग्रह किया व लगान वसूली के लिये लड़ाई लड़ी, विनोभा भावे ने देश में घुमकर भूमिहिन किसानों के लिये आंदोलन, प्रधानमंत्री स्व. श्री लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया, नेहरूजी ने बड़े-बड़े बांध बनवाये जिससे खेतों को पानी मिल सके, इंदिराजी ने हरित क्रांति की शुरूआत की जिससे गुणवत्ता मिले व खेत से उत्पादकता बड़े। 2006 में कांग्रेस ने स्वामीनाथन आयोग का गठन किया जिसकी सिफारिशों पर 2008 में 72 हजार करोड़ का किसानों का ऋण माफ किया। दूसरी सिफारिश पर किसानों को उसकी भूमि का स्वामी मानते हुए कांग्रेस ने 2013 में राहुलजी में भूमि अधिग्रहण बिल पास करवाया जिससे किसान की भूमि अतिग्रहण पर उन्हें भूमि का 4 गुना पैसा  मिलेगा। कांग्रेस ने खाद्य सुरक्षा का कानून बनवाया। यूपीए सरकार ने समर्थन मूल्य को करीब 150 फीसदी ज्यादा दाम बढ़ाया बढ़ाये। लेकिन भाजपा ने कहा कि कृषि को लाभ का धंधा बनायेंगे, दाम दोगुना करेंगे लेकिन नोटबंदी के बाद किसानों को सोयाबीन का 5 हजार से 2500 रू. का भुगतान मिल रहा है। और जब किसान अपनी मांग को सरकार के समक्ष रखते है तो उन पर गोलियां बरसाई जाती है। कांग्रेस किसानों की लड़ाई को लड़ेगी व उन्हें उनका वाजिब हक दिलायेगी।
जिलाध्यक्ष प्रकाश रातड़िया ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखता आया है लेकिन भाजपा के सांसद, विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों ने उनसे बातचीत नहीं की कोई रास्ता नहीं खोजा जिससे यह आंदोलन धीरे-धीरे उग्र हो गया उसके बावजूद बातचीत का रास्ता खोजने के बजाय किसानों पर गोलियां चलाकर आंदोलन को कूचलने का प्रयास किया गया। आपने कहा कि देश की आजादी के बाद से अभी तक अनेक आयोग गठित हुए जिसमें आंदोलनों को कैसे शांतिपूर्वक तरीके से समाप्त किया जाए उस पर विचार किया गया लेकिन  किसी आयोग ने अभी तक यह नहीं कहा कि लोगों को नियमों को ताक में रखकर आंदोलनकारियों को गोलियों से भून दिया जाए। ऐसी बर्बरता भाजपा की सरकार द्वारा की गई।
पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटील ने कहा कि भाजपा की रीति नीति रही है कि भाई से भाई को लड़ाकर सत्ता में आना। भाजपा पुनः जातिगत आधार पर चुनावी मुद्दा खड़ा करके सत्ता पर काबिज होने की कोशिश करेगी लेकिन हमें अब उनकी बातों में नहीं आना है तथा कांग्रेस की साफ सुथरी सरकार को सत्ता सौपना होगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सौभाग्यमल जैन करूण ने कहा कि देश आजाद हुआ तब खाद्य सामग्री को विदेशों से आयात करना पड़ता था लेकिन कांग्रेस ने हरित क्रांति के माध्यम से, बड़े-बड़े बांध बनवाकर कृषि को बढ़ावा दिया और आज देश खाद्य सामग्री निर्यात करने की स्थिति में खड़ा है। कांग्रेस ने सदैव कृषक एवं कृषि को बढ़ावा दिया है।
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष महेन्द्रसिंह गुर्जर ने कहा कि जनता जनप्रतिनिधि इसलिये चुनती है क्योंकि वे जरूरत के वक्त उनके साथ खड़े रहे उनकी परेशानियों का हल ढूंढे लेकिन भाजपा के जनप्रतिनिधि चुनाव जितते ही गायब हो जाते है किसानों के आंदोलन के दौरान एक भी जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़ा नहीं दिखाई दिया। अब वे घड़ियाली आंसू बहाकर किसानों के बीच जा रहे है लेकिन उनके दोगले चरित्र को किसान अब समझ चुका है।
इस अवसर पर कांग्रेस के जिला संगठन सचिव शंकरलाल पाटीदार, जितेन्द्रसिंह भाटी, माधवलाल पाटीदार, शंभुलाल चौहान, कोमल बघेरिया, राजेन्द्र भदानिया, चन्दरसिंह सिसौदिया, रविन्द्र पाटीदार, पूर्व सरपंच रमेश शर्मा, दीपक चौहान ने भी श्रद्धांजली सभा को संबोधित कर शहीद किसानों को श्रद्धांजली दी।
श्रद्धांजली सभा में गोपाल एनिया, छगनलाल साहू, किशन धनगर, हाफीज भाई, गोपाल राठौर, पूरनमल पटेल, मूलचंद प्रजापत, गोपाल पटेल, कृष्ण गोपाल माली, शाकीर भाई, रमेश ब्र्रिजवानी, जगदीश पटेल, राजेन्द्र कुमावत, संदीप सलोद, नानालाल घटावदा, मनोज कुमावत, सुभाष कुमावत, राजू पाटीदार, अजीत कुमावत, गोरधन अन्यावड़ा, मूलचंद प्रजापत, बद्रीलाल भदानिया, छगनलाल तेली, कमलेश साहू, लोकेश नागर, मोड़ीराम, छगनभाई, केशुराम राठौर, मुन्नालाल हरवा, दीनदयालसिंह देवड़ा, बद्रीलाल, राजू मालवी, राधेश्याम साहू, राकेश कुमावत, जाकिर भाई, कुशालसिंह करोली, श्यामलाल प्रजापत, श्यामलाल पाटीदार, अनिल पाटीदार, बलवंतसिंह, वर्दीचंद कुमावत, श्यामलाल, भगतराम साहू, जुगल साहू, नन्दकिशोर पाटीदार, अमृतराम सुनार्थी,  जाकीर हुसैन, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। श्रद्धांजली सभा का संचालन ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मो. युनुस मेव ने किया एवं  आभार राकेश कुमावत ने माना।

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