Breaking News

ग्राम पंचायत सूरी के सहायक सचिव और सरपंच लगे है जमकर भ्रष्टाचार में

ग्रामीणों से रिश्वत लेने के बाद भी नहीं दे रहे है योजनाओ का पूरा लाभ

सांसद के दिए गए टैंकर को नहीं संभाल पा रही है पंचायत

मंदसौर। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने की बात करते रहते है। लेकिन मंदसौर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायतें ही भ्रष्टाचार मुक्त नहीं हो पा रही है। स्थिति यह हैं कि ग्राम पंचायतों के सचिव, सहायक सचिव और सरपंच मिलकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं को लाभ दिलाने के लिये पैसो की मांग करते है। सरपंच और पंचायत के जिम्मेदार ग्रामीणों से भरपूर मात्रा में पैसा लेते है और फिर भी उनके साथ बईमानी कर जाते है। ताजा मामले के अनुसार मंदसौर जनपद पंचायत के ग्राम सूरी का सहायक सचिव ने अपनी चालाकी से कई ग्रामीणों को लूट रहा है। सहायक सचिव को किसी कानून या अधिकारी का भय भी नहीं है खुलेआम रिश्तव भी ले रहा है और सरकारी योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचार भी कर रहा है।

ग्राम सूरी के अशोक पिता धन्नालाल भांबी, गोवर्धन पिता डालूराम मोगिया, बद्रीलाल पिता जुझारलाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच श्यामलाल पाटीदार और सहायक सचिव निर्मल डबकरा जमकर भ्रष्टाचार कर रहे है। उन्होने बताया कि अशोक भांबी और बद्रीलाल को शासन की कुआं खुदवाने की योजना कपिलधारा योजना में कुआं खुदवाने के लिए पंचायत में आवेदन दिया जिसके लिए सरपंच ने 20 हजार रूपये और सहायक सचिव ने 10 हजार रूपये रिश्वत लि और दोनो आवेदकों को योजना का लाभ आवंटित किया। लेकिन सरपंच और सहायक सचिव की बईमानी रिश्वत लेने तक ही नहीं रूकी। दोनो ने हितग्राही द्वारा अपने यहॉ कार्य कर है मजदूरों जो खाता नं दिये थे जिसमें मनरेगा की राशि आती है उसमें भी घोटला कर अशोक द्वारा दिये गए 18 मजदूरों के खाता नं में से 7 फर्जी मजदूरों को खड़ा कर उनके खाता नं डाल दिये और राशि भी निकाली। इसी तरह बद्रीलाल के साथ भी ऐसा ही हुआ 12 मजदूरों को खाता नं में से 4 खाता नं ही सही डाले और बाकी खाते फर्जी डालकर उनकी राशि भी सहायक सचिव ने निकाली ली।

 

आखिर किश्त आई तो मामला आया संज्ञान में
सहायक सचिव कि चालाकी से हितग्राही अंजान थे। लेकिन शासन की योजना के तहत् अंतिम किश्त हितग्राही के खाते में आती है। जब अंतिम किश्त अशोक और बद्रीलाल के खाते आई और उसके बाद दोनों ने ही जनपद पंचायत मंदसौर कार्यालय से कपिलधारा कुआं निर्माण की रिपोर्ट निकाली तो उनको मालूम पड़ा की सहायक सचिव ने बदमाशी कर उनके द्वारा दिए गए मजदूरों के खाता नं बदलकर रूपये निकाल लिए गए है।

 

सवाल करने पर करता है अभद्र व्यवहार
अशोक, बद्रीलाल, गोवर्धन ने बताया कि जब भी वे किसी मामले पर सहायक सचिव से सम्पर्क करते है तो वह अभ्रद व्यवहार करता है और ठीक से जवाब भी नहीं देता है। ग्राम के ही युवा कार्यकर्ता जितेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि सहायक सचिव को किसी भी अधिकारी या कानून का भय नहीं है। उससे मैंने भी फोन पर बात की तो उसने मुझसे भी गाली गलौच की।

 

सरपंच और सहायक सचिव बिना रिश्वत के नहीं करते कोई भी काम
उन्होने बताया कि सूरी के सहायक सचिव निर्मल डबकरा और सरपंच श्यामलाल पाटीदार बिना रिश्वत के कोई कार्य नहीं करते है। वे 500 रू से लेकर 50 हजार तक रिश्वत अलग अलग कामों के लिए मांगते है। और मजबूर ग्रामीण उन्हें जैसे तैसे सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए रिश्वत देते है उसके बाद भी ये दोनों उस योजना में भी भ्रष्टाचार कर हितग्राही को पूरा लाभ नहीं देते है।

 

सांसद द्वारा दिये गये टैंकर की लावारिस स्थिति हुआ क्षतिग्रस्त
पंचायत के सहायक सचिव और सरपंच जमकर भ्रष्टाचार करते ही है उसके साथ पंचायत को बड़े जनप्रतिनिधियों द्वारा दि गई सहायता का भी ध्यान नहीं रखते है। सांसद सुधीर गुप्ता द्वारा सांसद निधि से ग्राम पंचायत को टैंकर दिया गया था लेकिन दोनों की उदासिनता के चलते टैंकर विगत् 5 माह से ग्राम से दो किमी दूर एक तालाब के पास लावारिस स्थिति में क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा है। जिसकी सूध लेने वाला कोई नहीं है।

 

पिछले वर्ष गिरा पेड़, इस वर्ष तक नहीं उठा पाई पंचायत
पंचायत के जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार में व्यस्त है। ग्राम के देवनारायण मंदिर के पास एक बड़ा पिछले वर्ष वृक्ष गिर गया था पंचायत की कार्यकुशलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक वर्ष बाद भी उक्त वृ़़क्ष वहीं का वहीं पड़ा है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।

 

सरकारी कुएॅ में भी किया भ्रष्टाचार
सहायक सचिव और सरपंच ने सरकारी कुएॅ में भी जमकर भ्रष्टाचार किया। शासन द्वारा ग्रामीणों को पेयजल में समस्या नहीं आए इसके लिए सरकारी कुआं खुदवाने के लिए पंचायत को राशि दि गई लेकिन सहायक सचिव और सरपंच की भ्रष्टाचार करने की आदत यहॉ भी नहीं बदली और कुऑ निर्माण में सरिया का पूरी मात्रा में उपयोग नहीं किया गया जिसका नतीजा यह निकला कि कुएॅ की बाउन्ड्री गिर गई और कुऑ खुला हो गया जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts