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चम्बल नदी पर रेत माफियाओं का कब्जा, नहीं रूक रहा है अवैध उत्खपनन

प्रशासन पर उठ रही हैं उंगलियॉ

सीतामऊ। ग्रीष्म ऋतु के तापमान का पारा दिनोंदिन उछालने पर जा रहा है जिसके प्रभाव से चंबल नदी का जलस्तर निरंतर गिरावट की ओर अग्रसर है कई जगह चंबल नदी सूख चुकी है जहां रेत खनन माफिया तेजी से अवैध कारोबार को बढ़ाने में लगे हुए हैं इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई पर भी लोग उंगलियां उठाने लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि पहले रेत खनन के ठेके होते हैं तथा ठेकेदारों के माध्यम से रॉयल्टी के रूप में लाखों रुपए शासन के कोष में जमा होते थे भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी नहीं जम पाती थी लेकिन वर्तमान परिवेश में ग्राम पंचायतों के अधीन रेत खनन प्रक्रिया संचालित हो रही है फलस्वरूप अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है क्षेत्र के बसई पारली सहित कई गांव जहाँ चंबल नदी सूख चुकी है जहां रसूखदारों की 25 से 30 जेसीबी धड़ल्ले से रेत निकाल रही हैं इसका नजारा ग्राम पारली के चम्बल नदी के किनारे देखा जा सकता है जहाँ टेक्टर व जेसीबी का जमावड़ा देखा जा सकता है। इस कारोबार में लिप्त रेत माफिया अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर ग्राम पंचायत में रॉयल्टी भी जमा नहीं करते हैं एवं पदस्थ सरपंच एवं कर्मचारियों को डरा-धमकाकर प्रताडि़त करते हैं ग्राम पंचायत गोपालपुरा के सरपंच कम्मू लाल रेबारी के साथ अवैध खनन माफिया द्वारा मारपीट भी की गई जिसकी रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज है इस घटना के दौरान वहां पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।

प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहा संदेह- क्षेत्र में अवैध रूप से रेत खनन माफिया सक्रिय हैं ग्राम पारली में सरेआम रेत निकासी हो रही हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हैं जनपद पंचायत के अधीनस्थ ग्राम पंचायतों में यह कारोबार फल फूल रहा है इस संबंध में आम चर्चा का विषय बना हुआ है मुख्य कार्यपालन अधिकारी राकेश शर्मा सहित स्थानीय प्रशासन कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता का निर्वाह कर अपनी जेब गर्म करने में लगे हुए हैं इस संबंध में प्रशासन की भूमिका पर उठाई उंगलियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है जो अभी आश्चर्य का विषय है कि जिला प्रशासन की कार्रवाई की आंच क्षेत्र तक नहीं पहुंच पा रही है जिसकी वजह से क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध रेत निकासी का कारोबार फल फूल रहा है।

डरा धमका रहे है- इस संबंध में गाँव के सरपंच नाथूसिंह गुजर्र का कहना है कि रेत खनन माफियाओं द्वारा रेत निकासी जोरों पर की जा रही है रॉयल्टी लेने हमारा कर्मचारी आते हैं तो उन्हें डरा धमका देते हैं कई बार प्रशासन के जिला व तहसील अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है नहीं उनके कानों में जु रेंग पा रही है।

इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी राकेश कनेरिया का कहना है कि रेत खनन का कार्य पंचायतों क्या दिन है इस संबंध में जिला पंचायत व जनपद पंचायत कार्यवाही कर सकते हैं।

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