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चीनी पटाखे बेचने पर कार्रवाई

deepawli

चाइनीज के आयात पर पाबंदी के बाद इनका भंडारण और बिक्री अवैध तौर पर ही की जाती है। माना जा रहा है कि प्रतिबंध होने के बावजूद अधिक सख्ती नहीं होने से इस वर्षफिर से चाइनीज पटाखे शहर में बिकेंगे। उल्लेखनीय है कि इन चाइनीज पटाखों के कारण हर साल 20 से 40 छोटी- बड़ी दुर्घटनाएं होती आई है।
बोली पर किसी का नियंत्रण नहीं 50 रुपए से 2 हजार कीमत वाले चीनी पटाखों की इंटरनेट पर लगने वाली बोली पर किसी का नियंत्रण नहीं है। वेबसाइट आर्डर बुक कर रही हैं तो नकेल कसने वाले सर्वर ही तलाश नहीं पा रहे। वहीं, जिले में अब भी प्रशासन चीनी पटाखों की रोकथाम पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है। जबकि भारतीय पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। चीन से आने वाले घातक पटाखों की रोकथाम के दावों के बावजूद इनकी अवैध बिक्री पर नकेल नहीं डाली जा सकी है। भारतीय पटाखों के साथ चीनी पटाखे भी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बेचे जाने की पूरी संभावना है। त्योहारी सीजन के लिए तैयार पटाखा बाजार में इस वर्ष भी चीनी पटाखे खतरे की घंटी बजाएंगे। प्रमुख शहरों में पहुंचने वाले इन चीनी पटाखों के आयात पर देश की सरकार ने पाबंदी लगा दी है, लेकिन ऑनलाइन पटाखा कारोबार में जुटी कई कंपनियां अपनी वेबसाइट पर चाइनीज पटाखों की पूरी श्रृंखला परोस रही है।
इन साइट पर बिक्री, ऑफर भी जानकारी अनुसार इंटरनेट पर इस समय कोवी क्रेकर्स डॉट कॉम, फेस्टीव क्रेकर्स डॉट कॉम, फेस्टीवल क्रेकरर्स डॉट कॉम, अलीबाबा डॉट कॉम, अमेजन इन, डीएच डॉट कॉम सहित अन्य वेबसाइटों पर चीनी पटाखों को दर्शाया जा रहा है। इनकी ऑनलाइन बुकिंग हो रही है। चाइनीज पटाखों की ऑनलाइन बिक्री को लेकर दक्षिण की कई बड़ी भारतीय पटाखा कंपनियां भी ऑनलाइन ऑफर लेकर आई है। अनिल क्रेकर्स सहित शिवाकाशी की कई कंपनियां चाइनीज को टक्कर दे रही है। कुछ ने तो नो चाइनीज स्लोगन भी दर्शाया है। आयात पर प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज पटाखों को लेकर ऑनलाइन सेल भी सजाने की तैयारी है। कई वेबसाइट त्योहारी सीजन के लिए एक अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक विशेष सेल दर्शा रही है। जबकि इस दौरान चीनी पटाखों का आयात बैन ही रहेगा।
इंटरनेट के कारोबार पर नहीं नियंत्रण अनार से लेकर चीनी बम इन वेबसाइटों पर धड़ल्ले से बुक हो रहे हैं। यही नहीं पटाखों की डिलीवरी के लिए भी बकायदा संपर्क नंबर एवं पता दर्शाया है। कायदों को ताक पर रखकर इंटरनेट के इस कारोबार पर अब तक नियंत्रण नहीं किया गया है। देश में इस समय एक दर्जन से ज्यादा वेबसाइटों पर पटाखों की बिक्री ऑनलाइन हो रही है। इनमें ज्यादातर कंपनियां कई वर्षो से चल रहीं है। ये वेबसाइट चीनी पटाखों की पूरी रेंज के साथ खरीदारों को आकर्षित करती है। वेबसाइट पर हर पटाखें की कीमत और उसकी क्षमता दर्शाई गई है। ज्यादातर वेबसाइट का संचालन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के रायपुर से किया जा रहा है। चीनी उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री वाली ज्यादातर वेबसाइट विदेशों से संचालित की जा रही हैं। इनमें चीन के बड़े शहर शामिल है। साथ ही कुछ वेबसाइट का संचालन कोरियाई देशों, अमेरिका सहित मलेशिया और आबुधाबी से भी किया जा रहा है। विदेश से संचालन के चलते भारतीय एजेंसियां इन वेबसाइट पर नियंत्रण नहीं रख पा रही हैं।
वेबसाइटों पर उत्पादों की बिक्री और अन्य प्रावधानों को लेकर साइबर स्तर पर ही जांच की जा सकती है। यह मसला स्थानीय स्तर की बजाय ऊपरी स्तर का ज्यादा है। कई ऑनलाइन वेबसाइट विदेशों से संचालित होती है, इन पर सरलता से नियंत्रण नहीं होता। यह गंभीर मसला है। इस संबंध में आगरा में संबंधित विभाग को लिखा जाएगा। जिले में चाइनीस पटाखे मिलने पर संबंधित पर स त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक सहित जिले के थाना प्रभारियों व एसडीएम को पत्र जारी किए हैं।
चीनी पटाखों को लेकर प्रशासन ने पटाखा व्यापारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही आमजन भी चीनी पटाखे के विरोध में उतर आए हैं। चीनी पटाखों के बाद अब चीनी सामग्री के विक्रय का भी विरोध शुरू हो गया है। विरोध के चलते शहर में पाकिस्तान के साथ चीनी झंडे को भी फूंक दिया गया। साथ ही बाजार में दुकानदारों से चीनी सामग्री नहीं बेचने और आमजन को इसकी खरीदी नहीं करने की अपील की जा रही है। त्योहार पर हर साल बिकते चीनी पटाखों से मानव स्वास्थ्य और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ते विपरीत प्रभाव को लेकर जागरुक किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी विरोध तेज जिले में हर साल त्यौहारों के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध बिक्री वाले चीनी पटाखों को लेकर अब सख्त संदेश आने लगे है। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर आमजनों की सख्त प्रतिक्रियाएं आने लगी है। सोशल मीडिया पर मिलने वाली अधिकांश कमेंट में लोगों को चीनी पटाखों का विरोध करने की बात कहीं जा रही है। सरकार द्वारा चीनी पटाखों के आयात पर पाबंदी के बाद इनकी बिक्री, भंडारण और परिवहन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। धारा 144 के तहत दंडात्मक आदेश जारी भी किए गए है।

मानव शरीर के लिए अधिक घातक प्रशासन पहले यह तय करें कि कौन से पटाखे चीनी है और कौन से भारतीय। वर्तमान में प्रशासन द्वारा पटाखों विक्रय के लिए लाइसेंस दिए जा रहे हैं। सभी लाइसेंसधारी पटाखा विक्रेताओं पर प्रशासन पैनी नजर भी रखें और उन्हें ताकिद भी करें कि वे चीनी पटाखों की बिक्री ना करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी। यह पटाखे मानव शरीर के लिए अधिक घातक है। -अभय डोसी, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉमर्स

पटाखा व्यापारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि विदेशी पटाखें का विक्रय नहीं करें। यदि कोई विक्रय करता पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -स्वतंत्रकुमार सिंह, कलेक्टर, मंदसौर

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