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 चोले के लिये 26 साल तक का इन्तजार ! तलाई वाले बालाजी की महिमा है अनूठी, मत्था टेककर होती है भक्तों के दिन की शुरूआत

मंदसौर। अगाध आस्था और श्रद्धा के केन्द्र के रूप में जाना जाता है, मन्दसौर के तलाई वाले बालाजी का दरबार। गांधी चौराहा और बालागंज के संधि स्थल के बीच स्थित तलाई वाले बालाजी की लीला कितनी अपरम्पार है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, यहां यदि बालाजी को चोला चढ़ाना है तो आज की स्थिति में सामान्य वार में 7 साल तो मंगलवार के लिये 26 साल का इंतजार भक्तों को करना पड़ रहा है।  संकटो को दूर करने वाले और हर मनोकामना को पूर्ण करने वाले चमत्कारिक तलई वाले बालाजी के यहां सुबह 5 बजे से भक्तों का सैलाब उमड़ना शुरू होता है जो रात 10 बजे तक अनवरत जारी रहता है। ऐसी मान्यता है कि, हनुमान जी कलियुग के प्रत्यक्ष देवता है , उनके दर्शन मात्र से राम की कृपा सुलभ हो जाती है जिससे दैहिक , दैविक , एवं भौतिक ताप तुरंत दूर हो जाते हैं । श्री तलाई वाले बालाजी के दरबार में लड्डू चूरमे का प्रसाद चढ़ाने, राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करवाने और चोला चढ़ाने से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। यही वजह है कि यहां हर दिन चोला चढ़ाने के बावजूद चोले की प्रतिक्षा सूची सालों की लम्बित है। मन्दिर सूत्रों की माने तो मंगलवार को चोला चढ़ाने के लिये 26 साल, शनिवार के लिये 21 साल, सामान्य अन्य वारों के लिये करीब 7 साल का इंतजार भक्तों को करना पड़ता है। इतना ही नहीं राम रक्षा स्त्रोत करवाने के लिये 2 साल और लड्डू चूरमे के भोग के लिये भी करीब 2 साल की प्रतिक्षा भक्तों को करना पड़ेगी।  तलाई वाले बालाजी का मंदिर एक ऐसा अनूठा मंदिर है जहां पट खुलने से राम रक्षा स्त्रोत की गूंज गूंजती है तो वहीं रात को पट बन्द होने पर सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालिसा और भजन कीर्तन के सूर गूंजते रहते है। प्रतिदिन सैकड़ों से लेकर हजारों की तादाद में भक्त यहां मत्था टेककर दयालु बाबा के नाम से पहचाने जाने वाले तलाईवाले बालाजी का आशीर्वाद प्राप्त करते है। भक्ति और श्रद्धा इतनी अटूट है कि व्यापारी और नौकरी पर जाने वाले लोग पहले दरबार में मत्था टेकते है और फिर अपने काम-काज की शुरूआत करते है।

700 साल पुराना है इतिहास- लगभग सात सौ वर्ष पुरानी बालाजी की प्रतिमा प्रारम्भ में विशाल वटवृक्ष के नीचे विराजित थी, यह स्थान शहर से दूर सूबा साहब (कलेक्टर) बंगले के पास स्थित था । मंदिर के पास ही एक तलाई थी जिस पर वर्तमान में नगरपालिका तरणताल स्थित हैं । किवंदती हैं कि इस प्रतिमा की स्थापना अत्यंत सिद्ध परमहंस संत द्वारा की गयी थी, बहुत समय तक यहाँ बनी धर्मशाला, तलाई एवं मंदिर साधु संतों एवं जमातों का विश्राम एवं आराधना स्थल रहा । उपलब्ध प्रमाणों से ज्ञात होता हैं कि नगर की प्रमुख फर्म एकामोतीजी के फूलचंदजी चिचानी,  बद्रीलालजी सोमानी, नत्थूसिंहजी तोमर ने लम्बे समय तक अपनी सेवाएं दी । अन्नत श्री विभूषित ब्रह्मलीन पूज्य राजारामदासजी महाराज अधिष्ठाता, श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर, भीलवाड़ा ने भी 1940 ई. में यहाँ रहकर साधना की हैं।

 

आज बडे बालाजी मंदिर बस स्टेण्ड पर महाआरती का आयोजन

आज दिनांक 31 मार्च शानिवार को श्री बडे बालाजी मंदिर बस स्टेण्ड पर श्री हनुमान जयंति महोत्सव धुमधाम से मनाया जायेगा। हनुमान जयंति प्रात 6 बजे पूर्णहूति होगी तथा भगवान के जन्म की आरती होगी। रात्रि 8 बजे विशाल शाही महाआरती होगी। भगवान बालाजी की 151 दिपक से महाआरती की जायेगी। इस महाआरती में पंजाव से आये पहलवान अपनी व्यायाम कला का प्रदर्शन करेगे। गुजरात की शहनाई पार्टी व राजस्थान के बेण्ड की गंुज के बीच श्री हनुमानजी की आरती की जाऐगी। कोटा बुदी की शहनाई व बडनगर उज्जैन का शाही बैण्ड के कलाकार भी महाआरती में शामिल होगे। उज्जैन की 5 तोपे भी मंदसौर क 51 ढोल धार के नगाडे व दाहोद गंुजरात के ढोल भी रहेगे तथा हनुमानजी की महाआरती के समय अपनी ध्वनी गुजांयमान करेगे। इस अवसर पर रंगारंग आतिशबाजी भी की जायेगी।

चमत्कारिक बड़ वाले बालाजी मंदिर पर होगा जन्मोत्सव का भव्य आयोजन

नालछा माता रोड स्थित चमत्कारिक बड़वाले बालाजी मंदिर प्रांगण पर 31 मार्च को हनुमान जन्मोत्सव बड़े उत्साह एवं धूमधाम के साथ मनाया जाएगा वहीं 30 मार्च को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, प्रातः से ही सुंदरकांड पाठ प्रारंभ हो गया था जो देर शाम तक जारी रहा। प्रतिवर्ष हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम बड़ वाले बालाजी मंदिर समिति के चरण सेवकों द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसमें महा आरती और महाप्रसादी का आयोजन प्रमुख होते हैं , इस वर्ष भी महा आरती ढोल नगाड़ों की थाप पर की जावेगी, मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार, लोक निर्माण विभाग सभापति मुकेश खिमेसरा, समाज सेवी हिम्मत डांगी , समाज सेवी अरुण शर्मा आदि की उपस्थिति में बड़े वाले बालाजी के भक्तों एवं चरण सेवकों द्वारा श्रद्धा-भक्ति के साथ ढोल की थाप पर महा आरती का भव्य आयोजन होगा, इसके पश्चात महाप्रसादी का आयोजन आयोजित किया गया है।

श्री कृषि पति बालाजी मंदिर पर भी भंडारे का आयोजन

श्री कृषिपति बालाजी मंदिर समिति के तत्वाधान में पं कृष्ण वल्लभाचार्य शात्री (मालवा स्वामी ) के सानिध्य में आज हनुमान जयंती के पावन पर्व पर अफीम गोदाम रोड़ बैंक ऑफ इंडिया के सामने स्थित कृषि पति बालाजी मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन रखा गया है । प्रातः 6 बजे श्री कृषि पति बालाजी महाराज की महाआरती होगी , सुबह 8 बजे पूजन हवन होगा । तथा शुद्ध मुंगफली के तेल से निर्मित भोजन प्रसादी बालाजी महाराज को भोग लगाकर कन्या पूजन कर सुबह 9 बजे भोजन प्रसादी शुरू होगी जो प्रभु इच्छा तक चलती रहेगी । यह जानकारी कृषि पति बालाजी समिति अध्यक्ष शुभाष भार्गव , सरंक्षक डॉ गिरीश भार्गव , कोष प्रभारी नन्द किशोर सोलंकी , प्रचार मंत्री जितेन्द्रसिंह सोंलकी , सचिव कन्हयालाल सोनगरा , कोषाअध्यक्ष अशोकसिंह शक्तावत , पुजारी विजय शर्मा , मीडिया प्रभारी पंडित रवि शर्मा ने दी।

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