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छात्राओं को दिखाई गई फिल्म सॉरी डेडी नहीं हटाये गये श्रीजी मंदिर में लगे अश्लील पोस्टर

अच्छे संदेश के लिये फिल्म देखने गई छात्राओं को अश्लील पोस्टरों से मिला कैसा संदेश……….?

मंदसौर। मंगलवार 28 नवम्बर 2017 को नगर के घंटाघर स्थित श्रीजी चित्र मंदिर टॉकिज में नगर के ही गांधी चौराहा स्थित महारानी लक्ष्मीबाई विद्यालय की बड़ी (9 से 12 कक्षा) छात्राओं को फिल्म दिखाई गई।

छात्राओं को फिल्म दिखाने ले जाना कोई गलत बात नहीं है। लेकिन आगे जो हम आपको बताने जा रहे है उससे आप भी हैरान रह जायेगे। छात्राओं को जिस टॉकिज में अच्छे संदेश देने के फिल्म देखने ले जाया गया था वही चारों और अश्लील फिल्म के पोस्टर लगे थे। पोस्टर इतने अश्लील और फिल्म का नाम भी इतना अश्लील था कि हम सार्वजनिक रूप से टॉकीज में लगे पोस्टर या फिल्म का नाम भी नहीं बता सकते।

उल्लेखनीय है कि जिन छात्राओं को फिल्म देखने ले जाया गया वे कोई बच्चीयॉ या छोटी उम्र की नहीं थी वे उन पोस्टरों व फिल्म के नाम को नहीं समझ पायें, सभी छात्राएॅ समझदार नौवीं कक्षा से लेकर 12 वीं कक्षा तक की थी। अब समझा जा सकता है कि टॉकिज में लगे गंदे व अश्लील पोस्टरों का छात्राओं पर क्या असर हुआ होगा और उन्हें क्या संदेश मिला होगा……………?

समझदार शिक्षकोे की महागलती: महारानी लक्ष्मीबाई विद्यालय में पढाने वाले लगभग सभी शिक्षक व प्राचार्य अच्छे पढ़े लिखे परिवार के साथ रहने वाले है। वे सभी टॉकिज में फिल्म के दौरान थे लेकिन उन्होने भी टॉकिज मे ंलगे अश्लील व गंदे पोस्टरों पर कोई आपत्ति नहीं ली जबकि पोस्टर इतने गंदे व बेहूदा थे कि संभ्रात व्यक्ति उन पोस्टर को देख ले तो शर्म से सिर झुका ले लेकिन अब ऐसे शिक्षक विद्यार्थियों को क्या संदेश देगे ये भी समझा जा सकता। एक बात यह भी रही कि छात्राओं को फिल्म देखाने लायें ज्यादातर शिक्षक पुरूष वर्ग के ही थे।

कैसे रूकेगे शोषण के मामले: स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ यौन शौषण जैसे मामले लगातार प्रकाश में आते रहते है। ऐसी स्थित मे शासन ने कई कठोर नियम भी स्कूलों के लिये बनाये है। लेकिन जब जिम्मेदार शिक्षक ही ऐसे कार्य करेगे तो कैसे स्कूलों में शोषण के मामलों पर रोक लगेंगी।

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