Breaking News

जब एक साथ उठी 7 अर्थिया तो लोगो की आंखे हुई नम

मंदसौर. राजस्थान के भीलवाड़ा-कोटा राजमार्ग पर सोमवार रात सड़क दुर्घटना में मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के गांव संधारा के एक ही परिवार के सात लोगों सहित नौ लोगों की मौत हो गई और छह घायल हो गए। मृतक भीलवाड़ा में बहन के यहां मामेरा लेकर गए थे और रात को वापस लौट रहे थे। मंगलवार शाम सभी शवों को संधारा लाया गया, जहां शर्मा परिवार के निवास से सात सदस्यों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली। गांव के ही एक अन्य मृतक की अंत्येष्टि मंगलवार को की गई। हादसे में एक साथ इतनी मौतों से गांव में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा-कोटा राजमार्ग पर बीगोद व त्रिवेणी के बीच पावनधाम मंदिर के पास सामने से आ रही रोडवेज बस (आरजे 06-पीए 2182) ने जीप (आरजे 33-यूए 1895) को जोरदार टक्कर मार दी।

संधारा में जैसे ही 8 शव पुलिस एम्बुलेंस में लेकर पहुंची वैसे ही परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने जैसे ही शवों को देखा तो उनका रुदन फट पड़ा। कभी गिरते तो कभी बेहोश हो जाते। गांव वाले जैसे तैसे कर उनको ढांढस बांधते। गांव के शर्मा परिवार के घर से जहां कल भांजे की शादी की खुशियां थी वहां एक साथ हादसे ने इन खुशियां को मातम में बदल लिया।

एक साथ सात अर्थियां उठी तो हर किसी की आंख नम हो गई। अंतिम यात्रा में हज़ारों लोग शामिल हुए। शर्मा परिवार के कुएं पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई देने मानो पूरा गांव उमड़ पड़ा। जिसने भी यह नजारा देखा वहां मौजूद हजारों लोगों में हर आंख नम हो गई। गांव के चौपाल से लेकर छत और परतों पर खड़े हर पुरुष व महिला की आंखों में आंसू थे। एक साथ सात अर्थिया उठने के साथ एक साथ सात चिताएं भी जली।

राजस्थान के कोटा जिले की सीमा से लगे संधारा गांव में 10 फरवरी की देर रात एक परिवार के साथ ऐसा कहर बरपा की एक दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई। जिसमें शर्मा परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना में शर्मा परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में 3 महिलाएं व 6 पुरुष है। यह सभी अपनी बहन सुनीता पति जगदीश त्रिवेदी आजाद नगर, भीलवाड़ा के यहां उनके दो बेटों की शादी मैं मायरा लेकर गए थे। घटना की खसबर सुन गांव संधारा में मातम छा गया और सन्नाटा पसर गया।

कलेक्टर मनोज पुष्प एवं एसपी हितेश चौारी के निर्देश पर रात में नायब तहसीलदार मनोज शर्मा व एसआई लाखन सिंह राजपूत, एसआई जगदीश निनामा घटनास्थल पर पहुंचे व स्थानीय पुलिस व प्रशासन की मदद से शवों को और घायलों को मांडलगढ़ भीलवाड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया। मृतकों में 7 सदस्य संधारा के त्रिलोकचंद शर्मा परिवार के हैं। वह एक चालक नईम व एक वर्तमान जनपद प्रतिनिधि ब्रजमोहन बैरागी का 20 वर्षीय पुत्र दीपक बिरागी है।

नगर के इतिहास में पहली ह्दय विदारक घटना
मृतकों में त्रिलोक चंद शर्मा (48) पिता भेरुलाल शर्मा, कौशल्या बाई (45) वर्ष पति त्रिलोक शर्मा, प्रदीप (32) पिता देवीलाल शर्मा, पार्थ (15) वर्ष पिता राजेंद्र शर्मा, राजेंद्र (46) पिता भेरुलाल शर्मा, कौशल्या बाई (55) पति देवीलाल शर्मा, मनीषा (22) पति विनायक शर्मा, दीपक (20) पिता ब्रजमोहन बैरागी सभी गांव संधारा निवासी एवं जीप चालक नईम (40) पिता मामालूम निवासी ढाबला माधोसिंह है। वही घायलों में विनायक (24) पिता त्रिलोक शर्मा, मोना (28) पति प्रदीप शर्मा, वैदिक (3) पिता प्रदीप शर्मा, अभिषेक (22) पिता त्रिलोक शर्मा, अनुज (16) पिता जगदीश शर्मा, तनुज (15) पिता जगदीश शर्मा इन सब का उपचार भीलवाड़ा राजकीय जिला अस्पताल में चल रहा है। भानपुरा क्षेत्र के इतिहास में यह पहली दर्द विदारक घटना है। पूरे संधारा गांव में शोक की लहर है संधारा गांव पूर्णतया बंद है।

लापरवाही रही हादसें का कारण
मिली जानकारी अनुसार दुर्घटना का कारण बस बहुत लापरवाही से तेज गति से चल रही थी और सामने से जीप को टक्कर मार दी। बस के यात्रियों के अनुसार बस चालक बस चलाते हुए यात्रियों से विवाद कर रहा था। इसी दौरान सामने से ट्रैक्टर आने के कारण अपने साइट पर चल रही जीप को जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में जीप के परखच्चे उड़ गए। और इसमें सवार शर्मा परिवार के सात लोग कालकलविंत हो गए। कुछ शव तो क्षत-विक्षत हो गए। रोडवेज बस में भी सवार 6 व्यक्ति घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही भीलवाड़ा कलेक्टर राजेंद्र भट्ट, एसपी हरेंद्र महावर भी मौके पर पहुंचे और घायलों को देखा और उचित उपचार के प्रबंध किए। ग्रामीणों ने जीप में फंसे शवों को निकाला। बीगोद पुलिस थाना पर अनिल (42) पिता उमाकांत शर्मा निवासी संधारा भानपुरा की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया गया है।

संधारा के समीप धरनावद में आने वाली थी बारात
भीलवाड़ा से 11 फरवरी को दोनों बेटे की बारात जो त्रिलोक शर्मा परिवार के भांनजे है। संधारा के समीप ही धरनावद मैं आने वाली थी। सुबह 10 फरवरी को धूमधाम हंसी खुशी के बीच बहन पप्पी को और उसके परिवारजनों को मायरा पहनाया गया व शाम भोजन करके यह परिवार रात्रि में वापस ग्राम संधारा के लिए निकला के सुबह अपने भांनजो की बारात की अगवानी कर शामिल हो सके पर खुशियों का पूरा माहौल शोक में बदल गया। तहसीलदार भानपुरा अर्जुनसिंह भदौरिया, थाना प्रभारी भानपुरा ओमप्रकाश तंतवार सुबह से ग्राम संधारा में मौजूद थे।

तीन चिता पर हुआ सात का अंतिम संस्कार
संधारा में अंतिम यात्रा शर्मा परिवार कृषि भूमि पहुंची। जहां सभी 7 मृतकों का 3 चिताओं पर अंतिम संस्कार किया गया। इसमें एक चिता पर मृतक त्रिलोक, पत्नी कोशल्याबाई ओर बहु हर्षिता के शव दूसरी चिता पर मृतक प्रदीप और मां कोशल्याबाई और तीसरी चिता पर मृतक राजेंद्र ओर बेटे पार्थ के शव थे। वही मृतक दीपक बैरागी के शव का भी पारिवारिक कृषि भूमि पर अंतिम संस्कार हुआ। दुर्घटना में मृतक जीप चालक नईम को ग्राम ढाबला माधोसिंह में दफनाया गया। जीप चालक 12 दिन पूर्व जीप चालक नईम की पत्नी ने प्रथम संतान बालिका को जन्म दिया था। इस दौरान विधायक देवीलाल धाकड़, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हुकुमचंद बाफना, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दर्शन वधवा, फरीद चौधरी, कृष्णकांत द्विवेदी, पूर्व विधायक चंदरसिंह सिसोदिया, वीरेंद्र यादव, जितेंद्र पुरोहित, विनीत यादव, एडिशनल एसपी विनोद सिंह चौहान, एसडीएम केसी ठाकुर सहित अन्य मौजूद थे।

मां से हुई थी बात
मृतक दीपक के दोस्तों ने बताया कि सोमवार की रात 8 बजे मृतक दीपक बैरागी से माता गायत्री से अंतिम बार बात की थी। तब मा ने दीपक से पूछा था कि कब आ रहे हो तो दीपक ने महिला संगीत चलने की की बात कही थी। और उस के बाद अन्य कार्यक्रम खत्म होते ही लौटने को बात कहा था।

पीठाधीश्वर सहित दोनों राज्यों के सीएम ने जताया दुख
इस दुखद घटना पर भानपुरा पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी तीर्थ महाराज ने कहा कि यह बहुत बड़ा हादसा है। समाचार सुनकर मुझे सदमा लगा है। ईश्वर ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न करें। यह पीडि़त परिवारों के लिए असहनीय क्षण है। मैं भानपुरा पीठ की ओर से आत्मीय शोक संवेदना व्यक्त करता हूं। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने भी घटना पर दुख जताया है।

भीलवाड़ा में आशीर्वाद समारोह निरस्त
दुर्घटना में शर्मा परिवार के तीन भाइयों में से दो की मौत हो चुकी है। अब घर की जिम्मेदारी जगदीश शर्मा पर है। इनका मूलत: काम ज्योतिषाचार्य एवं भागवत कथा के साथ खेती का है। वहीं भीलवाड़ा में आशीर्वाद समारोह के कार्यक्रम को हादसे के चलते निरस्त कर दिया गया है।

मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख की सहायता मंजूर
कलेक्टर मनोज पुष्प ने मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2-2 लाख की सहायता राशि मंजूर की गई है। वहीं घायलों के परिवारों को 50-50 हजार की सहायता राशि मंजूर की गई है। सड़क दुर्घटना के अंतर्गत जो प्रावधानों हैं उसके तहत मृतकों के परिवारों को 15-15 हजार की सहायता एवं घायलों के परिवारों को 7.5-7.5 हजार सहायता राशि मंजूर की गई है।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts