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जमकर नियमों का मखौल उड़ाया सुनिल ओझा ने : एक संस्था का गठन कर स्वयं का भला कर शासन को और संस्था को पहुॅचाया लाखों का नुकसान

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  • रजिस्ट्रॉर सहकारिता कार्यालय और नपा की मिलीभगत से आज तक नहीं हो पाई कार्यवाही
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मंदसौर (HelloMandsaur)। नियमों को तोड़ना आज के समय में सबसे आम बात हो गई है और आज के इस कलयुगी युग में जो नियमों को तोड़ता है और शासन को नुकसान पहुॅचाता है ऐसे ही लोगो को प्रशासनिक मशीनरी भी पूरा सहयोग दे रही है।
नगर में इन दिनों सहकारी संस्थाएॅ बनाकर नियमों को तोड़कर लोगों को लूटने के लिये रजिस्ट्रार कार्यालय ने कई साख संस्थाओं को लायसेंस दे दिये है। लेकिन ऐसा नहीं है कि सहकारी संस्थाएॅ बनाकर घोटाले करने का चलन कोई नया है। नगर में विद्युत मंडल के कर्मचारी सुनिल ओझा ने मप्र विद्युत कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था बनाकर जमकर नियमों का मखौल उड़ाया। श्री ओझा ने पहले तो इस संस्था का गठन किया और फिर स्वयं के भविष्य का गठन करना प्रारंभ कर दिया। सुनिल ओझा ने संस्था के माध्यम से नगर के विद्युत नगर में 73 प्लॉटो की कॉलोनी का निर्माण किया जिसमें संस्था के बायलॉज के अनुसार 10 प्लॉट आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिये आरक्षित किये गये। इनके आलावा 3 प्लॉटों को कॉलोनी के नियमानुसार नगर पालिका के पास बंधक रखने का अनुबंध किया गया। और बाकि बचे 60 प्लॉटो में से 75 प्रतिशत प्लॉट ही विक्रय करने की अनुमति मिली थी। बाकि 25 प्रतिशत प्लॉट एसडीएम के आदेश पर नहीं बेचने को कहा गया था।
व्यक्तिगत स्वार्थ व आर्थिक अनियमितता के चलते संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष सुनिल ओझा ने नगर पालिका में बंधक रखे तीन प्लॉट क्र. 48, 49, 50 को बिना नपा की जानकारी में लाये बेच दिये। साथ ही इनफारमल सैक्टर के प्लॉट शासन के नियमों के विरुद्ध अपात्र लोगों को बेच दिए। संस्था के वर्तमान अध्यक्ष अशोक कुमार सैनी ने संस्था के तत्कालिन अध्यक्ष सुनिल ओझा की वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री हेल्पलाईन में शिकायत कर रखी है। वहीं श्री सैनी के अनुसार विगत् दो वर्षो से ओझा की शिकायत का मामला नपा में लम्बित है। शिकायतकर्ता श्री सैनी ने बताया कि नपा द्वारा ओझा कि विरूद्ध FIR दर्ज कराने के निर्देश भी दिये थे लेकिन नपा द्वारा आज दिनांक तक कोई मजबूत कार्यवाही नहीं की गई है।
नहीं हो पाई कॉलोनी विकसित
संस्था के तत्कानिल अध्यक्ष द्वारा किये गये घोटाले से संस्था द्वारा निर्मित की गई कॉलोनी आज दिनांक तक विकसित नहीं हो पाई है। आज भी वहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है।
जॉच में स्वीकार किया
 हॉ बेचे है प्लॉट संस्था के तत्कालिन अध्यक्ष श्री ओझा ने संस्था के वर्तमान अध्यक्ष द्वारा कि गई नपा में शिकायत के और अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कारण बताओं नोटिस में अपने जवाब में यह स्वीकार किया है कि उनके द्वारा भूलवश नपा में बंधक रखे प्लॉट और बेचने की अनुमति न होने के बावजूद भी 25 प्रतिशत प्लॉट भी बेच दिये।
यह कहना है अधिकारी का
सुनिल ओझा द्वारा संस्था के अध्यक्षपद पर रहते हुए कि गई अनियमितताओं की जॉच नपा के यंत्री जीएल गुप्ता कर रहे है। उन्होने बताया कि नियमानुसार कॉलोनाइजर जब तक कॉलोनी पूरी तरह विकसित नहीं हो जाये नपा में रखे बंधक प्लॉट को नहीं बेच सकता है। श्री ओझा ने ऐसा किया है जो कि गलत है उनके विरूद्ध जॉच चल रही है जल्द कठोर कार्यवाही की जायेगी।
 वर्तमान समय मे कॉलोनी की हालत

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