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जर्मनी से मंदसौर आकार की हॉकी टर्फ मैदान की जांच, भेजी रिपाेर्ट

मंदसौर में इंटरनेशनल क्रिकेट मैदान, बैडमिंटन कोर्ट के बाद अब खेल एवं युवा कल्याण विभाग 5.18 करोड़ रुपए से अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ मैदान भी बनवा दिया है। इसकी जांच जर्मनी के विशेषज्ञ निकोलस ने की। वे अपनी रिपोर्ट एफआईएच (फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल हॉकी) को सौंपेंगे। सबकुछ सही पाए जाने पर एफआईएच खेल एवं युवा कल्याण विभाग मैदान अपने आधिपत्य में लेने की प्रक्रिया शुरू करेगा। फिलहाल पाइप लाइन व बिजली कनेक्शन नहीं होने से काम रुका है। अधिकारियों की मानें तो जनवरी में हॉकी मैदान तैयार हो जाएगा।

शहर में उचित संसाधन व खेल मैदान नहीं होने के बाद भी हॉकी का खेल काफी लोकप्रिय है। यहां के चार खिलाड़ी वर्तमान में नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर खेल रहे हैं। आठ-दस खिलाड़ी ग्वालियर, भोपाल व दिल्ली अकादमी में हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खिलाड़ियों की प्रतिभा देखते हुए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने मंदसौर में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ मैदान बनवाया जा रहा है। इसके लिए पीआईयू द्वारा 2.2 करोड़ की लागत से बेस तैयार किया। भवन में जिम, डीएसओ ऑफिस, प्लेयर्स लॉबी, शौचालय, ड्रेनेज व्यवस्था, पंप हाउस, बाउंड्रीवाल सहित अन्य काम किए। इसके बाद शासन ने टर्फ लगाने के लिए 3 करोड़ की लागत से दिल्ली की सिंकोट इंटरनेशनल कंपनी को काम सौंपा। कंपनी ने मैदान पर डामरीकरण किया। ऊपर 15 एमएमए का रबर का शॉकपैड लगाया। अंत में नीदरलैंड से आया सिंथेटिक टर्फ लगाया। जर्मनी के निकोलस ने आधुनिक उपकरणों की मदद से मैदान की गुणवत्ता जांची। इसमें कोर्ट की मोटाई, गफ (सॉफ्टनेस) व मैदान के मापदंडों की जांच की गई। अब निकोलस अपनी रिपोर्ट एफआईएच (फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल हॉकी) को सौंपेंगे। ओके होने पर रिपोर्ट खेल एवं युवा कल्याण विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद मैदान के हैंडओवर की प्रक्रिया होगी।

काम इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा – पानी व बिजली कनेक्शन बाकी
हॉकी मैदान के किनाेर सुधरना है। सिंथेटिक टर्फ पर मेंटेनेंस नहीं करना पड़ता है, बस मैच से पहले पानी छिड़कना पड़ता है। इसके लिए चारों तरफ स्प्रिंकलर लगे हैं। अभी परिसर स्थित कुएं से मैदान तक पाइप लाइन डालने का काम शेष हैं। बिजली कनेक्शन भी होना है। काम पूरा होते ही खिलाड़ी इस पर प्रैक्टिस कर सकेंगे। भवन की फिनिशिंग चल रही है। जनवरी के प्रथम सप्ताह तक यह पूरी हो जाएगी। फरवरी में यहां राष्ट्रीय स्तर के मैच संभावित हैं।

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