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जानिए महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाले बलात्कार से जुड़े हैरान कर देने वाले तथ्य

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भारत में महिलाओं के साथ होने वाली बलात्कार की घटना कितनी विकराल समस्या है, इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि पिछले एक घंटे में चार महिलाएं बलात्कार का शिकार हो चुकी है और अगले एक घंटे आप जब तक पिछले घंटे में बलात्कार का शिकार हुई महिलाओं के लिए अफ़सोस प्रकट करेंगे। तब तक चार और महिलाएं किसी दरिंदे के नापाक मंसूबो शिकार हो जाएंगी।

भारत में हर दिन औसतन 96 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना घटती है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ो के अनुसार देश में साल 2015 में 34000 से अधिक, साल 2016 में 38000 से अधिक और साल 2017 में 2900 से अधिक महिलाएं बलात्कार जैसे जघन्य अपराध का शिकार हुई। बलात्कार से जुड़े ये वो मामले है जो दर्ज हुए है। वरना असल स्थिति तो इससे भी कहीं अधिक भयावह है।

इन दिनों हर जगह मंदसौर में एक आठ साल की बच्ची के साथ हुए बर्बर दुष्कर्म को लेकर लोगों में गुस्सा है। बलात्कार जैसे पाप को अंजाम देने वालें पापियों ने मासूम बच्चियों तक को नही छोड़ा है। भारत में हर रोज तकरीबन 5 से ज्यादा बच्चियां यौन शोषण का शिकार होती हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार साल 2016 में भारत भर में 12 साल से छोटी 2116 बच्चियों तक को हैवानों ने अपनी हवस का शिकार बनाया।

बलात्कार जैसे मामलों को रोकने के लिए हम ज्यादातर समय कड़े कानून बनाने और पुलिस की तरफ से चाक चौबंद व्यवस्था की मांग करते है। लेकिन जब आपको मालूम पड़ेगा की सरकारी आंकड़ो के अनुसार भारत में हर चार दिन में एक महिला पुलिस कस्टडी में ही बलात्कार का शिकार हो जाती है, तब भी क्या आप पुलिस की तरफ इंसाफ की उम्मीद से देख पाएंगे? क्योंकि अगर साल भर में 95 से 100 महिलाओं की पुलिस हिरासत में आबरू लूट ली जाएगी, फिर रक्षा की उम्मीद किससे की जाएगी?

भारत में अगर हर घंटे 4 बलात्कार के मामले सामने आते है, तो फिर हर 2 घंटे में एक मामला ऐसा भी होता है जिसमे महिला के साथ बलात्कार का असफल प्रयास किया जाता है। हर 2 घंटे में एक बलात्कार का असफल प्रयास का मतलब है पूरे दिन में बलात्कार के असफल कर दिये गए प्रयास की संख्या 12 है। यानी एक साल में लगभग 4500 ऐसे मामले सामने आते है जिनमे महिला के साथ बलात्कार का असफल प्रयास किया जाता है।

महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले में 4,882 की संख्या के साथ देश का दिल कहे जाने वाला मध्यप्रदेश भारत के बाकी राज्यों को पछाड़ते हुए इस बार भी पहले स्थान पर कायम है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक मध्यप्रदेश इस मामले में गत वर्ष भी देश में पहले स्थान पर ही था। इस मामले में उत्तर प्रदेश 4816 और महाराष्ट्र 4189 की संख्या के साथ देश में दूसरे और तीसरे राज्य के तौर पर दर्ज किये गये हैं। वैसे संयोग देखिए कि इन तीनो ही राज्यों में कथित रूप से ‘रामराज्य’ है।

मध्यप्रदेश सिर्फ़ महिलाओ के साथ ही नही तो नाबालिग लडकियों के साथ होने वाले दुष्कर्म के मामले में भी भारत के बाकी राज्यों को पीछे छोड़ अव्वल नबर पर बना हुआ है। मध्यप्रदेश में इस तरह के 2479 मामले दर्ज किये गये जबकि इस मामले में महाराष्ट्र 2310 और उत्तरप्रदेश 2115 के आंकड़े के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर है. पूरे भारत में 16,863 नाबालिग बालिकाओं के साथ बलात्कार के मामले दर्ज किये गये हैं।

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