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जाने गांधी सागर बांध का जलस्तर व कब खुलेंगे बांध के गेट?

मंदसौर. इन्द्रदेव ने ऐसी मेहरबानी दिखाई कि एक सप्ताह में ही चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर को भर दिया है। इस बांध में इतना पानी आ गया कि आगामी दो से तीन साल तक जिले के किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। अधिकारियों की माने तो अब पानी की आवक नौ हजार क्यूसेक हो रही है। ऐसी स्थिति में 1309 फीट पानी का लेवल पहुंचेगा उसके बाद ही गेट खोले जाएंगे।

गांधी सागर का जल स्तर मंगलवार शाम पांच बजे तक करीब 1306 फीट के रिकॉर्ड स्तर पर आ गया है। जल संसाधन विभाग के आला अधिकारियों ने पहले भारी बारिश के चलते 1306 फीट के लेवल पर गेट खोलने का निर्णय किया था। लेकिन दो दिन से बारिश का दौर कमजोर पडऩ़े तथा पानी की आवक का प्रवाह कम होने से फिलहाल गेट खोलने का निर्णय टाल दिया गया है। आला अधिकारी हर घण्टे का अपडेट ले रहे हैं। रात नौ बजे गांधी सागर में 9 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। इस बांध की जलभराव क्षमता 1312 फीट है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी गांधी सागर में पर्याप्त पानी आने से खुश है। अधिकारियों का मानना है कि आगामी दो से तीन साल सिंचाई और पेयजल के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। गौरतलब है कि 2016 में गांधी सागर का जलस्तर 1309 से अधिक होने पर चार छोटे गेट खोले थे। जिसमें साठ हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी।

जलसंसाधन विभाग के एसडीओ एमएल त्रिवेदी ने बताया कि पानी की आवक कम हो गई है। अभी पानी की आवक 9 हजार क्यूसेक हो रही है। पहले पानी की आवक को देखते हुए 1306 फीट पर खोलने निर्णय लिया गया था। लेकिन अब पानी की आवक बहुत कम हो रही है। अब 1309 फीट के बाद ही गेट खोले जाएंगे। 2016 में 1309 फीट के बाद ही चार गेट खोले थे। जिसमें 60 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी।

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