Breaking News

जिनके हाथ मे हमने औजार दिए थे उन्ही ने हमारे 6 किसानों को गोलियों से बुन दिया,रक्षक ही भक्षक बन गए है-सिंधिया

आपको न्याय दिलाकर ही चेन की सांस लूंगा -सिंधिया

बडवन में घनशयाम धाकड़ की मूर्ति अनावरण हुआ

मल्हारगढ़। में आपके सामने आपके परिवार का मुखीया खड़ा है कांग्रेस चुनाव समिति अध्यक्ष नही न सांसद खड़ा है आपके  आपके परिवार का मुखिया व नागरिक खड़ा है ।बहुत पीड़ा है दुखी है एक साल पहले जो घटना हुई आपने कभी आपके जीवन काल मे कल्पना कर सकते थे ऐसी घटना सरकार द्वारा न्यायोचित रूप से घटीत हो सकती है।
आप हम प्रतिनिधि चुनते है रेखा घनश्याम जी थे हम सरकार के प्रतिनिधक को चुना जाता है एक सरकार को चुना जाता है में आपका प्रतिनिधि नही हु हमारी सरकार नही है  में आपके परिवार का मुखिया हु परिजनों दायित्व सुख व खुशी हो संकट घड़ी में दुख को उनके परिवार के साथ खड़ा होकर उनके लिये ढांढस हम बंधाये यही सरकार जिम्मेदार होती है सरकार का मतलन गरीबो की उत्थान करना होता है वो अन्नदाता अपना पेट नही भरता अन्नदाता अपने परिवार पूरे विश्व का पेट भरता है यह बात ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बडवन में आयोजित किसान आंदोलन में पुलिस की मारपीट में मृतक घनश्याम धाकड़ की प्रातिमा अनावरण के अवसर पर आयोजित सभा मे कही । सिंधिया ने कहा कीआज हम कल्पना कर सकते थे जिन लोगो के हाथों में जिस तरीके से  बहन भाई की कलाई पर   रक्षा बंधन पवित्र धाग देखी बांधती है उसी तरह मप्र की जनता मुख्यमंत्री की कलाई पर भी रक्षा का पवित्र बंधन बांधती है वही भाई वही रक्षक ब मेरे व आपके मप्र के भक्षक बन गया।हमने सुनी कहानी चम्बल समभाग में डकैत होते थे उनकी गोली से आम गांव लोगो को बुना गया था था।लेकिन यह सरकार जिसके हाथ मे औजार हमने दिए है वह सरकार औजार लेकर मेरे घनश्याम, अभिषेक , सत्यनारायण, पूनमचंद ,चेनराम, कन्हैयालाल को गोली से बुनकर छोड़ दे यह कल्पना हमने की थी। अगर में मुख्यमंत्री होता या सिंधिया परिवार का मुखिया होता तो दुर्गालाल , रेखाबाई के पेर  पकड़कर माफी मांगता वो मुझे माफ़ करते न करते।लेकिन मेरी सरकार गलती हुई है में उस सरकार का मुख्य होता तो में पेर पकड़कर माफ़ी मांगता। धर्म वो मेरा राजधर्म बनता में दुर्गालाल जी के यहां आउ ढांढस बंधने के लिये उनके हाथ मे।1 करोड़ का चेक थमाउ ।क्या व्यापार कर रहा हु में जीवनदान का हक एक का पर्वत दीगर को हे। सरकार लगाए घनश्याम की छाती पर गोली व मुख्यमंत्री लगाए घनशयाम की जिंदगी की बोली।गर्व है मुझे कनहेलाल जी की पत्नी पर जब मुख्यमंत्री संवेदशील व्यकि बोला जिसके हदय में दिल नही है उसके दिल मे पत्थर है पत्थर।बोला 1 करोड़ का चेक कन्हैया की पत्नी बोले आप 1 करोड़ देते हो तो में 2 करोड़ इक्कठा करती हूं तुम मुझे मेरा कनहेलाल लाकर दे दो।मानवता कहा गई सीएम की इंसानियत कहा गई 6 किसान शाहिद हुए है घनशयाम को गोली से नही मारा पुलिस ने थाने  में पीट पीट उसके कर मार डाला।अगर पुलिस यह करेगी हवलदार यह करेगातो मप्र में डकैतों की जरूरत नही है। चार लोगों समंदर पटेल ,ईश्वरधाकड़,अर्जुन ,भगवती धाकड़ सरकार के साथ लड़ी की घनश्याम की जांच भी जेन आयोग में शामिल हो । क्या मतलब जेन आयोग की रिपोर्ट का।शासक के कार्यकाल मेंकोई गलत काम हो तो सजा दी जाए नाटक देखो   जैन कमीशन की  रिपोर्ट हमारी लड़ाई व राहुल जी  की सभा के बाद सार्वजनिक किया गया । आज में मुख्यमंत्री भाजपा के नही सबके मुख्यमंत्री है पुलिस इसमे जुल्मकारी , कलेक्टर व प्रशासन जुल्मकारी नही तो सीएम के खुद के हाथ खून से रंगे है। हिमांशी 2 महीने की थी जब उसके पिता का साया शिवराज ने छीना है यह याद रखना । संकल्प लेता हूं कि हमारी सरकार नवम्बर बनेगी जब तक मे न्याय दिलाऊंगा तब तक चेन की सांस नही लूंगा।यह किसी परिवार के साथ हुआ है यह घटना सिंधिया परिवार के सदस्यों के साथ हुई है।में न्याय आपको दिलाकर रहूंगा यह मेरा संकल्प है। कार्यक्रम को विधायक हरदीपसिंह डंग, जिप उपाध्यक्ष डीपी धाकड़,जप उपाध्यक्ष परशुराम सिसोदिया आदि ने सम्बोधित किया ।
यह थे मंचासीन 
मंच पर म्रतक किसान के परिवार के सदस्य रेखा, हिमांशी, दुर्गाशंकर धाकड़ व पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, सम्भागीय चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष राजवर्धन सिंह दत्तिगांव,जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़, जप उपाध्यक्ष परशुराम सिसोदिया,  सहित अनेक नेता मंचासीन थे। पूरे कार्यक्रम में मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव मन्दसौर जनपद उपाध्यक्ष परशुराम सिसौदिया छाए रहे उन के समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया ।
जगह जगह हुआ स्वागत 
सिंधिया के काफिले का जगह जगह स्वागत हुआ। दलौदा, नयाखेड़ा, धुँधड़का, बडवन सहिंत अनेक स्थानों पर परशुराम सिसोदिया मित्र मंडल द्वारा श्रीमत सिंधिया का लोगो ने स्वागत किया।
मूर्ति अनवारण किया 
बडवन में सिंधिया ने घनश्याम धाकड़ की मूर्ति का अनावरण करने पहुँचे। रस्सी से परदे हटाकर घनश्याम की मूर्ति का अनावरण किया। घनश्याम की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किंया। इस दोरान सिंधिया ने घनश्याम की 13 महीने की बालिका हिमांशी को बाहों में ले लिया व उसे लाड करने लगे।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts