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जिलाबदर अनिल सोनी की प्रचार अनुमति खारिच : शिवसेना हिंदुस्तान ने प्रेसवार्ता कर प्रशासन पर लगाया राजनैतिक दबाव का आरोप

मन्दसौर। कई मुद्दों में देश की सुर्खियां बन चुका मन्दसौर इस बार विधानसभा चुनाव में भी सुर्खियां बन रहा है। अनिल सोनी पिता दिनेश चंद्र सोनी को विगत् 27 अक्टूबर को जिला प्रशासन द्वारा जिलाबदर कर किया गया था। उसके बाद अनिल सोनी ने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर न्यायालय से अनुमति मांगी। उन्हें न्यायालय ने विधानसभा चुनाव हेतु नामांकन की अनुमति भी दी। लेकिन अब उन्हें जिला मजिस्ट्रेट मन्दसौर ने प्रचार – प्रसार की अनुमति की अर्जी को खारिच कर दि है।

चुनाव में प्रचार-प्रसार की अनुमति न मिलने से नाराज अनिल सोनी समर्थकों एवं शिवसेना हिंदुस्तान के कार्यकर्ताओं ने भयमुक्त सेवा संस्थान नई आबादी पर एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर प्रशासन पर राजनैतिक दबाव का आरोप लगाया।

शिवसेना के प्रदेश प्रमुख नाहरसिंह ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए बताया कि जब अनिल सोनी से प्रशासन को तकलीफ थी तो उन्हें चुनाव लड़ने की परमिशन क्यों दी गई। जब चुनाव लड़ने की परमिशन दे दी तो प्रचार-प्रसार की अनुमति देने में क्या समस्या है। श्री सिंह ने बताया कि भले ही प्रशासन अनिल सोनी को अनुमति दे या न दे अनिल सोनी के समर्थक प्रचार करेंगे।

इसी प्रेसवार्ता में अनिल सोनी के भाई अजय सोनी ने आरोप लगाया कि अनिल सोनी हिंदुत्व के लिए हमेशा अपराधियों से लड़ता रहा है। जिस शहर को जनप्रतिनिधियों ने अपराधियो को पनाहगार बना रखा है उसके विरुद्ध अनिल सोनी के संघर्ष की बौखलाहट है जिससे उन्हें अनुमति नही दी जा रही है। उन्हें प्रशासन पर भी राजनैतिक दबाव का आरोप लगाया है। उन्होंने ये भी कहा है कि हमने शहर के प्रमुख जल स्त्रोत को बचाने के लिए प्रयास किए है तथा अन्य कई भ्रष्टाचार की फ़ाइले अनिल सोनी के पास उपलब्ध है जिससे जनप्रतिनिधियों में अनिल सोनी का डर बना हुआ है की कही हमारी पोल न खुल जाए। अजय सोनी ने मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि वे विधानसभा के मुख्य मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे है जिसमे जिला चिकित्सालय की व्यवस्था सुधारना और तैलिया तालाब सहित अन्य जल स्त्रोतों को भूमाफियाओं से बचाना तथा शहर के आमजन और व्यापारियों को अखेपुर के पठानों के आतंक से मुक्त करवाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।

अनिल सोनी को मन्दसौर नगर में उपस्थित रहने की अनुमति को खारिच करने की अगर बात करें तो जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में साफ साफ ये लिख है कि आवेदक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कट्टर हिंदुत्व का सहारा लेकर साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की संभावना है। इसके साथ ही अनिल सोनी द्वारा फेसबुक पोस्ट में जय श्री राम लिखने पर भी प्रशासन ने आपत्ति जताई और उनके आवेदन को खारिच कर दिया है।

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