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जिले में फल फुल रहा है मत्स्योद्योग हो रहा है एक्सपोर्ट क्वालिटी की मछलियों प्रजातियों का उत्पादन

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मंदसौर निप्र। मंदसौर जिले की नदियों एवं तालाबों में एक्सपोर्ट क्वालिटी की मछलियों की करीब 20 प्रकार की प्रजातियों का उत्पादन किया जा रहा है। जिसकी मांग देश के विभिन्न इलाकों में है। मंदसौर के गांधी सागर में मछलियों की इन प्रजातियों का उत्पादन किया जा रहा है। जहाॅ से मछलियों को देश के विभिन्न इलाकों में निर्यात किया जा रहा है। वहीं कलेक्टर स्वंतंत्र कुमार सिंह ने मत्स्योद्योग विभाग को निर्देशित भी किया कि वे जिले में पाई जाये वाली हर मछली प्रजाति का प्रति किलोग्राम उत्पादन बढायें।
अधिक जानकारी देते हुये सहायक संचालक मत्स्योद्योग बताया कि जिले में सबसे अधिक मांग वाली मछलियों की करीब 20 प्रकार की प्रजातियों का उत्पादन किया जा रहा है। मेजर मछली प्रजातियों में सात प्रजातियां में कतला, रोहू, मिर्गल, सिल्वर कार्य, कामन कार्य, ग्रास कार्य आदि शामिल हंै। लोकल मेजर मछली प्रजातियों में छह प्रजातियां क्रमशः सिधाल, बाम, सवल, पढीन, चीतल, इलफिश आदि शामिल है। लोकल माईनर मछली प्रजातियों में सात प्रजातियां पावदा, मांगूर, सिग्गी, बाटा, पतोला, बकेड़ी, टेंगना एवं घोघरा आदि शामिल है।
उल्लेखनीय है कि मंदसौर जिले के जलाशयों/नदियों/तालाबों/सरोवरों में विशेषकर गांधीसागर जलाशय क्षेत्र में बहुतायत से मछलियो का उत्पादन होता है। गांधीसागर जलाशय क्षेत्र में उत्पादित मछलियों की सभी प्रजातियों को (दूसरे जलाशयों/नदीक्षेत्रों में होने वाली मछलियों की अपेक्षा) खुले मार्केट में प्रति टन/किलोग्राम अधिक रेट मिलता है।

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