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जिले में 10 प्रतिशत मतदाता बढ़े, कुल 9,46,315 मतदाता

-इस बार मतदाता को लिंगानुपात भी 957.02 हुआ



-लिंगानुपात में हुई लगभग 18 की वृद्घि

मंदसौर। आखिरकार तमाम शिकवा शिकायतों और जांच पड़ताल, नए नामांकनों को जोड़ने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया है। इसके अनुसार अब पूरे जिले में 9 लाख 46 हजार 315 मतदाता होंगे। 2013 के मुकाबले इस बार 80 हजार 867 मतदाता बढ़े हैं। इसमें सबसे ज्यादा 2 लाख 49 हजार 426 मतदाता सुवासरा विस में रहेंगे। इस बार अच्छी बात यह रही है कि लिंगानुपात भी बढ़कर 957.02 हो गया है जो 2013 में 939.86 था अर्थात लिंगानुपात में 18 की वृद्घि हुई है जो जिले के लिए अच्छी खबर है कि यहां प्रति हजार पुरुषों पर महिलाआंें की संख्या बढ़ रही है।

मंदसौर जिले की चारों विस में नंबवर में चुनाव संभावित है। इसके लिए जिला निर्वाचन कार्यालय पर तैयारियां जारी है। 31 जुलाई को मतदाता सूची का प्रकाशन कर उस पर दावे आपत्तियां बुलाई गई थी। साथ ही नए मतदाताओं का नाम जोड़ने का अभियान भी चलाया गया था। इसके बाद 27 सितंबर को अंतिम प्रकाशन किया गया है। इसके अनुसार जिले में अब कुल 4 लाख 83 हजार 539 पुरुष व 4 लाख 62 हजार 758 महिला मतदाता रहेंगे। इसके साथ ही कुल मतदाताओं की संख्या में भी 80 हजार 867 की वृद्घि हुई है।

 

इससे पहले कटे थे 41 हजार 356 बोगस मतदाताओं के नाम

इससे पहले मंदसौर जिले की चारों विधानसभाओं में नवंबर 2013 से लेकर जनवरी 2018 के बीच 60823 मतदाताओं की वृद्घि हुई थी। इसमें भी सबसे ज्यादा मंदसौर में 20769 मतदाता बढ़े थे। मल्हारगढ़ में 12012, सुवासरा में 15143 मतदाता, गरोठ में 12890 मतदाताओं की वृद्घि हुई है। कांग्रेस द्वारा प्रदेश भर में बोगस मतदाताओं की शिकायत करने के बाद निर्वाचन आयोग ने पूरे प्रदेश में मतदाता सूचियों की डोर टू डोर सर्वे करने को कहा था। जिले की मंदसौर, सुवासरा, मल्हारगढ़ व गरोठ विस में भी कर्मचारियों ने लगभग डेढ़ माह तक घर-घर जाकर सर्वे किया और सूची से एक-एक नाम का मिलान करने की कोशिश की गई है। चुनाव आयोग के कड़े रुख के चलते कर्मचारियों ने एक-एक नाम की तस्दीक की तो जिले भर में 41 हजार 356 बोगस नाम मतदाता सूचियों में मिले हैं जो मौके पर नहीं थे। इनमें सर्वाधिक नाम ऐसे मिले हैं जो सूची में बताए पते पर पहले कभी नहीं रहते थे। इससे यह भी साबित हो रहा है कि कर्मचारियों ने इससे पहले वास्तविक सूची का कभी मिलान किया ही नहीं हो।

 

सबसे ज्यादा संख्या मिली गलत पते वालों की

हालाकि निर्वाचन कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी इन 41 हजार 356 नामों में यह नहीं बता पाए कि किस कारण से नाम कटे हैं। पर यह जरुर बता रहे हैं कि सर्वाधिक नाम वह कटे हैं जो मौके पर अनुपस्थित मिले अर्थात जिनके पते गलत लिखा रखे थे। आस-पास वालों ने भी इन नामों को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की थी। इसके अलावा मृतक, बाहर चले गए व दो जगह नाम वाले मतदाता भी यहां मिले। अब सूचियों से सभी को विलोपित करने का का कार्य चल रहा है। अंतिम सूची का प्रकाशन जल्द ही होगा।

 

चुुनाव में होता है बोगस मतदाताओं का उपयोग

आमतौर पर ग्रापं, जपं, जिपं, नप, नपा, विस और लोस चुनावों में खड़े हुए उम्मीदवार और राजनीतिक दल इन बोगस मतदाताओं के मतों का उपयोग अपने-अपने पक्ष में करते रहे हैं। तभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल के कार्यकर्ता भी इन नामों को कटवाने में रुचि नहीं दिखाते हैं। हालांकि इस बार चुनाव आयोग ने दिल्ली से ही इस पूरे कार्य की मानिटरिंग की तो सभी कर्मचारियों ने मतदाताओं की छंटनी कर दी।

अभी मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। इसके अनुसार अब 9,46,315 मतदाता विस चुनाव में शामिल हो सकेंगे। वैसे मतदाताओं के नाम जोड़ने का कार्य चलता रहेगा। अच्छी बात रही है कि जिले का लिंगानुपात बढ़ा है। – ओमप्रकाश श्रीवास्तव, कलेक्टर।

पांच सालों में विधानसभा अनुसार कहां-कितने मतदाता बढ़े

मंदसौर-24313

मल्हारगढ़-18868

सुवासरा-21016

गरोठ-16655

 

2013 के विस में थे इतने मतदाता

विस-कुल-पुरुष-महिला-अन्य

मंदसौर-220197-113488-106702-7

मल्हारगढ़-206683-105741-100939-3

सुवासरा-228410-118285-110121-4

गरोठ-210173-108614-101558-1

कुल-865455-445989-419451-15

27 सितंबर 18 को प्रकाशित सूची में इतने हो गए मतदाता

विस-कुल-पुरुष-महिला-अन्य

मंदसौर-244510-124641-119862-7

मल्हारगढ़-225551-114416-111132-3

सुवासरा-249426-127970-121449-7

गरोठ-226828-116512-110315-1

कुल-946315-483539-462758-18

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