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जिले में 45 साल बाद हुआ एनसीसी केम्प का आयोजन

एडिफाय परिसर में हुए कई तरह के एडवेंचर

मंदसौर। महज स्वतंत्रता दिवस या स्वाधिनता दिवस की परेड के लिए नजर आने वाले एनसीसी केडेट्स के उत्साह को उस वक्त पंख लग गए जब जिले में लगभग 45 साल बाद एनसीसी केम्प का आयोजन तय हुआ। दरअसल 45 साल से एनसीसी प्रबंधन को जिले में उचित सुविधा युक्त स्थान मुहैया ना होने से जिले के छात्र-छात्राएं इस गतिविधि से अनभिज्ञ थे। एनसीसी के इस महा एडवेंचर आयोजन से स्थानीय छात्र-छात्राओं का परिचय करवाने में अहम भूमिका एडिफाय स्कूल व आचार्य राजेंद्रसुरि शिक्षा महाविद्यालय प्रबंधन की रही, जिन्होंने अपने केम्पस में वे तमाम सुविधाएं करवाई जो केम्प के दौरान मूलभूत मानी जाती है।
    10 दिन तक एडिफाय केम्पस में चले इस शिविर में एनसीसी के केडेट्स के साथ बच्चों ने भी कई सारी गतिविधियों में ना सिर्फ भाग लिया, अपितु इन गतिविधियों को जीवन में उतारकर स्वयं की व देश की रक्षा का प्रण लिया। एडिफाय स्कूल, आचार्य राजेंद्रसुरि शिक्षा महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह शिविर 12 से 21 नवंबर तक चला। शिविर का संचालन केम्प कमांडर ले. कर्नल केएस झाला कमान अधिकारी 5 एमपी (आई) कंम्पनी एनसीसी नीमच के अधिन संचालित हुआ। इसमें उज्जैन-इंदौर संभाग के 500 एनसीसी छात्र-छात्रा सैनिकों ने भाग लिया। इस दस दिवसीय शिविर के दौरान एनसीसी की अनेक गतिविधियों का संचालन व सीखलाई केडेटों को दी गई। शिविर के दौरान एडिफाय कम्प्यूटर शिक्षकों ने केडेटों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया। केम्प में अनेक विषय विशेषज्ञों ने भी प्रशिषण दिया। इनमें सीएसपी राकेश मोहन शुक्ल ने यातायात नियंत्रण, जिला चिकित्सालय प्रबंधक डॉ हिमांशु यजूर्वेदी, विपीन सक्सेना ने रक्तदान, एचआईवी, टीबी, एड्स जैसी बीमारियों से संबंधित जानकारियां दी। शिविर के दौरान स्वच्छ भारत अभियान के तहत शिविर क्षेत्र में एक सफाई अभियान भी चलाया गया। केम्प के अंतिम दिन (केम्प फायर) के दौरान केडेट्स ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की बहुत ही सुंदर प्रस्तुति दी। इस सांस्कृतिक समारोह में एडिफाय स्कूल डायरेक्टर आदित्य सुराना, एनसीसी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर के मल्होत्रा (सेना मेडल) व केम्प कमांडेट केएस झाला ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में एकता व अनुशासन के साथ-साथ केम्प में दिए गए प्रशिक्षण को जीवन में उतारने की बात कही, ताकि आगे चलकर सभी शिविरार्थी भारतीय सेना में अपना भविष्य बना सके। ब्रिगेडियर मल्होत्रा ने इस केम्प को मंदसौर में लगभग 45 साल बाद आयोजित करने के लिए सहयोग हेतु आदित्य सुराना व सुराना ग्रुप के प्रति धन्यवाद प्रेषित किया। मल्होत्रा ने बताया कि सुराना गु्रप ने ना सिर्फ अपने विद्यालय व महाविद्यालय केम्पस में यह आयोजन करने की अनुमति दी, अपितु बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को निरंतर जारी रखा। उन्होंने सुराना ग्रुप से आगामी समय में भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा की। यहां यह उल्लेखनीय है, कि उक्त केम्प में ब्रिगेडियर के मल्होत्रा के विशेष प्रयासों से हिमाचल प्रदेश की विशेष एडवेंचर टीम यहां पहुंची, ताकि केम्प में आए प्रत्येक बच्चे को एडवेंचर का विशेष प्रशिक्षण दिया जा सके। केम्प समापन पर बेस्ट एनसीसी केडेट, बेस्ट फायरर, बेस्ट ड्रील, बेस्ट डिसीप्लीन व सांस्कृतिक समारोह में प्रथम, द्वितीय, तृतीय को ब्रिगेडियर के मल्होत्रा, एडिफाय स्कूल डायरेक्टर आदित्य सुराना की उपस्थिति में पुरूस्कार वितरण हुआ। अपने विहार के दौरान जब आचार्य विश्वरत्नसागरजी मसा एडिफाय स्कूल पहुंचे और उन्हें पता चला कि यहां एनसीसी का केम्प चल रहा है, तो उनने भी सभी एनसीसी कैडेट्स को आशीर्वाद दिया व आशा की, कि वे सभी भविष्य में राष्ट्रसेवा के कार्य करेंगे। शिविर के दौरान एडिफाय स्कूल के विद्यार्थियों ने केम्प का भ्रमण कर एनसीसी केम्प की बारिकियां जानी तथा एनसीसी केडेट्स का शिविर के दौरान कैसा जीवन व्यतीत होता है। उनकी दिनचर्या क्या होती है आदि बातों की जानकारियां ली। इसी तहर शिविर में दोनों संभागों से आए एएनओ एवं अन्य बटालियनों के पीआई स्टॉफ ने मंदसौर शहर का भ्रमण किया एवं भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन भी किए। सभी ने एडिफाय स्कूल की सेवाओं की भूरी-भूरी प्रशंसा की। शिविर के दौरान प्रमुख रूप् से मेप रिडींग, फायरिंग, ड्रील, फायर फायटींग, हैल्थ एंड हाईजिन, यातायात नियंत्रण, इंग्लिश स्पोकन, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, नियुद्ध मार्शल आर्ट हुए साथ ही एडवेंचर प्रमुख मनोज व लेडी ट्रेनर अनुपमा मेहता ने फ्लाईंग फोक्स, वैली क्रॉसिंग, रेप्लींग आदि का प्रशिक्षण भी दिया। इस शिविर के दौरान जहां एडिफाय के बच्चों ने शिविरार्थियों से कई तरह के प्रशिक्षण लिए, तो वहीं एडिफाय स्कूल की ओर से भी शिविरार्थियों को कुछ प्रशिक्षण दिए गए, जिनमें मुख्य रूप से नियुद्ध मार्शल आर्ट शामिल है। इस आर्ट का प्रशिक्षण देते हुए स्कूल के मार्शल आर्ट कोच प्रवीण भंडारी ने गर्ल्स कैडेट्स को आत्मरक्षा के गुर सीखाए, तो वहीं बॉयज कैडेट्स को फिटनेस का प्रशिक्षण दिया। इस पूरे शिविर की सफलता एवं शिविर में स्थानीय स्तर की सारी व्यवस्थाएं जूटाने में एनसीसी सैकेंड आफिसर विजयसिंह पुरावत का विशेष सहयोग रहा। अभार केम्प कमांडेट कर्नल केएस झाला ने माना।

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