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जीएसटी के विरोध में आज बंद रहेगा मंदसौर

Story Highlights

  • कागजी कार्रवाई बढ़ जाएगी
  • अनेक व्यावसायिक संगठनों ने किया बंद का आह्वान
  • सभी की अपनी-अपनी समस्याएं, व्यापारियों में डर का माहौल

मंदसौर। विभिन्न व्यापारिक संगठनों के भारी विरोध के बाद भी केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से जीएसटी लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। जीएसटी के नियमों का खुलासा नहीं होने से लगभग सभी व्यापारिक संगठनों की अपनी-अपनी परेशानियां हैं, जिसका समाधान न तो सरकार के जनप्रतिनिधि और न ही वाणिज्यिक कर विभाग के लोग कर पा रहे हैं। इसके विरोध में कपड़ा, किराना, सराफा और कृषि मंडी सहित कई व्यावसायिक संगठनों ने 30 जून को मंदसौर बंद का आह्वान किया है। सभी व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी शहर बंद करवाने के लिए टोलियों के रूप में भ्रमण करेंगे।

किराना में सभी सामानों के स्टॉक का हिसाब रखना मुश्किल। किराना व्यापारी संघ के अध्यक्ष शरद धींग ने बताया कि किराना में आटा, साबूदाना सहित कई आवश्यक वस्तुओं पर पहले टैेक्स नहीं था, लेकिन अब इन पर 5 फीसदी टैक्स लगा दिया गया है। यहीं नहीं किराना में 2600 से अधिक तरह के सामान होते हैं, अब सभी के स्टॉक का हिसाब रखना होगा और हर माह उनका रिटर्न भी भरना होगा, जो किसी भी किराना व्यापारी के लिए संभव नहीं है।

जीएसटी के विरोध में मंडी में आज बंद रहेगा नीलामी कार्य। कृषि उपज मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेंद्र नाहर ने बताया कि व्यापारियों को माह में तीन बार रिटर्न भरना होगा। अभी तक तीन माह में एक बार रिटर्न भरते हैं, इससे कागजी कार्रवाई बहुत अधिक हो जाएगी। जीएसटी की साइट से ऑनलाइन बिल जनरेट करने के लिए सभी को कम्प्यूटर व इंटरनेट सुविधा लेना होगी, जो वर्तमान में संभव नहीं है। ऐसी कई समस्याओं के विरोध में अनाज-दलहन-तिलहन व्यापारी महासंघ के आह्वान पर 30 जून को मंदसौर में कृषि उपज मंडियों में नीलामी का कार्य नहीं किया जाएगा।

जीएसटी के विरोध में बंद रहेगा सराफा बाजार। सराफा व्यवसायी उमेश पारिख ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद सभी सराफा व्यापारियों को हर खरीदी और बिक्री का हिसाब ऑनलाइन कम्प्यूटर पर रखना होगा। इसके लिए छोटे व्यापारियों को भी मुनीम रखना होगा, जो उनके लिए संभव नहीं है। एक दिन भी व्यापारी द्वारा भूल से हिसाब नहीं किया जाता है और अधिकारी स्टॉक की जांच के लिए आ जाते हैं तो उन्हें स्टॉक में कमी मिलेगी। इस पर सौ फीसदी पेनल्टी व सजा का प्रावधान है। ऐसी कई समस्याओं के विरोध में प्रदेशभर में सराफा व्यापारी व्यवसाय बंद रखेंगे।

 

साड़ियों और कपड़ों पर लगाया टैक्स, माह में तीन बार देना होगा रिटर्न। कपड़ा वस्त्र व्यापारी संघ अध्यक्ष प्रमोद कीमती ने बताया कि धागे से कपड़ा बनाने पर अब 5 फीसदी एवं कपड़ा विक्रय पर 6 फीसदी टैक्स लगा दिया है। अभी तक टैक्स फ्री कपड़े से बन रही जींस 700-800 रुपए में मिल रही है, जो 1 हजार रुपए में मिलेगी। एक हजार रुपए से अधिक मूल्य के रेडिमेड कपड़े पर 12 फीसदी टैक्स लगाया है। इससे सामान्य कपड़े भी आम आदमी की हद से बाहर हो जाएंगे।

 

होटल हलवाई संघ भी विरोध में शामिल, बंद रहेगी दुकानें। होटल हलवाई संघ जिलाध्यक्ष अरुण शर्मा ने बताया कि होटल एवं रेस्टोरेंट के अधिकांश संचालक कम पढ़े-लिखे होते हैं। इन्हें हर माह में तीन रिटर्न भरना होंगे। कभी चूक से रिटर्न भरने में समस्या होती है तो सीधे सजा का प्रावधान है, जो गलत है। इसलिए होटल हलवाई संघ ने भी बंद का आह्वान किया है।

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