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ट्यूबवेल खनन को लेकर, अधिकारियों का टालने वाला रवैया, दिया रटा रटाया जवाब, हमें जानकारी नहीं, जॉच कर बतायेगे

सीतामऊ निप्र। प्रतिबंध होने के बावजूद तहसील मुख्यालय में सोमवार की रात को मंदसौर रोड से लगे प्लाट पर ट्यूबवेल खनन के शोरगुल से नगर वासियों में हड़कंप मच गया उक्त प्रक्रिया मंगलवार को प्रातः तक जारी रही थी इस संबंध में प्रशासन की भूमिका पर भी उंगलियां उठने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के कई जिले सूखे के हालात से जूझ रहे हैं तो कई ऐसे जिले भी है जहां पर्याप्त वर्षा नहीं होने से ग्रीष्म ऋतु के प्रारंभ होने से पूर्व ही पेयजल संकट गहराने लगा है इन परिस्थितियों में शासन द्वारा ट्यूबवेल खनन पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं यह भी उल्लेखनीय तथ्य है कि भूजल स्तर में जिस तेजी से गिरावट आई है उससे शासन-प्रशासन पर चिंता व्यक्त किए जाने के समाचार भी प्रकाशित होते रहे हैं इन सबके बावजूद नगर में हो रहे ट्यूबवेल खनन की प्रक्रिया ने प्रशासन की भूमिका को लपेटे में पटक दिया है यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि प्रतिबंध के बावजूद उक्त ट्यूबवेल खनन कैसे हो रहा है नगर के व्यस्ततम मंदसौर रोड से लगे हुए प्लाट पर ट्यूबवेल खनन की अनुमति कैसे हुआ किस आधार पर मिल गई प्रशासन द्वारा यदि अनुमति भी प्रदान की गई है तो उसके साक्ष्य क्या है चर्चा में कहा जा रहा है कि प्रशासन पक्षपात पूर्ण रवैया अपना रहा है संपन्न परिवार को नियमों और आदेशों को ताक में रखकर ट्यूबवेल खनन की अनुमति प्रदान कर दी जाती है जबकि गरीब व किसानों को लंबा समय बीत जाने के बाद भी अनुमति नहीं मिल पाती हैं कई किसानों के आवेदन पेंडिंग पड़े होने की भी चर्चा है समय पर अनुमति नहीं मिल पाने के कारण किसानों की फसलें सूख जाने या उत्पादन प्रभावित होने का खामियाजा भुगतना पड़ा है यह भी उल्लेखनीय है कि जिस स्थल पर खनन होते पाया गया उस के समीप सड़क और सरस कुंवर कन्या उमावि स्थित है जहां हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा संचालित हो रही है परीक्षा अवधि में ही ट्यूबवेल खनन की प्रक्रिया चलने से कई परीक्षार्थियों को परेशानी से जूझना पड़ा मशीन की आवाज से उनकी एकाग्रता पर असर दिखाई दिया। इस संदर्भ में मीडिया कर्मियों ने सोमवार रात को कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव वाहनों के अधिकारी साधु लाल प्रजापत से दूरभाष पर चर्चा की तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि हमारी जानकारी में नहीं है कि कहां हो रहा है ट्यूबवेल खनन आप बता रहे हैं तो मामले को दिखाते हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुमति- इस संदर्भ में अनुविभागीय अधिकारी साधु लाल प्रजापत से चर्चा करने पर टालम टोल रवैया अपनाते हुए कहां की पीएचई विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकता अनुसार अनुमति प्रदान की जाती हैं।

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