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डिगांवमाली में माध्यमिक विद्यालय परिसर में दो लकड़बग्घा दिखे

डिगांवमाली। ग्राम डिगांवमाली में माध्यमिक विद्यालय परिसर में दो लकड़बग्घा दिखे। इस पर आसपास के ग्रामीण एकत्र हो गए। लकड़बग्घे करीब आधे घंटे तक स्कूल परिसर में ही दौड़ते व लड़ते रहे। बाद में वन विभाग की टीम पहुंची, लेकिन हमेशा की तरह लकड़बग्घों की हलचल के स्थान को देखने के अलावा अफसर कुछ नहीं कर पाए। वनविभाग की टीम को 20 दिनो से चकमा दे रहे लकड़बग्गे मंगलवार को गांव डिगांवमाली के माध्यमिक विद्यालय परिसर में दिखे। अब तक तो वनविभाग का अमला यही सोच रहा था कि मंदसौर के आसपास के 7-8 किलोमीटर के क्षेत्र में एक ही लकड़बग्गा है। लेकिन मंगलवार को सुबह ग्राम डिगांवमाली के स्कूल परिसर में ग्रामीणों ने दो लकड़बग्गे देखे। दोनो ही जानवर यहां एक-दूसरे से लड़ रहे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस व वनविभाग टीम को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां एकत्रित हो गए और लकड़बग्गों का मोबाईल से फोटो और वीडिय़ो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल किए। साथ ही वनविभाग के अधिकारियों को भी वीडियो बताया। जब तक वनविभाग की टीम पहुंची तब तक दोनो लकड़बग्गे मौके से भाग चुके थे। दो लकड़बग्गे दिखने से ग्राम पानपुर, डिगांवमाली सहित आसपास के क्षेत्र में ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। उल्लेखनीय है कि वनविभाग की टीम ने मंदसौर शहर में करीब 4 स्थानों पर 15 दिनों से पिंजरे लगा रखे है, लेकिन एक भी पिंजरे में लकड़बग्गा कैद नहीं हो पाया है।

डिगांवमाली में मंगलवार सुबह मावि परिसर में एक के बाद दो लकड़बग्घों को देख ग्रामीण डर गए। कुछ लोगों ने इन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन हाथ नहीं आए। गांव में लकड़बग्घे दिखने के बाद ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। जब तक वन विभाग की टीम ङिगांवमाली पहुंची तब तक लकड़बग्घे जंगल की तरफ भाग गए थे। अधिकारियों की टीम पंचनामा बनाकर लौट गई। इससे पहले पुलिस भी पहुंची थी। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले पानपुर में भी एक लकड़बग्घा दिखा था, वह भी अब तक पकड़ा नहीं गया है। रात में कि सान अकेले खेतों में जाते हैं। ऐसे में इन जंगली जानवरों से डर भी बना हुआ है।

पंचनामा बनाकर लौट आए वनविभाग के अधिकारी
ग्राम डिगांवमाली में माध्यमिक विद्यालय के परिसर में दो लकड़बग्घा आपस में लड़ रहे थे। ग्रामीणों ने वहां पर खड़ी १०० डायल को सूचना की। मौके पर १०० डायल पहुंची। इतने में दोनों लकड़बग्घे जंगल की तरफ भाग गए। ग्रामीणों ने वनविभाग को भी सूचना की तो वन विभाग की टीम भी डिगांवमाली पहुंची। वन विभाग की टीम भी पंचनामा बनाकर वापस लौट आई। ना तो यहां पिंजरा लगाया और नहीं अन्य कार्रवाई की। इससे ग्रामीणों में आक्रोश रहा। स्कूल परिसर में सुबह के समय दो लकड़बग्गे दिखे। इस पर ग्रामीणों ने लकड़बग्गो को घेरने का प्रयास किया। लेकिन सफल नहीं हो पाए। काफी देर तक प्रयास के बाद लकड़बग्गे स्कूल परिसर से भागने में सफल हो गए। दिनेश माली सरपंच, जयसिंह चौहान,मनोहरसिंह आंजना, रामजी शर्मा, अरुण बैरागी ने कहा कि लकड़बग्गे कभी भी हमारे जानवरो को नुकसान पहुंचा सकते है। इन्हें शीघ्र पकड़ा जाना आवश्यक है। लेकिन वनविभाग की टीम केवल पंचनामा बनाकर ही चली गई। इन्हें पकडऩे के लिए कोई प्रयास वनविभाग टीम ने नहीं किए।

उज्जैन का दल भी नाकाम रहा

मंदसौर की अभिनंदन कॉलोनी में 16 दिसंबर की रात लकड़बग्घा दिखा था। एक माह बाद भी इसे वन विभाग की टीम पकड़ नहीं पाई। इसी बीच उज्जैन का रेस्क्यू दल भी पहुंचा था। इसके बावजूद लकड़बग्घा नहीं पकड़ाया। अब डिगांवमाली में दो और लकड़बग्घे दिखने से यह तो साबित हो गया कि क्षेत्र में एक से अधिक लकड़बग्घे घूम रहे हैं।

मंगलवार सुबह ग्राम डिगांवमाली में दो लकड़बग्घे दिखने की सूचना पर हमारी टीम मौके पर गई थी। आसपास क्षेत्र में तलाश की लेकिन लकड़बग्घे नहीं मिले। पंचनामा बनाकर टीम आ गई। यह जानवर इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाता है, जंगली जानवर है इसलिए लोगों डरते हैं।

-जीएल मकवाना, क्षेत्रीय अधिकारी, वन विभाग, मंदसौर

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