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तीन दिन से खून के लिए भटक रही महिला, सेंटर पर उपलब्ध नहीं

यह पहला उदाहरण नहीं है। बुधवार को ही रूपरा निवासी जन्नतबाई पति लक्ष्मणसिंह 30 को पीलिया हो गया। खून काफी कम रह गया। उसे ए पॉजिटिव खून की जरूरत थी लेकिन वह भी यहां नहीं मिला। एक सप्ताह के अंदर खून की कमी के कारण परेशान हो रहे लोगों के दो मामले स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं। ये वे लोग हैं जो रक्तदान के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं के संपर्क में आ गए और इनका खुलासा हो गया लेकिन ऐसे कई और भी लोग होंगे जो बिना किसी के संपर्क किए यहां आते हैं और खून नहीं होने की बात सुनकर या तो घर लौट जाते हैं या किसी निजी अस्पताल जाते हैं। जहां उन्हें जान का खतरा तो होता ही है, अधिक रुपए भी खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में क्षेत्र में ब्लड बैंक की मांग की जा रही है। यह स्थापित होता है तो गांधीसागर, गराेठ, भानपुरा, शामगढ़, सुवासरा तक के लोगों को लाभ मिलेगा क्योंकि यहां से जिला मुख्यालय पर स्थापित ब्लड बैंक काफी दूर है।

गरोठ में स्टोरेज सेंटर पर ब्लड क्यों नहीं उपलब्ध है, इसकी जांच करवाएंगे। प्रयास यह करेंगे कि भानपुरा में भी व्यवस्था हो जाए। इसके लिए वहां के जिम्मेदारों से चर्चा करेंगे। डॉ. महेश मालवीय, सीएमएचओ

भानपुरा में बंद पड़ा है स्टोरेज सेंटर
भानपुरा में ब्लड स्टोरेज सेंटर बंद है। इसके चलते यहां भी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खून नहीं मिलने पर यहां- वहां दौड़ते हैं। हालांकि भानपुरा से भवानीमंडी पास ही है इसलिए भले ही रुपए खर्च हो जाएं। लोगों को सुविधा तो मिल जाती है। यदि भानपुरा में भी बंद पड़े स्टोरेज सेंटर को बहाल कर दिया जाए तो काफी फायदा हो सकता है।

ब्लड स्टोरेज सेंटर है लेकिन खून नहीं :- यहां तीन साल पहले ब्लड स्टोरेज सेंटर स्थापित किया गया था। काफी मशक्कत के बाद स्टोरेज सेंटर तो स्थापित हो गया लेकिन हालात अब भी वही हैं। बीना को खून इसलिए नहीं मिल रहा है कि स्टोरेज सेंटर पर खून नहीं है। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया तो उनका कहना था कि होली की छुट्टियों के कारण यहां खून नहीं आ पाया है।

गांधीसागर से दूरी 165 किमी
भानपुरा से दूरी 132 किमी
गरोठ से दूरी 105 किमी
शामगढ़ से दूरी 80 किमी
सुवासरा से दूरी 68 किमी

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