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तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याण महोत्सव धुमधाम से मना

चल समारोह निकला, धर्मसभा का हुआ आयोजन

मंदसौर। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ मंदसौर के तत्वाधान में शनिवार को तीर्थकर भगवान श्री पार्श्वनाथजी का मोक्ष कल्याणा महोत्सव धुमधाम में मनाया गया। प्रभुजी के मोक्ष कल्याणक दिवस पर जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के द्वारा विशाल चल समारोह निकाला गया। इस विशाल चल समारोह मेंप्रभुजी रथ यात्रा महिलाए की कलश यात्रा व बैण्डबाजों शमिल हुए। यह चल समारोह नई आबादी स्थित श्री श्रेयांसनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर से प्रारंभ हुआ तथा नई आबादी के विभिन्न मार्गो का भ्रमण कर संजय गांधी उधान पहुॅचा। प्रभुजी की रथयात्रा की पुरे चल समारोह के मार्ग में जगह जगह गहुलिया की गयी। धर्मालुजन ने अपने घरों के बाहर आकर प्रभुजी की रथयात्रा व रथयात्रा में शमिल संतो साध्वियों के दर्शन किये। यह चल समारोह संजय गांधी उधान पहुॅचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुआ।

धर्मसभा में बंधुबेलडी आचार्य श्री जिनचन्द्रसागर सूरिश्वर मसा एवं आचार्य श्री हेमचद्रसागर सूरिश्वर के शिष्य गणिवर्य श्री प्रसन्नसागर मसा ने कहा कि आज का दिन ऐसा पवित्र है इसी दिन भगवान श्री पार्श्वनाथजी ने मोक्ष प्राप्त किया। तीर्थकरों का जन्म दिशा, केवल ज्ञान व मोक्ष दिवक सभी कल्यणकारी होता हे। मंदसौर का जैन श्वेताम्बर मूतिपूजक श्रीसंघ बधाई का पात्र है जिसने परमाात्मा का मोक्ष कल्याध्ण दिवस धुमधाम से मनाया । आपने कहा कि इस प्राकरके धार्मिक कार्यक्रम अनवरत होना चाहिए। आपने यह भी कहा कि आजकल अधिकांश लोग पद धन वैभव की अंधी दौड शामिल हो गये है ऐसे में लोगो के पास समय नही है कि माता पिता की सेवा करे भाई यदि जरूरतमंद है तो उसकी मदद करे। संयुक्त परिवार टुट रहे है। परिवार का मतलब पति पत्नि व बच्चे रह गये है ऐसे समय में इस प्रकार के धार्मिक आयोजन परिवार व समाज का महत्व प्रतिपादित करते है।

धर्मसभा में साध्वीश्री चन्द्रकला श्रीजी मसा, श्री विमलप्रभाश्रीजी मसा श्री मुक्तिप्रियाश्रीजी, श्री अर्हमव्रताश्रीजी मसा भी विराजित थे। जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रींसघ सुरेश लोढा ने कहा कि भगवान महावीर के जन्म के 277 वर्ष पूर्व व ईसा में 877 वर्ष पूर्व बनारस के राजा विश्वसेन के 23 वे तीर्थकर हुये उन्होने जिन शासन की जो प्रभावना की उसी का परिणाम है कि आज इतने वर्षो के बाद भी परमात्मा का मोक्ष दिवस हम इतने हर्षोउल्लास से मना रहे है।

जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रींसंघ के समन्वयक महेन्द्र चौरडिया ने भी विचार रखे। दिलीप कुमार पुनमचंद्र डांगी परिवार की ओर से पार्श्वनाथजी के चित्र की आरती की गयी। धर्मसभा का संचालन जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष संजय मुरडिया ने किया तथा आभार महामंत्री संदीप धींग ने माना।

तीन मंदिरो की रथयात्रा हुई शामिल- पार्श्वनाथजी के मोक्ष कल्याणक दिवस पर मंदसौर के तीन जैन श्वेताम्बर मंदिरो के रथ चल समारोह में शामिल होने हेतु पहुॅचे। जनकुपुरा स्थित अजीतनाथ मंदिर, तलेरा विहार स्थित पोरवालो का मंदिर व नई आबादी आराधना भवन मंदिर के रथ में चल समारोह की शोभा बढायी।

महिलाओं की कलश यात्रा ने बढायी शोभा – चल समारोह में जेन श्वेतम्बार श्रीसंघो के महिला मण्डलों ने भी सहभागीता की। महिलाएॅ एक जैसी वैशभूषा में सिर पर कलश धारण कर चल रही थी।

निर्वाण लडडु चढाया गया- चल समारोह मके दिन बडी संख्या में धर्मालुजन श्री सहस्त्रफणा पार्श्वनाथ मंदिर पहुॅचे और उन्होने प्रभुजी की प्रतिमा पर निर्वाण लडडु अर्पित किया ।

संजय उघान में आयोजित धर्मसभा व नई आबादी क्षैत्र में निकले चल समारोह व रथयात्रा में जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ अध्यक्ष संजय मुरडिया, प्रभारी सुरेन्द्र लोढा, महामंत्री संदीप धींग, महेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेश डोसी, पूर्व अध्यक्ष कमल कोठारी, लक्ष्मीलाल घींग, राजेन्द्र सुराणा, राजेन्द्र नाहर, राजेश बोहरा आदि उपस्थित थे।

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