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थोड़े से रुपए का लालच और शूटर की शोहरत

वीरेंद्र ठन्ना हत्याकांड में शामिल शूटर सरफराज उर्फ शानू उफ पेचकस पिता मुन्ना खां निवासी प्रतापगढ़, अरमान उर्फ समीर पिता सलीम खान निवासी इंदिरा कॉलोनी और जुबेर खान निवासी ताल से लेकर डायमंड ज्वेलर्स के संचालकों पर मंदसौर व नीमच में फायरिंग में शामिल शाहरुख, नदीम, सद्दाम में एक ही समानता है। सभी की उम्र 20-25 साल के बीच है और शूटर की शोहरत हासिल करने की चाहत रखते हैं। इनका इस्तेमाल करने वाले लोग इन्हें एक बार गोली चलाने के लिए 2-3 लाख रुपए देने का वादा करते हैं पर बाद में किसी को 3 हजार दिए गए तो किसी को 5 हजार रुपए मिलते हैं, पर इनकी फरारी कटाने से लेकर अन्य जिम्मेदारी उठाने और पुलिस का डर दिखाने के कारण यह सभी उनके लिए काम करने के लिए तैयार रहते हैं।

पढ़ाई की उम्र में पकड़ लिया देशी कट्टा
24 साल का शाहरुख उर्फ सरफराज पिता अफजल ढोल के ग्राम मुल्तानपुरा में 95 प्रश लोग मजदूर है। अधिकांश स्लेट पेंसिल कारखानों या खदानों में कार्य करते हैं। शाहरुख के पिता अफजल ढोल भी ऐसे ही एक कारखाने में मजदूर है। गांव में स्कूल भी है और अधिकांश बच्चे उसमें जाते भी हैं। शाहरुख भी कुछ दिन स्कूल गया पर बाद में पढ़ाई की उम्र में उसने देशी कट्टा पकड़ लिया। 19 साल की उम्र में जुलाई 2011 में पहली बार उसका नाम पुलिस के रिकॉर्ड में आर्म्स एक्ट में दर्ज हुआ। 20 सितंबर 2013 को उसने महू-नीमच राजमार्ग पर पशुपतिनाथ गेट के यहां जैपुरा निवासी एक व्यक्ति की हत्या कर जुर्म के दलदल में अपने पैेर रख दिए फिर जेल में और फरारी के दौरान वह अखेपुर के लालाओं के संपर्क में आ गया। यही से वह फोन पर धमकाने के साथ ही फायरिंग भी करने लगा। अभी तक मंदसौर के वायडी नगर, नई आबादी थाने व शहर कोतवाली में शाहरुख पर 8 मामले दर्ज हैं। इसमें एक हत्या का व एक हत्या के प्रयास का है। इसके अलावा अरनोद में हत्या के प्रयास व नीमच केंट में भी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।

बचपन में सीधा-साधा था
जबसे शाहरुख का नाम डायमंड ज्वेलर्स पर फायरिंग में आया है। उसके बाद से ग्राम मुल्तानपुरा में वह चर्चा में हैं। उसके घर पर पिता के अलावा अभी भाभी ही है। पिता मजदूरी करने जाते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि बचपन में शाहरुख सीधा-साधा ही था वह रुपयों के लालच में कैसे इस गलत लाइन पर चला गया पता ही नहीं चला। सितंबर 16 में शाहरुख ने गांव में ही एक डाक्टर को धमकाकर रुपए वसूलने की कोशिश की थी। उसके बाद से वह फरार था। उसके घर की स्थिति देखकर नहीं लगता कि शाहरुख को गोली चलाने के नाम पर अच्छे रुपए दिए गए हो।

दो लाख देने को कहा था 3 हजार ही दिए
पुलिस की पूछताछ में शाहरुख ने बताया है कि डायमंड ज्वेलर्स पर फायरिंग करने व फोन लगाकर चौथ वसूली करने के लिए 2 लाख रुपए देने का वादा किया था। जब 1 दिसंबर को मंदसौर में फायरिंग कर वापस पहुंचे थे तो 3 हजार रुपए ही दिए थे। उसकी बातों को सही माना जाए तो शाहरुख ने पुलिस को बताया है कि पहले भी ऐसा ही कहा था और 5-6 हजार रुपए दिए थे। हालांकि फरारी काटने के लिए वह उन लोगों के आस-पास ही घूमता रहा।

पुलिस अपराध जड़ से समाप्त करे
इधर गुरुवार को डायमंड ज्वेलर्स के संचालक अनिल सोनी ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि अभी तक पुलिस की कार्रवाई ऊपरी तौर पर ही दिख रही है। पुलिस अपराधियों को जड़ से समाप्त करने की कोशिश करें। इन शूटरों को पालने वालों, हथियार देने वालों का पता लगाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।

कर रहे हैं पुरजोर प्रयास
अपराधियों को जड़ से समाप्त करने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। हमने फायरिंग मामले में लगभग 10 आरोपियों को पकड़ा भी है। लगातार एनएसए और जिला बदर की कार्रवाई कर रहे हैं।- ओपी त्रिपाठी, एसपी

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