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दलौदा का माधव रेस्टोरेन्ट धड़ल्ले से बेच रहा है एक्सपायरी डेट के सौरभ कम्पनी के छाछ पाउच

पिछले 20 दिनों से दुकानदार लगातार बेच रहा है ऐसे पाउच, शिकायत करने पर गलत होने का कहकर बदल देता है
खाद्य विभाग सबकुछ जानते हुए भी मौन

दलौदा। खाद्य वस्तुओं से लोगों की स्वास्थ्य पर खराब प्रभाव न हो इसके लिए सरकारों निरंतर कानून बनाती रहती है और विभागों को उसका पालन करने के निर्देश भी देती है। लेकिन इन सबके बावजूद भी कई दुकानदार अपने मुनाफे के चक्कर में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने से नहीं डरते है। ऐसा ही मामला दलौदा का प्रकाश में आया है। दलौदा के प्रगति चौराहा पर स्थित माधव रेस्टोरेेन्ट पर सौरभ कम्पनी की छाछा एक्सपायरी हो जाने के भी 5 से 6 दिनों के बाद तक बेची जा रही है।

14 जून को मामला आया था सामने
दलौदा के एक दुकानदार ने माधव रेस्टोरन्ट से छाछ के पाउच मंगवायें तब उसके उपर एक्सपायरी डेट 7 जून 2018 अंकित थी। 7 दिन बीत जाने के बाद भी संचालक ने छाछ पाउचों को बेचना बंद नहीं किया था। जब दुकानदार से शिकायत करने पर उसका कहना था कि गलती से हो गया। आगे से ध्यान रखेगे। लेकिन बाद में एक्सीपायरी डेट के छाछ पाउच बेचने की खबरें लगातार आती रही।

26 जून को फिर दिए एक्सपायरी डेट के पाउच
माधव रेस्टोरेन्ट संचालक अपने मुनाफे के लिए लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आ रहेे। ग्राहकों द्वारा लगातार शिकायत करने पर भी उसने एक्सपायरी डेट के पाउच बेचना बंद नहीं किए। जब 26 जून को माधव रेस्टोरेन्ट से छाछ के पाउच लिए तो उस पर भी एक्सपायरी डेट 19 जून 2018 अंकित थी। जब दुकानदार से इसकी शिकायत की गई तो उसने गलती का कहकर पल्ला झाड़ लिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में खपाये जाता है एक्सपायरी माल
शहरी क्षेत्र में ज्यादातर ग्राहक पैकिंग की वस्तुओं पर एक्सपायरी डेट देखकर ही खरीदते है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों मे जागरूकता के अभाव ऐसा कम देखने को मिलता है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में कम्पनी के डिस्ट्रीब्यूटर एक्सपायरी माल भेजकर उन्हें खपा देते है।

छाछ जैसी वस्तु में भी 15 से 20 दिन पुराना माल बेचा जा रहा
सौरभ के छाछ पाउचों पर पैकिंग डेट और एक्सपायरी डेट में 9 दिनों का अंतर है यह भी छाछ जैसी खराब होने वाली वस्तु के लिए अधिक है लेकिन माधव रेस्टोरेन्ट द्वारा एक्सपायरी डेट के भी 6 दिनों बाद तब छाछ के पाउच बेचे जा रहे है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुकानदार नियमों व खाद्य विभाग या कार्यवाही किसी से नहीं डरता है।

यह होता है नुकसान
शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ योगेन्द्र कोठारी के अनुसार किसी भी खाद्य वस्तु के एक स्टेण्डर्ड पैमाना तय किया जाता है कि वह खाद्य वस्तु तब तक अच्छी रह सकती है। उसके बाद वह खाने योग्य नहीं रह जाती। जिसे एक्सपायरी डेट के रूप में हर पैकिंग खाद्य वस्तु के उपर लिखना अनिवार्य होता है। इस डेट के बाद उस खाद्य वस्तु का उपयोग करने पर कई घातब बिमारियॉ हो सकती है जिसमें पेट संबंधी रोग व त्वचा संबंधी रोग प्रमुख होते है।

करेगे कार्यवाही
अभी मैं नारायणगढ़ आया हॅू न्यायलयीन काम से कल जाकर स्वयं देखूंगा और कार्यवाही करूंगा – कमलेश जमरा, खाद्य अधिकारी, मंदसौर

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