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दशपुर जागृति संगठन ने शहीद आजाद की जयंती मनाई

मंदसौर – शहीद चन्द्रशेखर आजाद की जयंती दशपुर जागृति संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने ओजस्वी नारा आजाद का यह बलिदान याद रखेगा हिन्दुस्तान के गगनभेदी गूंज के साथ 112 दिपक जलाकर पुष्पमाला अर्पिक कर मनाया। का्रंतिकारियों की प्रतिमाएं प्रत्येक चौराहे पर लगे ताकि देश का पहला नगर मंदसौर बन सके। ऐसा संकल्प सभी सदस्यों ने लिया। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक डॉ. रविन्द्र पाण्डे ने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि उच्च पदो पर बैठे जनप्रतिनिधीयों ने आजादी के महानायक का राष्ट्र स्मरण नही कर पाया। इन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को देश छोड़कर जाने का आव्हान किया था। उसी का प्रतिफल है कि आज हम आजादी की जीवन व्यतित कर रहे है। आज की राजनीति धर्म जाति को बाटकर सत्ता हथियाना चाहती है। हम दशपुर जागृति संगठन के माध्यम से राष्ट्रवादी विचारों को पूरे देश में फैलाने का प्रयास करेंगे। संगठन की महिला अध्यक्षा श्रीमती प्रेमलता मिण्डा ने कहा कि भारत के टुकड़े देश के नेताओं ने किए। आज भी विदेशी ताकते हमारे देश के उपर टकटकी लगाऐं बैठी है। चन्द्रशेखर आजाद जैसे राष्ट्रभक्तों की आज भी जरूरत है। उनमें बीड़ा उठाकर देश को स्वतंत्र कराने में जो योगदान दिया उसे भुलाया नही जा सकता। संगठन की अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र पुराणिक ने कहा कि आजाद अपने परिवार को छोड़कर देश की आजादी के युवाक्रांतिकारी थे। मध्यप्रदेश के गौरव थे। उनमें साहस और जोश इतना था कि अकेले ही देश के विभिन्न क्षेत्रों में घुमरक स्वतंत्रता दिलाने में योगदान मांगकर राष्ट्र भक्तों की टीम बनाई। उन्है अपने माता पिता की चिंता से ज्यादा देश को सर्वोपरि माना था। हम शीघ्र ही गुलामी की जंजीरों से मुक्त हो ऐसी भावना उनकी हमेशा रही।

इस अवसर पर संरक्षक अरूण शर्मा, अर्जुनसिंह राठौर, सुनील बंसल, के.एल. सोनगरा, पुष्पेन्द्र बैरागी, दिलीप साखला, संगठन सचिव आशीष बंसल ने भी उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में महेश शर्मा, अरूण गौड़, किरण मंडोवरा, उषा कुमावत, वंदना भावसार, हरिनारायण टेलर, मनोज भटनागर, जयेश नागर, मोहनलाल मालवीय आदि उपस्थित थे। संचालन सत्येन्द्र सिंह सोम ने किया।

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