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दसवां ’’ब्रह्मोत्सव’’ हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

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  • श्रेष्ठता ही सर्वोच्च - कपिल शर्मा

मन्दसौर। निप्रद्ध यदि भारतवर्ष को फिर से विश्वगुरु बनाना है। विश्व में हमारा मान-सम्मान व गौरव बढ़े। दुनिया में हम एक शक्ति के रुप में स्थापित हों तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ योग्यता को ही महत्व देना होगा। आरक्षण को समाप्त करना होगा। आरक्षण के स्थान पर उस समाज को योग्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास हों । आरक्षण की बैसाखी से कोई भी व्यक्ति, समाज या देश स्वावलम्बी, स्वाभिमानी व सर्वशक्तिमान नहीं बन सकता क्योंकि दुनिया में श्रेष्ठता का ही सर्वोच्च स्थान निर्धारित है।
उक्त विचारोत्तेजक तथ्य युवा विचारक कपिल शर्मा ने रखे। वे ब्रह्म परिषद् द्वारा आयोजित दसवें ब्रह्मोत्सव में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि आपके श्रेष्ठ कर्म ही आपको महान बनाते हैं। आपका मान-सम्मान, गरिमा उसी से निर्धारित होती है। आपका उच्च स्थान आपके कर्मों द्वारा ही निर्धारित होता है। ब्राह्मणों ने आदि काल से अपने आचरण से यही प्रतिपादित किया है ।
ब्रह्मोत्सव में प्रतिभा सम्मान के अन्तर्गत संतोष शर्मा, श्रीमती दीप्ति शर्मा, ऐश्वर्या नागदा, रुचि नागर, ऋचा मण्डलोई, तेजस्व शर्मा को अपनी विशिष्ट उपलब्धि पर सम्मानित किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में हिमांगिनी उपाध्याय प्रथम, अंजलि व्यास द्वितीय व वेदवती शर्मा तृतीय रही। हस्तकला में प्रथम श्रीमती अर्चना व्यास व द्वितीय श्रीमती पूजा व्यास रही। नृत्य प्रतियोगिता के जुनियर वर्ग में अमन व्यास प्रथम, अवनि व्यास द्वितीय व तृतीय चाहत शर्मा तथा सीनियर वर्ग में प्रणव जोशी प्रथम, हिमांगिनी उपाध्याय द्वितीय व अंजलि व्यास तृतीय रही। युवा चेयर रेस में अंजलि व्यास प्रथम, कपिल शर्मा द्वितीय व हार्दिका जोशी तृतीय रही। महिला चेयर रेस में भगवती जोशी प्रथम, सुलोचना द्विवेदी द्वितीय व मनोरमा त्रिवेदी तृतीय रही। पुरुष चेयर रेस में रुपनारायण जोशी प्रथम, नानालाल शर्मा ़ द्वितीय व आकाश सावरा तृतीय रहे।
श्रीमती अर्चना व्यास व श्रीमती अंजू तिवारी द्वारा ’’बेटी’’ पर बहुत ही भावनात्मक काव्यपाठ किया गया। भगवती जोशी ने ’’ए मेरे वतन के लोगों’’ गीत सुनाकर श्रोताओं को देशप्रेम के रंग में रंग दिया। ऋतम्भरा व सूर्या द्वारा वेद की ऋचाओं के सस्वर पाठ ने सबको मोहित कर दिया। के.जी. शर्मा, सत्यपाल शर्मा, ऐश्वर्या नागदा, चाहत शर्मा, कविता जोशी के मधुर गायन, ने सबके मन को छू लिया।
कार्यक्रम में दानदाताओं का भी सम्मान किया गया। ब्रह्म परिषद् में सम्मिलित हुए नए सदस्यों का बड़े उत्साह से स्वागत किया गया।
ब्रह्मोत्सव में सर्व ब्राह्मण समाज के अनेकानेक युवाओं, महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कविता जोशी प्रणव जोशी, प्रिया व्यास, पूर्वा पंचारिया ने किया। आभार सनत जोशी ने माना।

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