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दुधाखेड़ी मात जी चबूतरा धंसा – कल से आज तक पूरी समयानुसार अपडेट

मप्र व राजस्थान की आस्था के प्रतीक तीर्थस्थल श्री दुधाखेड़ी माताजी मंदिर में की 700 साल पुरानी मूर्तियों के खंडित होने पर लोगों में चौतरफा आक्रोश छा गया। पहली बार लोगों का जबरदस्त गुस्सा देखकर प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी सड़कों से गायब हो गए हैं। लोगों ने दूधाखेड़ी माताजी द्वार के यहां सड़क खोदकर भानपुरा का पूरे जिले से सड़क संपर्क ही खत्म कर दिया है। भीड़ के हमले से घायल गरोठ एसडीओपी का अस्पताल में उपचार चल रहा है। इधर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लोनिवि के प्रभारी एसडीओ कमल जैन को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर ने पूरे हादसे की मजिस्ट्रियल व तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। पर सबसे बड़ा सवाल है कि बिखरे हुए मूर्तियों के हिस्से अब कैसे एक होंगे। लोगों की आस्था पर लगे घाव को किस तरह भरा जाएगा।
पथराव के बाद बल प्रयोग, भड़का जनआक्रोश पुलिस वाहनों को रोकने के लिए सड़क खोदी कलेक्टर बोले- घटना दुर्भाग्यपूर्ण, जांच करवाएंगे लेकिन आज अंतरराष्ट्रीय हिन्‍दू महासभा द्वारा दूधाखेड़ी माता मंदिर में हुई घटना के विरोध में शनिवार को जिला बंद का आह्वान किया है। साथ ही शनिवार को गरोठ और भानपुरा बंद का आह्वान सामाजिक मंच द्वारा किया गया। वहीं भानपुरा में सभी व्यापारी इस घटना को लेकर बंद रखेंगे। शुक्रवार को शाम को गरोठ में मंच ने अनाउंसमेंट कर दिया। इसमें सुबह से ही बंद करने का आह्वान किया है। महासभा जिलाध्यक्ष विनय दुबेला ने बताया बंद में अनिवार्य सुविधाओं की दुकानें खुली रहेंगी। यही भानपुरा पीठ के शंकराचार्य श्री दिव्यानंदजी महाराज ने दूधाखेडी माता मंदिर परिसर मे हुई दुर्घटना मामले में सभी से शाँति बनाये रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सर्वजन संयम से काम लेँ और शाँति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करने का आग्रह किया है।
मंदसौर से कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह दूधाखेड़ी माताजी मंदिर के लिए रात 9.30 बजे रवाना हुए। जाते समय उनका कहना है- पंडितों से बात की है शुक्रवार देर रात में ही स्थापना कर दी जाएगी। लेकिन प्रशन यह उठता है कि मूर्तियांं खंडित हो गई है मूल स्‍थान पर व्‍यवस्‍था सही नहीं है तो रातों रात केसे मूर्तियों को पून: स्‍थापित किया जा सकता है। भगवान है कोई बच्‍चों का खेल तो है नहीं जो वापस घर बिखेर के जमा लो।

जनता का आक्रोश
पुलिस अफसर व जवानों को भी पीटा, तहसीलदार मौके से व एसडीएम को आधे रास्ते से भागना पड़ा, आक्रोशित लोगों ने किया पथराव वाहनों में आग लगाई एसडीआेपी को पीटा गरोठ – भानपुरा सड़क पर चक्काजाम। दूधाखेड़ी माताजी की मूर्ति खंडित होने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों का यहीं कहना था कि मंदिर गिराने से पहले हमने अधिकारियों को कई बार कहा था कि तोड़ना ही है तो धर्मशाला तोड़ दो मंदिर को मत तोड़ो। मंदिर तोड़ने से इसकी कांति (यश) खत्म हो जाएगी। फिर भी नहीं माने। अब हादसा हो गया। इसका जिम्मेदार कौन होगा। मूर्ति क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों का आक्रोश चरम पर था। उन्होंने मंदिर प्रबंध समिति कार्यालय में आग लगा दी, पथराव किया। ग्रामीणों का आक्रोश केवल पुलिस पर था। गुस्साई भीड़ ने पुलिस को दोनों तरफ से आगे ही नहीं बढ़ने दिया। भानपुरा रोड और गरोठ पर ग्रामीण लगातार पथराव कर खदेड़ते रहे। भानपुरा रोड पर पर पुलिस को ग्रामीणों ने बाबुल्दा तक खदेड़ा। पथराव में गरोठ एसडीओपी, भैंसोदा चौकी प्रभारी एवं सीतामऊ एसडीओपी की गाड़ियों के कांच फूटे। कांग्रेस ने घटना को दुखद बताया। पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। भाजपा विधायक चंदरसिंह सिसौदिया ने कहा लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। घटना दुखद है। भानपुरा पीठ के शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ ने लोगों से शांति की अपील की है। इस बीच रात 9.30 बजे भानपुरा बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी में अज्ञात व्यक्तियों ने आग लगाने का प्रयास किया।

5.20 बजे फायर ब्रिगेड में आग लगाई।
9.50 बजे कलेक्टर व एसपी गरोठ पहुंचे। धर्मचार्यों से चर्चा शुरू की।
8.00 बजे पुलिस बल पहुंचा, ग्रामीण रोड से हटकर दूधाखेड़ी पहुंचे।
6.40 बजे ग्रामीणों ने भानपुरा रोड को जेसीबी से खोदा।
5.10 बजे गरोठ एसडीओपी की पिटाई की।
4.45 बजे भानपुरा तहसीलदार का वाहन जलाया।
4.30 बजे ग्रामीण भानपुरा रोड पहुंचे व चक्काजाम शुरू किया।
4.15 बजे आक्रोशित ग्रामीणों ने दूधाखेड़ी पुलिस चौकी जलाई।
4.00 बजे ग्रामीण जमा होना शुरू हुए।
3.45 बजे माताजी के गर्भगृह वाला चबूतरा गिरा।
गुस्साई भीड़ ने प्रशासन की जीप को फूंक डाला
भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने तानी बंदूक

सड़क खोदी, भानपुरा से संपर्क टूटा
मप्र व राजस्थान की आस्था के प्रतीक तीर्थस्थल श्री दुधाखेड़ी माताजी मंदिर में की 700 साल पुरानी मूर्तियों के खंडित होने पर लोगों में चौतरफा आक्रोश छा गया। पहली बार लोगों का जबरदस्त गुस्सा देखकर प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी सड़कों से गायब हो गए हैं। लोगों ने दूधाखेड़ी माताजी द्वार के यहां सड़क खोदकर भानपुरा का पूरे जिले से सड़क संपर्क ही खत्म कर दिया है। भीड़ के हमले से घायल गरोठ एसडीओपी का अस्पताल में उपचार चल रहा है। इधर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लोनिवि के प्रभारी एसडीओ कमल जैन को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर ने पूरे हादसे की मजिस्ट्रियल व तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। पर सबसे बड़ा सवाल है कि बिखरे हुए मूर्तियों के हिस्से अब कैसे एक होंगे। लोगों की आस्था पर लगे घाव को किस तरह भरा जाएगा।

रात 8 बजे तक मंदसौर-भानपुरा मार्ग पर स्थित दूधाखेड़ी माताजी द्वार के यहां लगभग 10 हजार से अधिक लोग एकत्र हो गए थे। आक्रोशित लोगों की भीड़ बढ़ती हुई। लोगों ने मंदसौर-भानपुरा मुख्य सड़क मार्ग को श्री दूधाखेड़ी माताजी द्वार के बाहर जेसीबी से खोद दिया। इससे मार्ग पर दोनों तरफ के वाहन जहां के तहां खड़े हो गए हैं। झालावाड़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी और भानपुरा तरफ जाने वाला मार्ग पूरी तरह अवरुद्घ हो गया। हादसे के आधे घंटे बाद से ही भानपुरा का जिले के शेष हिस्से से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। भानपुरा से वाहन नहीं आने का असर मंदसौर शामगढ़, सुवासरा, बोलिया व खड़ावदा की ओर जाने वाले रास्ते पर भी हुआ है। श्री दुधाखेड़ी माताजी मंदिर के बाहर भीड़ के हमले से घायल गरोठ एसडीओपी अशोक उपाध्याय को गरोठ के शासकीय चिकित्सालय लाया गया।

आज गरोठ, भानपुरा बंद
श्री दुधाखेड़ी माताजी मंदिर में मूर्तियां खंडित होने के विरोध में प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ आक्रोश के चलते हिंदू महासभा व सामाजिक समरसता मंच ने 21 जनवरी को गरोठ, भानपुरा बंद रखने का आह्वान किया है।

निर्माण में हुई काफी अनियमितताएं
अभा कांग्रेस के महासचिव दिग्विजयसिंह ने श्री दूधाखेड़ी माताजी की मूर्तियां एवं चबूतरे के गिरकर खंडित होने पर असंतोष प्रकट किया है। सिंह ने कहा कि माताजी की मूर्तियों के खंडित होने की जानकारी मिली है। मंदिर देश के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्घालु आते हैं। मंदिर का संचालन कलेक्टर के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। इसका निर्माण जिला प्रशासन की देख रेख में हो रहा है। लंबे समय से भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की शिकायतें हो रही थीं। यह हादसा इस बात को साबित करता है। घटना के दोषी अधिकारियों एवं इंजीनियर्स को तत्काल निलंबित करने तथा निर्माण में हो रही अनियमितताओं की उधास्तरीय जांच कराने की मांग की है। सिंह ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को छलती है और धार्मिक आस्था के महत्वपूर्ण केंद्रों पर मंदिर की प्रबंध समिति में सम्मिलित होकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।

छह माह से कलेक्टर नहीं बुला रहे बैठक
भाजपा जिलाध्यक्ष देवीलाल धाकड़ ने भी कहा कि मैं भी मंदिर समिति में सदस्य हूं। छह माह से कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह से कह रहा हूं कि समिति की बैठक बुलाई जाए। तकनीकी जानकारी के लिए विशेषज्ञ इंजीनियरों को बुलाया जाए। पर कलेक्टर केवल दो-तीन लोगों के साथ ही बैठक कर रहे हैं। यह घटना बड़ी दुखद है। सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

प्रभारी मंत्री से की चर्चा
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि यह घटनाक्रम पीड़ादायक है। निश्चित रूप से यह लापरवाही का परिणाम है। मैेंने जिले के प्रभारी मंत्री से चर्चा की है। प्रशासनिक अधिकारियों से भी जनभावनाओं के अनुरूप त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की है।

विधायक भोपाल में, कहा-बात करता हूं, फिर फोन नहीं लगा
गरोठ विधायक चंदरसिंह सिसौदिया भोपाल में है। उनको फोन लगाकर प्रतिक्रिया चाही गई। उन्होंने कहा थोड़ी देर में बात करता हूं, फिर फोन ही नहीं लगा। उल्लेखनीय है कि मौके पर आक्रोशित लोग मंदिर निर्माण में विधायक की भूमिका को लेकर भी खासे नाराज दिख रहे थे।

700 साल पुराने दूधाखेड़ी मंदिर का चबूतरा ढहा, प्रतिमा क्षतिग्रस्त
700 साल पुराना दूधाखेड़ी मंदिर के नवनिर्माण के दौरान शुक्रवार को माता का चबूतरा धंस गया। मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गईं। आक्रोशित लोगों ने भानपुरा-गरोठ रोड पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने बल प्रयोग किया तो नाराज लोगों ने एसडीओपी के साथ भी मारपीट की। फायर ब्रिगेड सहित कई वाहनों में आग लगा दी। लोगों ने पुलिस बल को रोकने के लिए मंदिर से आधा किमी दूर जेसीबी से सड़क ही खोद दी। इसकी जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय से बल भेजना पड़ा।

शुक्रवार शाम 3.45 बजे दूधाखेड़ी माता मंदिर का चबूतरा धराशायी होने की जानकारी मिली। इससे लोग भड़क गए। उन्होंने मंदिर के पास स्थित पुलिस चौकी व निर्माण में लगे ट्रैक्टर में आग लगा दी। इसके बाद गरोठ-भानपुरा सड़क पर चक्काजाम कर दिया। एसडीओपी अशोककुमार उपाध्याय बल सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस देख लोगों ने पथराव कर दिया। इसे रोकने के लिए जवानों ने हल्का बल प्रयोग किया। इससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।

लोनिवि एसडीओ निलंबित, ठेकेदार पर एफआईआर
मामले में कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की लापरवाही मानी है। लोनिवि के एसडीओ कमल जैन को निलंबित करने और निर्माण एजेंसी मोहक स्टोन क्राॅफ्ट अहमदाबाद के खिलाफ एफआईअार करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम प्रकाश नायक ने ये आदेश जारी कर दिए है। कलेक्टर ने इंजीनियरों से घटना की तकनीकी जांच कराने की बात की है।

इतिहासकारों के अनुसार 700 साल पुराना है मंदिर, 35 करोड़ में ऐसा बनाना था
उन्होंने एसडीओपी को पीटा और उनका वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया। टीआई श्यामबाबू शर्मा व प्रधान आरक्षक लक्ष्मणसिंह डोडियार ने उन्हें बचाकर एक बाइक से गरोठ भेजा। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने वहां खड़ी गरोठ नप की फायर ब्रिगेड को आग लगा दी। सीतामऊ एसडीओपी एच.एस. परमार के वाहन पर भी पथराव किया। घटना में उनका चालक श्रवणसिंह घायल हो गया। भीड़ ने अंतरालिया फंटे पर जेसीबी से सड़क के बीच खाई बना दी। बर्डिया ईस्तमुरार में भी चक्काजाम किया। जिला मुख्यालय से गए पुलिस बल को भी रोका। 7 बजे जिला मुख्यालय से पुलिस बल पहुंचा और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह का कहना है मूर्ति क्षतिग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इसे लेकर धर्मगुरुओं से राय ली जा रही है। मामले की जांच करवाई जाएगी।

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