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दुधाखेड़ी में तीसरे दिन मंदिर क्षेत्र में विधायक व सांसद पहुंचे

मंदसौर के दुधाखेड़ी में तीसरे दिन मंदिर क्षेत्र में विधायक व सांसद पहुंचे व लोगों से बात की। यहां अब भी भारी पुलिस बल लगा हुआ है। इन सब के बीच तीसरे दिन यहां शांति रही।

ये है पुरा मामला
मंदसौर मुख्यालय से करीब 120 किमी दूर ग्राम दुधाखेड़ी में माता रानी के मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था। यहां लोगों का शुरू से कहना था कि मंदिर निर्माण कार्य में जो सामग्री का उपयोग हो रहा है, वो गुणवत्ता वाला नहीं है। इसके बाद भी निर्माण कार्य लगातार चलता रहा। शुक्रवार शाम को अचानक चबुतरा धराशायी हो गया। इसके बाद जैसे-जैसे ये बात लोगों को पता चली लोग नाराज होते गए। शुक्रवार को तो तहसीलदार के वाहन में तोडफ़ोड़ के अलावा एसडीआपी सहित अन्य अधिकारियों के साथ मारपीट भी हुई। इसके अलावा सैकड़ों लोग रोड पर उतर गए। जिले में अनेक गांव में प्रदर्शन हुए। इसके अलावा रोड बंद करने से लेकर रोड खोदकर खाई बनाने के काम भी हुए।

आग की तरह बढ़ता रहा प्रदर्शन
शुकव्रार शाम को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन जंगल की आग की तरह बढ़ता गया। शुक्रवार को पुलिस पुरे मामले को समझ ही नहीं पाई। इसके बाद शनिवार को तो सुबह से बवाल शुरू हो गया। स्थिति ये रही कि 100 से अधिक गांव स्वेच्छा से बंद रहे। इसके अलावा जगह-जगह प्रदर्शन हुए। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से लेकर विधायक चंद्रसिंह सिसौदिया के पुतले जलाए। यहां तक की हिंदूवादी संगठनों ने तो मंदसौर सहित जिले में अनेक स्थान पर घुमघुमकर प्रदर्शन किए। लोग विधायक व एसडीओ के त्यागपत्र के लिए अडे़ हुए थे। श्ंाकराचार्य से लेकर कांगे्रस के वरिष्ठ नेता दिग्वीजयसिंह ने लोगों से शांति की अपील की। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजेश यादव ने भी बयान जारी किया। रविवार को पहुंचे सांसद व विधायक
रविवार को सांसद सुधीर गुप्ता व विधायक सिसौदिया दुधाखेड़ी गांव पहुंचे। यहां विधायक व सांसद ने घटना का ेदुखद बताते हुए लोगों से संयम की अपील की। इस बीच मामले की जांच के पूर्व एसडीओ की गिरफ्तारी के बारे में भी लोगों को बताया। इसके बाद करीब 40 मिनट तक ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों की बात हुई। इस दौरान भक्तों के अलावा भारी पुलिस बल गांव व मंदिर क्षेत्र में रहा। रविवार को रोज की तरह बाजार खुले, लेकिन जिले में शांति रही।

सुरक्षा में पहुंचे विधायक, मंदिर निर्माण के लिए दिए 51 लाख
दूधाखेड़ी माताजी मंदिर के गर्भ गृह धंसने की घटना के तीसरे दिन रविवार को दोपहर 1 बजे विधायक चंदरसिंह सिसौदिया मंदिर पहुंचे। उनके प्रति लोगों की नाराजगी के चलते भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। विधायक की सुरक्षा के लिए पुलिस के अलावा निजी लोग भी बंदूक लेकर साथ चल रहे थे। यहां विधायक ने सफाई दी कि उनका ठेकेदार से कोई लेन-देन नहीं है और निर्माण कार्य रोकने में भी उनकी कोई भूमिका नहीं है। ऐसा प्रचारित कर विरोधियों द्वारा उनके खिलाफ षड़यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए 51 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। विधायक एक घंटे से अधिक समय तक मंदिर परिसर में रुके। इस दौरान उन्होंने लोगों को 15 मिनट संबोधित कर सफाई दी। जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष मदनलाल राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

किसी को नहीं जाने दिया अंदर- विधायक सिसौदिया ने गर्भगृह के पास पहुंचकर माताजी के दर्शन किए और लेागों को संबोधित किया। गर्भगृह की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने बैरिकैड्स लगा दिए ताकि कोई भी अंदर नहीं जा सके। विधायक के साथ उनके समर्थक थे। विरोध व आक्रोश के कारण उज्जैन-रतलाम का बल तैनात था- आक्रोश के चलते मंदिर पर एएसपी एसएस कनेश के साथ ही उज्जैन, रतलाम, नीमच और मंदसौर का बल लगा। ए़डीएम अर्जुनसिंह डाबर, एसडीएम प्रकाश नायक मौजूद रहे। डीआईजी अविनाश शर्मा और कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह भी मंदिर पहुंचे।

दिए निर्देश, एक से डेढ़ महीने में ही दिखने लगेगा काम
मंदिर समिति अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री एसके बंसल को तत्काल काम शुरू करवाने के लिए कहा। उन्होंने कहा अब जब यहां से मूर्ति को अन्यत्र स्थापित कर दिया गया है तो तेजी से मंदिर के गर्भगृह सहित अन्य काम करवाएं ताकि माताजी की प्रतिमा को जल्दी से उनके मूल स्थान पर लाया जा सके। डीआईजी ने एएसपी को निर्माण के दौरान मिट्टी ना धंस जाए इसके लिए निर्माण वाले हिस्से को नो मेंस लेंड बनाने के लिए कहा।

गुणवत्ता के साथ गर्भगृह का निर्माण पूरा करें – प्रभारी मंत्री
दूधाखेड़ी माताजी मंदिर के गर्भगृह का निर्माण जल्द पूरा किया जाए। इसमें गुणवत्ता व पारदर्शिता का ध्यान रखा जाए। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिले की प्रभारी अर्चना चिटनीस ने रविवार को दूधाखेडी माता मंदिर का नवनिर्माण कर रही एजेंसी को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा मंदिर का निर्माण कार्य संत, महंतों, धर्माचार्यों सहित दूधाखेडी ग्राम के निवासियों की स्थानीय समिति की निगरानी में ही पूरा कराया जाए।

दूधाखेड़ी: प्रतिमा मंदिर के दूसरी तरफ स्थापित
रविवार को माताजी की प्रतिमा को निर्माण स्थल से हटाकर पुरानी धर्मशाला के स्थान पर स्थापित करवाया। ताकि मंदिर का निर्माण एक साथ हो सके। माताजी के विग्रह को स्थापना करने और पूजा अर्चना करने के लिए संत गण भी पहुंचे। भानपुरा शंकराचार्य मठ से ज्ञानानंदजी महाराज, मंदसौर से नित्यानंदजी महाराज सहित अन्य संत पहुंचे और माताजी की प्रतिमा की स्थापना करवाई।

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