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दुधाखेड़ी माताजी का मंदिर नवनिर्माण कार्य के दोरान ढहा – श्रृद्धालुओं का फुटा आक्रोश

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर का चबूतरा गिरने के बाद माता की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। इससे ग्रामीण व आसपास के लेाग नाराज हो गए। इस बात की सूचना तेजी से फेली की मंदिर में मुर्ति क्षतिग्रस्त हुई है। इसके बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। नाराज लोगों को किसी ने हवा दे दी। इसके बाद पहले जमकर तोडफ़ोड़ शुरू हो गई। मंदिर के र्काालय में नाराज लोगों ने आग लगा दी। बाद में नाराज लोग नारे लगाते हुए मंदिर कार्यालय से बाहर आए व रोड किनारे मंदिर के समीप पडे़ वाहनों में आग लगा दी। इसके अलावा जमकर तोडफ़ोड़ भी की गई।
दूधाखेडी माता मंदिर परिसर मे आज शाम हुई दुर्घटना की तकनीकी और मजिस्ट्रियल जांच होगी। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि मामले की तकनीकी जांच अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण और कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग करेंगे। तकनीकी जांच दल में इंजीनियरिंग कालेज उज्जैन के विशेषज्ञ स्टाफ को भी शामिल किया जायेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच में इस दुर्घटना के पूरे घटनाक्रम सहित सभी पहलुओं की जाँच कराई जायेगी।

निर्माण विभाग के प्रभारी एसडीओ गरोठ निलम्बित मंदिर निर्माण करने वाली ठेकेदार कम्पनी पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी
दूधाखेडी माता मंदिर परिसर मे हुई दुर्घटना मामले में लोक निर्माण विभाग के प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) गरोठ श्री कमल जैन को निलम्बित कर दिया गया है। कलेक्टर श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर का निर्माण कर रही ठेकेदार कम्पनी मोहक स्टोन क्राफ्ट प्रायवेट लिमिटेड अहमदाबाद पर लापरवाही बरतने के कारण एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दे दिये गये हैं।

पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट
मामले की सूचना मिलने के बाद भानपुरा सहित आसपास के क्षेत्र का पुलिस बल गांव में पहुंचा। नाराज लोगों ने पुलिस के साथ शुरू में जमकर झुमाझटकी की। इसके बाद जब एसडीआेपी अशोक उपाध्याय ने बीच-बचाव समझाने का प्रयास किया तो प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके साथ भी भीड़ ने मारपीट की। फिलहाल भानपुरा आने-जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। आसपास से भी पुलिस बल को बुलवाया गया है। जिले के अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना स्थल के लिए रवाना हो गए है।

पुलिस की कार्रवाई शुरू
फिलहाल पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया है। लोगों की धड़पकड़ शुरू हो गई है। पुलिस ने जिले के लोगों ने संयम व शांति रखने व किसी भी प्रकार की अफवाह से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस कप्तान ने बताया कि किसी शरारती तत्व के द्वारा मामले को तुल देने की वजह से ये घटना हुई है। इस प्रकार के लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। अफवाह फेलाने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।

ये है दूधाखेड़ी माताजी मंदिर का इंतिहास
अनादिकाल से आद्य शक्ति के रूप में दुधाखेड़ी मां के मंदिर के महत्व मालवा, मेवाड़ व हाड़ोती अंचल के सुदूर गांव में सुप्रतिष्ठित है। मंदसौर से 124 किलोमीटर दूर एवं तहसील भानपुरा से गरोठ रोड पर 10 किलोमीटर दूर दूधाखेड़ी माताजी का यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। माताजी पंचमुखी रूप में विराजित है। प्रतिमा के सम्मुख अतिप्राचीन एक अखंड ज्योत प्रज्जवलित है। लोक मान्यता है कि ये पौराणिक नरेश मोरध्वज की आराध्या देवी थी। स्थापत्य इतिहास की दृष्टि से 13वीं सदी से निरंतर यहां पूजा-अर्चना का प्रमाण मिलता है।

अहिल्याबाई ने धर्मशाला बनवाई
मराठाकाल में लोकमाता अहिल्याबाई ने धर्मशाला बनवाई। कोटा के मुहासिब आलाए झाला जालिम सिंह की यह आराध्या देवी रही। इन्होंने यहां धर्मशाला व ग्वालियर नरेश सिंधियां ने भी यहां धर्मशाला बनवाई। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं। लकवा बीमारी से पीडि़त यहां स्वास्थ्य लाभ लेते देखे जाते हैं।
दैहिक, दैविक और भौतिक कष्ट का निवारण होता है। 40 वर्ष पूर्व आकाश से बिजली गिरने से हुए चमत्कार के कारण प्रचलित बलि प्रथा हमेशा के लिए बंद हो गई और उसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई। दोनों नवरात्री में मेला लगता है। लाखों श्रद्धालु धर्मलाभ प्राप्त करते हैं। प्रबंध समिति की और से मुर्गा व बकरा चिन्ह अंकित चांदी के सिक्के श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहते हैं। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से मालवा अंचल का यह बेजोड़ स्थल है।

34.18 करोड के होने है निर्माण कार्य
भानपुरा तहसील में स्थित दुधाखेड़ी माता मंदिर में करीब 34.18 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न श्रेणी के निर्माण कार्य होने हैे। दोनों स्थलों पर अधोसंरचनात्मक विकास, जीर्णोद्घार, मरम्मत, साफ.सफाई पहुंच सडक़ निर्माण, पेवर ब्लॉक लगाने के आकर्षक सौंदर्यीकरण तथा व्यापक प्रचार-प्रसार से जुड़े ये सभी काम जल्द ही शुरू होने थे। मंदिर परिसर में 1.41 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर बनाया जाना है।

मंदिर की प्रस्तावित नवीन कार्य योजना

मंदिर जीर्णोद्धार निर्माण सौन्दर्यीकरण – 22.00 करोड़
मंदिर पहुँच फोरलेन मार्ग – 4.79 करोड़
फिजियोथेरेपी सेन्टर निर्माण – 1.00 करोड़
मंदिर भूमि पर चेनल फैंसिंग – 0.34 करोड़
पेयजल ओवरहेड टैंक हाईमास्क – 0.49 करोड़
सुलभ कॉम्प्लेक्स – 0.40 करोड़
भोजन शाला / संस्कृत पाठशाला निर्माण – 0.98 करोड़
कुल लागत योग – 30.00 करोड़

तीन वाहनों सहित मंदिर के कार्यालय में आग लगा दी। पुलिस ने जब पहुंच कर बीच-बचाव किया तो उनक साथ भी झुमाझटकी व मारपीट की गई। मंदसौर में मंदिर का चबूतरा गिरा, गुस्साई भीड़ ने वाहनों में लगाई आग

भगवान को भी नही छोड रहे भ्रष्ट ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और माताजी का चबूतरा गिर गया एसे भ्रष्ट ठेकेदार को माताजी कभी माफ नहीं करेगी और बरबाद कर देगी ? मन्दसौर के पास दुधाखेड़ी माताजी मंदिर मे माता जी की मूर्तियाॅ अव्यवस्था के चलते नीचे गिर गयी है एवं माता जी का चबूतरा भी गिर गया है
दुधाखेड़ी माताजी के दरबार मे जो आज हुआ वह घोर निंदनीय है। इससे लाखो लोगो की भावनाये आहत हुई है
दुधाखेड़ी माताजी दुनिया के करोड़ो लोगो की आस्था का केन्द्र है वहा भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओ के चलते सब की आस्था की केन्द्र माता जी मूर्ति के टूट जाने की यह घटना घटित हुई है इस घटना के दोषी अधिकारियो एवं इंजीनियर्स को तत्काल निलम्बित किया जाकर गिरफ्तार किया जावे, साथ ही माताजी के यहा हो रहे घटिया निर्माण कार्यो की उच्च स्तरीय जांच हो!

दुधाखेडी माताजी मंदिर के ढहने से ग्रामीणों भरी आक्रोश
ऐसी उड़ाती खबर है क़ि मुख्यमंत्री को अब याद आ रहे है विद्वान् पंडित जो मामले में शास्त्रोक्त विधि से शांति स्थापित कर पाए
गरोठ प्रतिनिधि के अनुसार पुलिस वालों पर भी ग्रामीणों का गुस्सा फूटा। आक्रोश भक्तो को सरकारी मशीनरी से भरोसा पूरीतरह टूट गया है मंदिर के दोनों तरफ के रास्ते ब्लॉक कर दिये है। लोकनिर्माण के इंजीनियर को निलंबित किया जा सकता है। उधर कलेक्टर ने भी जांच के आदेश दे दिए है। विधायक चन्दर सिंह सिसौदिया के खिलाफ भी स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। ऐसडीओपि उपाध्याय व टी आई बिलोनिया को भी ग्रामीणों के कोप का भाजन बनाना पड़ा।

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